{"_id":"69a09b273a67873617053e18","slug":"show-cause-notice-to-five-bodies-shamli-news-c-26-1-sal1002-160459-2026-02-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: पांच निकायों को कारण बताओ नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: पांच निकायों को कारण बताओ नोटिस
Fri, 27 Feb 2026 12:42 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 27 Feb 2026 12:42 AM IST
विज्ञापन
शामली। कलक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को बैठक में डीएम ने शहरी निकायों द्वारा जल उपचार एवं जल गुणवत्ता की स्थिति की समीक्षा करते हुए जल नमूनों के परीक्षण एवं उपचार से संबंधित प्रावधानों का अनुपालन ना करने पर झिंझाना, कैराना, शामली, एलम तथा गढ़ीपुख्ता नगर निकायों को कारण बताओ नोटिस के निर्देश दिए।
डीएम ने जिन बिंदुओं पर कमी दिखी उसमें सुधार के निर्देश दिए। जिला गंगा समिति की बैठक में एक जनपद-एक नदी योजना के अंतर्गत खोखरी नदी को पूर्ववत चयनित रखने का निर्णय लिया गया।
वृक्षारोपण समिति की समीक्षा के दौरान सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि वर्ष 2020-21, 2021-22एवं 2022-23 में किए गए पौधरोपण की थर्ड पार्टी मॉनिटरिंग हेतु आवश्यक सूचना एवं अभिलेख समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराए जाएं। डीएम ने वन विभाग को नवीन कलक्ट्रेट में पौधरोपण हेतु निर्देशित किया गया।
विज्ञापन
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी जगदेव सिंह, लोक निर्माण विभाग, उद्योग विभाग, ड्रैनेज खंड, कृषि विभाग, पीडब्ल्यूडी, उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सिंचाई विभाग, पंचायती राज विभाग, परिवहन विभाग आदि विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
डीएम ने जिन बिंदुओं पर कमी दिखी उसमें सुधार के निर्देश दिए। जिला गंगा समिति की बैठक में एक जनपद-एक नदी योजना के अंतर्गत खोखरी नदी को पूर्ववत चयनित रखने का निर्णय लिया गया।
विज्ञापन
वृक्षारोपण समिति की समीक्षा के दौरान सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि वर्ष 2020-21, 2021-22एवं 2022-23 में किए गए पौधरोपण की थर्ड पार्टी मॉनिटरिंग हेतु आवश्यक सूचना एवं अभिलेख समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराए जाएं। डीएम ने वन विभाग को नवीन कलक्ट्रेट में पौधरोपण हेतु निर्देशित किया गया।
विज्ञापन
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी जगदेव सिंह, लोक निर्माण विभाग, उद्योग विभाग, ड्रैनेज खंड, कृषि विभाग, पीडब्ल्यूडी, उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सिंचाई विभाग, पंचायती राज विभाग, परिवहन विभाग आदि विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।