बड़ा खुलासा: इजहार के फोन से बात करता था पुलवामा का जहांगीर, फिर सुर्खियों में आया शामली, पहले पाकिस्तान से जुड़े थे तार
इजहार के पकड़े जाने के बाद शामली जिले के तार जम्मू-कश्मीर से जुड़ रहे हैं। इजहार उर्फ सोनू के भाई नूर मोहम्मद का कहना है कि वे कश्मीर में फलों का कारोबार करते हैं।
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जम्मू-कश्मीर पुलिस और एटीएस टीम की गिरफ्त में आए इजहार उर्फ सोनू के भाई नूर मोहम्मद का कहना है कि वे कश्मीर में फलों का कारोबार करते हैं। वहां पर जहांगीर नाम का व्यक्ति जो पुलवामा का रहने वाला है। वह उनके साथ काम करता है। जहांगीर उसके भाई इजहार के फोन से बात करता रहता था। नूर मोहम्मद ने बताया कि जहांगीर पर वहां के लोगों का कर्जा होने के कारण वह अपना फोन बंद रखता था। कभी-कभी उसे ऑन कर बात करता था और फिर बंद कर देता था।
नूर मोहम्मद का कहना है कि करीब आठ साल से कश्मीर में फलों का कारोबार कर रहे हैं। इजहार भी उनके साथ रहता है। तमिलनाडु के एक व्यक्ति ने साझे में कीनू के फल खरीदने का काम शुरू किया था। उसी ने जहांगीर को हिसाब किताब के लिए उनके पास भेजा था। वह सात भाई हैं और सभी पढ़े लिखे नहीं है। नूर मोहम्मद का कहना है कि उसके भाई इजहार समेत पूरे परिवार पर किसी तरह का कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। नूर मोहम्मद ने बताया कि उसका भाई इजहार कार का चालान भरने शामली जा रहा था। उसके साथ कार में चालक और उसका दोस्त भी था। कांधला व शामली के बीच एटीएस ने उसके भाई को उठा लिया। बाकी दोनों को छोड़ दिया। किस मामले में उठाया, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। उसका कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कई राज्यों में फलों का कारोबार करता है इजहार का परिवार
जम्मू-कश्मीर पुलिस व एटीएस द्वारा पकड़े गए कांधला निवासी इजहार उर्फ सोनू का परिवार देश के कई राज्यों में फलों का कारोबार करता है। इजहार के पकड़े जाने के बाद से परिवार के लोगों में दहशत व्याप्त है। कस्बे के मोहल्ला मिर्दगान निवासी इजहार उर्फ सोनू कस्बे में फलों की दुकान करता है। उसके भाई व परिवार के लोग देश के विभिन्न राज्यों जम्मू कश्मीर, हिमाचल, राजस्थान, पंजाब, तमिलनाडु आदि में फलों का कारोबार करते हैं। इजहार का भी अपने भाइयों के पास जाकर कारोबार में मदद करने के लिए आना जाना रहता है। इजहार के भाई नूर मोहम्मद का कहना है कि पुलिस से उन्होंने जानकारी करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कुछ नहीं बताया गया। उसके भाई को किसी साजिश के तहत फंसाया गया है। उनका अपने देश के प्रति प्रेम है। किसी भी तरह का कोई अगर उनका संबंध गलत पाया जाता है तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, वरना उनके भाई को उनके परिवार के बीच जल्द से जल्द लौटा दिया जाए।
दरभंगा पार्सल विस्फोट मामले में एनआईए ने पकड़े थे कैराना के चार लोग
पिछले महीने बिहार के दरभंगा में हुए पार्सल विस्फोट प्रकरण में कैराना के चार लोगों की गिरफ्तारी के बाद अब कांधला के युवक के पकड़े जाने पर जिले के तार जम्मू-कश्मीर से जुड़ गए हैं।
पिछले महीने 17 जून को दरभंगा में पार्सल विस्फोट प्रकरण की जांच एनआईए को सौंपी गई है। एनआईए ने इस मामले में 30 जून को हैदराबाद से कैराना निवासी दो भाइयों नासिर और इमरान को गिरफ्तार किया था। इसके तीन दिन बाद एनआइए ने दो जुलाई को कैराना निवासी सलीम उर्फ टुइयां और कफील को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों ने पकड़े गए लोगों का संबंध पाकिस्तान में बैठे इकबाल काना से होना बताया था। साथ ही लश्कर-ए-तैयबा से भी उनका कनेक्शन होना बताया था।
पार्सल विस्फोट प्रकरण में कैराना के चार लोगों के पकड़े जाने के बाद जिला चर्चाओं में रहा। अब शनिवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस व एटीएस द्वारा कांधला निवासी इजहार के पकड़े जाने के बाद जनपद के तार जम्मू-कश्मीर से जुड़ने पर फिर चर्चाओं में आ गया है। हालांकि अभी तक अधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं हुई हुई है कि इजहार उर्फ सोनू किस मामले में पकड़ा गया है।