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शामली जिले का रुतबा बढ़ा

Mon, 04 Dec 2017 11:18 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली Updated Mon, 04 Dec 2017 11:18 PM IST
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Shamli district increased
demo - फोटो : demo
एनसीआर में शामिल होने से शामली जिले का रुतबा बढ़ गया है। अब जिले में में विकास के दरवाजे खुल जाएंगे। मेरठ, गाजियाबाद की तर्ज पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित होंगे, तो सड़क और रेल यातायात की सुविधा में भी सुधार होने की उम्मीद रहेगी। औद्योगिक विकास होने से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मुजफ्फरनगर के बाद शामली के एनसीआर में शामिल होने से लोगों में खुशी का आलम है।
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शामली जिले की आबादी 2011 की जनगणना के मुताबिक करीब 13 लाख है। दिल्ली से शामली की दूरी 95 किलोमीटर है। हरियाणा बॉर्डर से जिले की सीमा जुड़ी है। पानीपत और करनाल से आवागमन की स्थिति बेहतर है। बावजूद इसके शामली जिले में अपेक्षित विकास नहीं हो पाता था। इसी के चलते करीब पांच साल से यहां के लोग शामली को एनसीआर में शामिल कराने की मांग करते रहे हैं। क्योंकि बागपत और मुजफ्फरनगर पहले से एनसीआर में शामिल है। इन दोनों ही जिलों से सटे शामली को एनसीआर में शामिल नहीं किया जा रहा था।
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एनसीआर में शामिल होने पर फायदे
- जमीन के इस्तेमाल पर नियंत्रण करना और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बढ़ेगा। केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड के जरिये विकास योजनाओं पर सीधा नियंत्रण होगा।
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- जिले के विकास को पंख लगेंगे। सड़कों की हालत सुधरेगी, औद्योगिक क्षेत्र विकसित होगा, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
- एनसीआर में शामिल जिलों की तरह ही शामली में भी विकास के नए प्रोजेक्ट बनेंगे, जिसमें ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए ट्रैफिक लाइट सिस्टम सहित सड़कों का चौड़ीकरण भी होगा।
- पेयजल आपूर्ति, जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन जैसे कार्यक्रमों में आएगी तेजी, जिससे आमजन को मिलने वाली सुविधाओं में विस्तार होगा।

करीब चार हजार वाहन हो जाएंगे बाहर
एनसीआर में शामिल होने पर जिले से उन वाहनों के संचालन पर रोक लग जाएगी, जो एनजीटी के नियमों का पूरा नहीं करते हैं। इनमें 10 साल पुराने डीजल वाहन और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन शामिल हैं। इनकी संख्या जिले में करीब 4500 है। एआरटीओ मुंशीलाल का कहना है कि एनसीआर में शामिल होने पर 10 साल पुराने डीजल वाहन और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन का रजिस्ट्रेशन भी बंद हो जाएगा।

छह साल से चल रही थी मांग
कई बार व्यापारियों ने ज्ञापन देकर शामली को एनसीआर में शामिल कराने की मांग की थी। इसी के चलते तत्कालीन जिलाधिकारी एनपी सिंह के समय इसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी गई थी। बाद में तत्कालीन जिलाधिकारी सुजीत कुमार के समय शासन ने ही एनसीआर में शामिल कराने संबंधित प्रस्ताव पर रिपोर्ट मांगी थी, जो एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के समक्ष रखी गई थी। 24 पन्नों की 

उस रिपोर्ट में शामली जिले की भौगोलिक स्थिति, आबादी, स्कूल-कॉलेज, संसाधनों के अलावा सड़कों, पेयजल संसाधनों का पूरा ब्यौरा बनाकर भेजा गया था। अब शामली जिले को एनसीआर में शामिल कर लिया गया है, जिससे जिले को काफी फायदा होगा।
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