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‘कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार का धर्म और कर्म’
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शामली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सोमवार को कृषि विज्ञान केंद्र शामली के प्रशासनिक भवन का वर्चुअल लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार का धर्म और कर्म है। भाजपा सरकार में कृषि समेत समग्र विकास की दृष्टि से उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्य बन गया है।
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रोद्यौगिक विवि मेरठ के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र शामली के प्रशासनिक भवन का वर्चुअल लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि गन्ना उत्पादक के रुप में किसान तकनीकी से जुड़ें। दलहन-तिलहन व बागवानी फसलों की ओर से ध्यान दें। जिससे किसानों की आय दुगनी हो सके। पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान गन्ना तो उगाता था, लेकिन भुगतान नहीं होता था। अब भुगतान के अधिकांश प्रकरण निपटान में राज्य सरकार ने अच्छी भूमिका का निर्वाह किया है। चीनी मिलों की रिकवरी भी श्रेष्ठ है। जिसका लाभ किसानों को मिल रहा है।
उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि समूचे उत्तर प्रदेश गन्ना खरीद के मामले में किसान आंदोलन होते थे। प्रदेश में गन्ना खरीद का आंकड़ा बढ़ा है। दलहन-तिलहन की खरीद भी बढ़ाई गई है। जिसका फायदा किसानों की आमदनी की दृष्टि से हो रहा है। उन्होंने केंद्र और प्रदेश की सरकार की उपलब्धियों की जानकारी दी।
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कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी, प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्यमंत्री लाखन सिंह राजपूत, गन्ना मंत्री सुरेश राणा, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्र, उपनिदेशक कृषि प्रसार डॉ. एके सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आरके मित्तल ने भी विचार रखे। मौके पर कैराना सांसद प्रदीप चौधरी, विधायक विक्रम सैनी, शामली कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी सतीश कुमार, कृषि वैज्ञानिक एसपी सिंह, डॉ. विकास मलिक, डॉ. ओमकार सिंह मौजूद रहे।
राज्यपाल को करना था लोकार्पण
कृषि विज्ञान केंद्र का प्रशासनिक कार्यालय भवन डेढ़ करोड़ की लागत से छह माह पूर्व बनकर तैयार हो गया था। प्रशासनिक कार्यालय के लोकार्पण के लिए राज्यपाल से कार्यक्रम में आने का अनुरोध किया गया था। राज्यपाल ने एकबार कार्यक्रम की स्वीकृति दे दी थी, लेकिन ऐन वक्त में कार्यक्रम टल गया था।
किसानों और बेरोजगार युवकों को मिलेगा प्रशिक्षण
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक ने बताया कि इस भवन के बनने से अब जनपद के किसानों को ऑन कैंपस प्रशिक्षण देना संभव होगा। कृषि संबंधित विभागों को भी यहां पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। बेरोजगार युवकों को भी प्रशिक्षण का कार्य कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से किया जाता है। प्रशासनिक भवन में एक सभागार, एक प्रशिक्षण कक्ष, छह वैज्ञानिकों के कार्यालय और एक गन्ना हेल्थ क्लीनिक का निर्माण कराया गया है।
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केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रोद्यौगिक विवि मेरठ के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र शामली के प्रशासनिक भवन का वर्चुअल लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि गन्ना उत्पादक के रुप में किसान तकनीकी से जुड़ें। दलहन-तिलहन व बागवानी फसलों की ओर से ध्यान दें। जिससे किसानों की आय दुगनी हो सके। पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान गन्ना तो उगाता था, लेकिन भुगतान नहीं होता था। अब भुगतान के अधिकांश प्रकरण निपटान में राज्य सरकार ने अच्छी भूमिका का निर्वाह किया है। चीनी मिलों की रिकवरी भी श्रेष्ठ है। जिसका लाभ किसानों को मिल रहा है।
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उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि समूचे उत्तर प्रदेश गन्ना खरीद के मामले में किसान आंदोलन होते थे। प्रदेश में गन्ना खरीद का आंकड़ा बढ़ा है। दलहन-तिलहन की खरीद भी बढ़ाई गई है। जिसका फायदा किसानों की आमदनी की दृष्टि से हो रहा है। उन्होंने केंद्र और प्रदेश की सरकार की उपलब्धियों की जानकारी दी।
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कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी, प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्यमंत्री लाखन सिंह राजपूत, गन्ना मंत्री सुरेश राणा, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्र, उपनिदेशक कृषि प्रसार डॉ. एके सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आरके मित्तल ने भी विचार रखे। मौके पर कैराना सांसद प्रदीप चौधरी, विधायक विक्रम सैनी, शामली कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी सतीश कुमार, कृषि वैज्ञानिक एसपी सिंह, डॉ. विकास मलिक, डॉ. ओमकार सिंह मौजूद रहे।
राज्यपाल को करना था लोकार्पण
कृषि विज्ञान केंद्र का प्रशासनिक कार्यालय भवन डेढ़ करोड़ की लागत से छह माह पूर्व बनकर तैयार हो गया था। प्रशासनिक कार्यालय के लोकार्पण के लिए राज्यपाल से कार्यक्रम में आने का अनुरोध किया गया था। राज्यपाल ने एकबार कार्यक्रम की स्वीकृति दे दी थी, लेकिन ऐन वक्त में कार्यक्रम टल गया था।
किसानों और बेरोजगार युवकों को मिलेगा प्रशिक्षण
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक ने बताया कि इस भवन के बनने से अब जनपद के किसानों को ऑन कैंपस प्रशिक्षण देना संभव होगा। कृषि संबंधित विभागों को भी यहां पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। बेरोजगार युवकों को भी प्रशिक्षण का कार्य कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से किया जाता है। प्रशासनिक भवन में एक सभागार, एक प्रशिक्षण कक्ष, छह वैज्ञानिकों के कार्यालय और एक गन्ना हेल्थ क्लीनिक का निर्माण कराया गया है।