फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Shamli: Gurnam Singh Chadhuni said - there is a government of capitalists in the country, not farmer friendly

Shamli: गुरनाम सिंह चढूनी बोले- देश में पूंजीपतियों की सरकार है, किसान हितैषी नहीं

Wed, 26 Jul 2023 01:19 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 26 Jul 2023 01:19 PM IST
सार

किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी आज शामली के जलालाबाद पहुंचे। यहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि देश व प्रदेश की सरकार किसान विरोधी है। पूंजिपतियों की सरकार है। कहा कि एमएसपी की गारंटी न देना किसानों के साथ धोखा है।

विज्ञापन
Shamli: Gurnam Singh Chadhuni said - there is a government of capitalists in the country, not farmer friendly
गुरनाम सिंह चढूनी - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

भारतीय किसान यूनियन चढूनी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि भारत में सरकारें अमेरिका के इशारे पर बनती हैं और अमेरिका इसलिए उन पार्टियों की मदद करता है ताकि वह सरकार बनने के बाद अमेरिका के इशारे पर कानून बना सकें।
विज्ञापन


 बुधवार को चढूनी थानाभवन विधायक अशरफ अली खान की माता के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए उनके आवास पर पहुंचे थे। यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि हाल ही में भारत सरकार ने कुछ कृषि कानून बनाए हैं और यह सभी कानून अमेरिका यानी डब्ल्यूटीओ के इशारे पर बने हैं। देश का दुर्भाग्य है कि यहां की सरकारें अमेरिका के इशारे पर बनती हैं। जबकि हम खुद को आजाद कहते हैं। यदि हम आजाद हैं तो हम अपने नियम कायदे बनाए।
विज्ञापन

बताया कि आज उत्तर प्रदेश में कोई एमएसपी नहीं है। लेकिन दुर्भाग्य यह है कि यहां एमएसपी के लिए कोई लड़ाई भी नहीं है। सरकार चाहती है कि डब्ल्यूटीओ से मुकाबला करने के लिए सस्ती फसल की पैदावार की जाए। इसके लिए है कृषि को प्राइवेट कंपनियों के हाथों में सौंपना चाहती है। क्योंकि कंपनियों का रिकॉर्ड पहले ही किसानों व आम जनता के विरुद्ध रहा है।

यदि ऐसा हुआ तो देश की जनता भूखे मरने के कगार पर आ जाएगी। आज देश की 23 करोड़ की आबादी के पास ठीक से दो वक्त का खाना खाने तक के पैसे नहीं है। इसके बावजूद यदि प्राइवेट कंपनियां सरकार के माध्यम से कृषि के क्षेत्र में आगे  बढ़ती हैं तो स्थिति और भी भयानक होगी।

उन्होंने कहा कि यदि आज किसानों को बचाना है तो इसके सिर्फ दो रास्ते हैं। पहला रास्ता अपने हक के लिए आंदोलन करना और दूसरा रास्ता राजनीति में अच्छे लोगों के पहुंचना है। इससे ही देश के किसान व आम जनता खुशहाल रह पाएगी। भारत में सरकारें अमेरिका के इशारे पर बनती हैं और अमेरिका इसलिए उन पार्टियों की मदद करता है ताकि वह सरकार बनने के बाद अमेरिका के इशारे पर कानून बना सकें। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed