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Shamli News: छात्र-छात्राओं को भारतीय पौराणिक नृत्यकला से कराया परिचित
Sat, 04 May 2024 12:02 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 04 May 2024 12:02 AM IST
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शामली। सेंट आरसी कॉन्वेंट स्कूल में विद्यार्थियों को भारतीय पौराणिक नृत्यकला से परिचित कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्था स्पीक मैके के तत्वाधान में एक सांस्कृतिक नृत्य प्रोग्राम का आयोजन किया गया। जिसमें लोक नृत्य के प्रसिद्ध कलाकार राकेश साई बाबू ने मयूरभंज छऊ नृत्य का शानदार प्रदर्शन कर अपनी नृत्यकला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राजकुमार अग्रवाल, आरएम तिवारी, नगर पालिका चेयरमैन अरविंद संगल और प्रधानाचार्या उज्मा जैदी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर भारतीय संस्कृति और विरासत के परिचायक लोक नृत्य में अग्रणी प्रसिद्ध भारतीय कलाकार राकेश साई बाबू ने शहनाई वादक योगेश कुमार, धुनसा के साथ प्रशांत कुमार, मंगराज एवं ढोल वादक रामहरि मोंहता के साथ परंपरागत लोक संगीत की धुन पर अपनी भाव भंगिमाओं और नृत्य के माध्यम से शास्त्रीय मार्शल आर्ट, मां दुर्गा, भगवान श्रीकृष्ण, शिवतांडव, रामायण के पात्रों में श्रीराम, लक्ष्मण, रावण, जटायु के पात्रों को नृत्य रूप में ढालकर शानदार रूप में प्रस्तुति दी। इसके साथ-साथ उन्होंने सीता स्वयंवर के धनुषभंग व परशुराम क्रोध, लक्ष्मण संवाद, अर्जुन द्वारा मछली की आंख भेदना आदि दृश्यों को ओडिसा के सुप्रसिद्ध मयूरभंज छऊ नृत्य के साथ जीवतता के साथ प्रस्तुत किया।
इसके अतिरिक्त राकेश साई बाबू ने पुरातन काल में किस प्रकार सैनिक तलवार और ढाल के साथ युद्ध करते थे, भारतीय सैनिक किस प्रकार परेड़ में चलते हैं, गदा चलाना, भाला फेंकना, कत्थक डांस, उड़ीसा के ओडिसी नृत्य, आंध प्रदेश के कुचिपुडी, तमिलनाडु के भरत नाट्यम आदि नृत्य का प्रदर्शन कर विद्यार्थियों को इन नृत्य कलाओं से रूबरू कराया।
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नगर पालिका चेयरमैन अरविंद संगल ने राकेश साई बाबू व अन्य कलाकारों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि एक ही मंच पर एक ही कलाकार द्वारा देवता, देवी, राक्षस, हिरन व जटायु पक्षी आदि को नृत्य कला द्वारा प्रदर्शित करना अद्भुत हैं। इस दौरान स्कूल शिक्षक और शिक्षिका मौजूद रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राजकुमार अग्रवाल, आरएम तिवारी, नगर पालिका चेयरमैन अरविंद संगल और प्रधानाचार्या उज्मा जैदी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर भारतीय संस्कृति और विरासत के परिचायक लोक नृत्य में अग्रणी प्रसिद्ध भारतीय कलाकार राकेश साई बाबू ने शहनाई वादक योगेश कुमार, धुनसा के साथ प्रशांत कुमार, मंगराज एवं ढोल वादक रामहरि मोंहता के साथ परंपरागत लोक संगीत की धुन पर अपनी भाव भंगिमाओं और नृत्य के माध्यम से शास्त्रीय मार्शल आर्ट, मां दुर्गा, भगवान श्रीकृष्ण, शिवतांडव, रामायण के पात्रों में श्रीराम, लक्ष्मण, रावण, जटायु के पात्रों को नृत्य रूप में ढालकर शानदार रूप में प्रस्तुति दी। इसके साथ-साथ उन्होंने सीता स्वयंवर के धनुषभंग व परशुराम क्रोध, लक्ष्मण संवाद, अर्जुन द्वारा मछली की आंख भेदना आदि दृश्यों को ओडिसा के सुप्रसिद्ध मयूरभंज छऊ नृत्य के साथ जीवतता के साथ प्रस्तुत किया।
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इसके अतिरिक्त राकेश साई बाबू ने पुरातन काल में किस प्रकार सैनिक तलवार और ढाल के साथ युद्ध करते थे, भारतीय सैनिक किस प्रकार परेड़ में चलते हैं, गदा चलाना, भाला फेंकना, कत्थक डांस, उड़ीसा के ओडिसी नृत्य, आंध प्रदेश के कुचिपुडी, तमिलनाडु के भरत नाट्यम आदि नृत्य का प्रदर्शन कर विद्यार्थियों को इन नृत्य कलाओं से रूबरू कराया।
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नगर पालिका चेयरमैन अरविंद संगल ने राकेश साई बाबू व अन्य कलाकारों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि एक ही मंच पर एक ही कलाकार द्वारा देवता, देवी, राक्षस, हिरन व जटायु पक्षी आदि को नृत्य कला द्वारा प्रदर्शित करना अद्भुत हैं। इस दौरान स्कूल शिक्षक और शिक्षिका मौजूद रहे।