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Shamli News: कुछ समितियों पर लटके ताले तो कहीं मिल रहा सिर्फ आश्वासन
Sat, 30 Nov 2024 12:19 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 30 Nov 2024 12:19 AM IST
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शामली गन्ना समिति कार्यालय में बंद पडा खाइ गोदाम । संवाद
शामली। रबी सीजन में फसलों की बुवाई के समय खाद का संकट बना हुआ है। एक तरफ अधिकारी खाद की कमी न होने देने का दावा कर रहे हैं, वहीं समितियों पर पहुंचने वाले किसानों को खाद के बजाय आश्वासन दिया जा रहा है। कुछ समितियों पर ताले लटके हुए हैं।
गन्ना समिति गोदाम शामली
यहां गोदाम बंद मिला। मन्ना माजरा के किसान इकराम ने बताया कि उन्हें डीएपी लेनी थी, लेकिन नहीं मिल पा रही है। गांव लिलौन के ओमसिंह का कहना है कि उसे बाजार में भी डीएपी नहीं मिली, गेहूं की बुवाई करनी थी, पिछले एक सप्ताह से चक्कर काट रहे हैं। राजबीर सिंभालका ने बताया कि वह सुबह से ही कार्यालय खुलने के इंतजार में बैठा है। गन्ना पर्यवेक्षक हाशिम ने बताया कि डीएपी नहीं है, केवल यूरिया ही उपलब्ध है। गोदाम केवल मंगलवार व शुक्रवार को खुलता है।
शामली की मंडी के पास इफको सेंटर
गोदाम तो खुला हुआ था मगर केवल यूरिया का स्टाॅक मिला। यहां के कर्मचारी ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से डीएपी व एनपीके नहीं है। शामली के किसान राजबीर ने बताया कि वह तीन दिन से चक्कर काट रहा है। डीएपी न तो बाजार में है और न ही समितियों पर मिल रही है, जिस कारण उसके गेहूं की बुआई नहीं हो रही है।
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ऊन की ग्रामीण सहकारी समिति
समिति पर यूरिया नहीं था। सचिव मोनू कुमार ने बताया कि गोदाम में यूरिया कल ही खत्म हुई है, एक दो दिन में आ जाएगा, एनपी भरपूर मात्रा में है। वहीं सहकारी गन्ना समिति पर ताला लगा मिला। गन्ना पर्यवेक्षक अनंगपाल से बात करनी चाही उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
झिंझाना का कृषि कल्याण केंद्र
-यहां पर ताला लगा हुआ था। किसान ताला लगा देखकर लौट रहे थे।
कैराना का ऊंचा गांव
समिति पर किसान यूरिया लेते मिले। किसान उमेश ने बताया कि वह डीएपी लेने आया था, लेकिन गोदाम में डीएपी नहीं मिली, जिस कारण उसे लौटना पड़ा।
बाजारों में भी चल रही किल्लत
शामली। वीवी इंटर कॉलेज रोड के दुकानदार मनोज कुमार, ऋषि का कहना है कि डीएपी, एनपीके की कमी चल रही है। ऊपर से ही स्टॉक नहीं आ पर रहा है, जिसके कारण किसानों को भी लौटना पड़ रहा है। एक माह से अधिक दिक्कत चल रही है।
जनपद में लगातार खाद की रैक आ रही है और समितियाें पर भी पहुंच रही है। दो दिन पूर्व ही गुजरात से 840 मीट्रिक टन डीएपी व एनपीके की रैक आई है। दो दिन के अंदर सभी समितियों पर रैक पहुंच जाएगी। इसके बाद खाद की किल्लत खत्म हो जाएगी। -प्रदीप कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी
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गन्ना समिति गोदाम शामली
यहां गोदाम बंद मिला। मन्ना माजरा के किसान इकराम ने बताया कि उन्हें डीएपी लेनी थी, लेकिन नहीं मिल पा रही है। गांव लिलौन के ओमसिंह का कहना है कि उसे बाजार में भी डीएपी नहीं मिली, गेहूं की बुवाई करनी थी, पिछले एक सप्ताह से चक्कर काट रहे हैं। राजबीर सिंभालका ने बताया कि वह सुबह से ही कार्यालय खुलने के इंतजार में बैठा है। गन्ना पर्यवेक्षक हाशिम ने बताया कि डीएपी नहीं है, केवल यूरिया ही उपलब्ध है। गोदाम केवल मंगलवार व शुक्रवार को खुलता है।
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शामली की मंडी के पास इफको सेंटर
गोदाम तो खुला हुआ था मगर केवल यूरिया का स्टाॅक मिला। यहां के कर्मचारी ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से डीएपी व एनपीके नहीं है। शामली के किसान राजबीर ने बताया कि वह तीन दिन से चक्कर काट रहा है। डीएपी न तो बाजार में है और न ही समितियों पर मिल रही है, जिस कारण उसके गेहूं की बुआई नहीं हो रही है।
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ऊन की ग्रामीण सहकारी समिति
समिति पर यूरिया नहीं था। सचिव मोनू कुमार ने बताया कि गोदाम में यूरिया कल ही खत्म हुई है, एक दो दिन में आ जाएगा, एनपी भरपूर मात्रा में है। वहीं सहकारी गन्ना समिति पर ताला लगा मिला। गन्ना पर्यवेक्षक अनंगपाल से बात करनी चाही उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
झिंझाना का कृषि कल्याण केंद्र
-यहां पर ताला लगा हुआ था। किसान ताला लगा देखकर लौट रहे थे।
कैराना का ऊंचा गांव
समिति पर किसान यूरिया लेते मिले। किसान उमेश ने बताया कि वह डीएपी लेने आया था, लेकिन गोदाम में डीएपी नहीं मिली, जिस कारण उसे लौटना पड़ा।
बाजारों में भी चल रही किल्लत
शामली। वीवी इंटर कॉलेज रोड के दुकानदार मनोज कुमार, ऋषि का कहना है कि डीएपी, एनपीके की कमी चल रही है। ऊपर से ही स्टॉक नहीं आ पर रहा है, जिसके कारण किसानों को भी लौटना पड़ रहा है। एक माह से अधिक दिक्कत चल रही है।
जनपद में लगातार खाद की रैक आ रही है और समितियाें पर भी पहुंच रही है। दो दिन पूर्व ही गुजरात से 840 मीट्रिक टन डीएपी व एनपीके की रैक आई है। दो दिन के अंदर सभी समितियों पर रैक पहुंच जाएगी। इसके बाद खाद की किल्लत खत्म हो जाएगी। -प्रदीप कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी