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निराश्रित गोवंश के लिए जल्द शुरू होगा आश्रय स्थल
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थानाभवन में निर्माणाधीन गो संरक्षण केंद्र
- फोटो : SHAMLI
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निराश्रित गोवंश के लिए जल्द शुरू होगा आश्रय स्थल
शामली। सर्दी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में निराश्रित गोवंशों को सुरक्षित रखने के लिए कवायद शुरू हो गई है। गांव नंगली जमालपुर में बने गोआश्रय स्थल में शीघ्र ही पशुओं को रखा जाएगा। इसके साथ ही थानाभवन में भी गोआश्रय स्थल का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। दोनों की क्षमता 200-200 पशुओं को रखने की है।
जनपद में अभी केवल एक वृहद गोआश्रय स्थल बनत में चल रहा है। इसके अलावा 27 गोआश्रय स्थल अस्थायी रूप से संचालित किए जा रहे हैं। इन आश्रय स्थलों में सर्दी से बचाव के पूरे इंतजाम नहीं हैं। सर्दी बढ़ रही है और निराश्रित पशुओं को सर्दी से बचाने की चुनौती है। शासन ने भी सर्दी को देखते हुए गोवंशों के लिए सर्दी से बचाव के पूरे इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। गांव नंगली जमालपुर में गोआश्रय स्थल बनकर तैयार हो चुका है। दो-तीन दिन में इसमें अस्थायी आश्रय स्थलों से पशुओं को ले जाकर रखा जाएगा। आश्रय स्थल की क्षमता 200 पशुओं की है। इसमें चार शेड बने हुए हैं। इसके अलावा थानाभवन में भी एक करोड़ रुपये की लागत से एक वृहद गो आश्रय स्थल का निर्माण चल रहा है। इसका निर्माण भी जल्द पूरा हो जाएगा। इसमें भी 200 पशुओं को रखा जा सकता है।
गोआश्रय स्थलों में रखे गए हैं 3471 पशु
शामली। जिले में वर्तमान में 27 अस्थायी तथा एक वृहद गो आश्रय स्थल संचालित हैं। इनमें 3471 पशुओं को संरक्षित किया गया है, जबकि 965 पशुओं को मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत पशुपालकों को दिया गया है।
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इन्होंने कहा...
आश्रय स्थलों में रखे गए गोवंशों को सर्दी से बचाने के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं। नंगली जमालपुर का आश्रय स्थल तैयार हो चुका है। इसमें शीघ्र पशुओं को स्थानांतरित किया जाएगा। इसके अलावा थानाभवन में भी एक वृहद गोआश्रय स्थल का निर्माण चल रहा है।
- डा. यशवंत सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
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शामली। सर्दी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में निराश्रित गोवंशों को सुरक्षित रखने के लिए कवायद शुरू हो गई है। गांव नंगली जमालपुर में बने गोआश्रय स्थल में शीघ्र ही पशुओं को रखा जाएगा। इसके साथ ही थानाभवन में भी गोआश्रय स्थल का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। दोनों की क्षमता 200-200 पशुओं को रखने की है।
जनपद में अभी केवल एक वृहद गोआश्रय स्थल बनत में चल रहा है। इसके अलावा 27 गोआश्रय स्थल अस्थायी रूप से संचालित किए जा रहे हैं। इन आश्रय स्थलों में सर्दी से बचाव के पूरे इंतजाम नहीं हैं। सर्दी बढ़ रही है और निराश्रित पशुओं को सर्दी से बचाने की चुनौती है। शासन ने भी सर्दी को देखते हुए गोवंशों के लिए सर्दी से बचाव के पूरे इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। गांव नंगली जमालपुर में गोआश्रय स्थल बनकर तैयार हो चुका है। दो-तीन दिन में इसमें अस्थायी आश्रय स्थलों से पशुओं को ले जाकर रखा जाएगा। आश्रय स्थल की क्षमता 200 पशुओं की है। इसमें चार शेड बने हुए हैं। इसके अलावा थानाभवन में भी एक करोड़ रुपये की लागत से एक वृहद गो आश्रय स्थल का निर्माण चल रहा है। इसका निर्माण भी जल्द पूरा हो जाएगा। इसमें भी 200 पशुओं को रखा जा सकता है।
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गोआश्रय स्थलों में रखे गए हैं 3471 पशु
शामली। जिले में वर्तमान में 27 अस्थायी तथा एक वृहद गो आश्रय स्थल संचालित हैं। इनमें 3471 पशुओं को संरक्षित किया गया है, जबकि 965 पशुओं को मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत पशुपालकों को दिया गया है।
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इन्होंने कहा...
आश्रय स्थलों में रखे गए गोवंशों को सर्दी से बचाने के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं। नंगली जमालपुर का आश्रय स्थल तैयार हो चुका है। इसमें शीघ्र पशुओं को स्थानांतरित किया जाएगा। इसके अलावा थानाभवन में भी एक वृहद गोआश्रय स्थल का निर्माण चल रहा है।
- डा. यशवंत सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।