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सेतु निगम की टीम आज आएगी शामली
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 17 Apr 2017 12:05 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। मेेरठ-करनाल मार्ग स्थित रेलवे गेट नंबर 89 पर प्रस्तावित ओवरब्रिज के संबंध में उत्तर प्रदेश सेतु निगम सहारनपुर की टीम आज शामली आएगी। यह टीम लोक निर्माण विभाग और राजस्व विभाग के अफसरों से मुलाकात करेगी। जिसमें चीनी मिल की ओवरब्रिज के लिए दी गई आठ मीटर
जमीन का सर्किल रेट सर्किल रेट के आधार पर मूल्यांकन कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
उत्तर प्रदेश सेतु निगम सहारनपुर के सहायक अभियंता एसबी खान ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा शामली में प्रस्तावित ओवरब्रिज की आपत्तियों के संबंध में पत्रावली प्राप्त हो गई है।
विभागीय टीम सोमवार को शामली पहुंचेगी और लोकनिर्माण विभाग, राजस्व विभाग के अफसरों से वार्ता करेगी। मेरठ-करनाल मार्ग पर प्रस्तावित ओवरब्रिज के संबंध में शामली चीनी मिल की ओर दी गई आठ मीटर चौड़ी और 350 मीटर लंबाई वाली भूमि के सर्किल रेट का मूल्यांकन किया जाएगा। मिल की ओर से इस जमीन के 16 करोड़ रुपये मांगे गए हैं।
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पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट उत्तर प्रदेश शासन को भेजी जाएगी। सहायक अभियंता ने बताया कि मेरठ की ओर साइड में ओवरब्रिज के लिए 350 मीटर रेलवे की भूमि उपलब्ध है। शामली शहर के लिए 350 मीटर भूमि की आवश्यकता है। इस भूमि के लिए शामली चीनी मिल ने पहले 15 करोड़ और फिर 16 करोड़ रुपये मांगे हैं।
बरसात से पूर्व हो जाएगी बाईपास की मरम्मत
शामली। शामली रेलपार बाईपास बरसात से पूर्व तैयार होने की उम्मीद है। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ने तीन करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार कर लोक निर्माण विभाग को तकनीकी जांच के लिए भेजा है। इसके बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू की पाएगी। शामली रेलपार बाईपास खस्ता हाल में होने से नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इसके निर्माण को लेकर नगरपालिका परिषद और लोक निर्माण विभाग के बीच विवाद हो गया था। राज्यमंत्री सुरेश राणा के निर्देश पर मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण को इस मार्ग की निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। प्राधिकरण ने शामली रेलपार बाईपास का तीन करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार कर तकनीकी जांच के लिए लोक निर्माण विभाग के पास भेजा है।
एमडीए के सहायक अभियंता सुशील शर्मा का कहना है कि बरसात शुरू होने से पूर्व बाईपास का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। उधर, लोक निर्माण विभाग शामली प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता एसपी सिंह का कहना है कि जब एमडीए के पास इंजीनियरों की टीम है तो तकनीकी जांच के लिए लोक निर्माण विभाग के पास एस्टीमेट क्यों भेजा है। यह बात समझ से परे है। उनके पास अभी एस्टीमेट नहीं पहुंचा है।
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जमीन का सर्किल रेट सर्किल रेट के आधार पर मूल्यांकन कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
उत्तर प्रदेश सेतु निगम सहारनपुर के सहायक अभियंता एसबी खान ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा शामली में प्रस्तावित ओवरब्रिज की आपत्तियों के संबंध में पत्रावली प्राप्त हो गई है।
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विभागीय टीम सोमवार को शामली पहुंचेगी और लोकनिर्माण विभाग, राजस्व विभाग के अफसरों से वार्ता करेगी। मेरठ-करनाल मार्ग पर प्रस्तावित ओवरब्रिज के संबंध में शामली चीनी मिल की ओर दी गई आठ मीटर चौड़ी और 350 मीटर लंबाई वाली भूमि के सर्किल रेट का मूल्यांकन किया जाएगा। मिल की ओर से इस जमीन के 16 करोड़ रुपये मांगे गए हैं।
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पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट उत्तर प्रदेश शासन को भेजी जाएगी। सहायक अभियंता ने बताया कि मेरठ की ओर साइड में ओवरब्रिज के लिए 350 मीटर रेलवे की भूमि उपलब्ध है। शामली शहर के लिए 350 मीटर भूमि की आवश्यकता है। इस भूमि के लिए शामली चीनी मिल ने पहले 15 करोड़ और फिर 16 करोड़ रुपये मांगे हैं।
बरसात से पूर्व हो जाएगी बाईपास की मरम्मत
शामली। शामली रेलपार बाईपास बरसात से पूर्व तैयार होने की उम्मीद है। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ने तीन करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार कर लोक निर्माण विभाग को तकनीकी जांच के लिए भेजा है। इसके बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू की पाएगी। शामली रेलपार बाईपास खस्ता हाल में होने से नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इसके निर्माण को लेकर नगरपालिका परिषद और लोक निर्माण विभाग के बीच विवाद हो गया था। राज्यमंत्री सुरेश राणा के निर्देश पर मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण को इस मार्ग की निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। प्राधिकरण ने शामली रेलपार बाईपास का तीन करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार कर तकनीकी जांच के लिए लोक निर्माण विभाग के पास भेजा है।
एमडीए के सहायक अभियंता सुशील शर्मा का कहना है कि बरसात शुरू होने से पूर्व बाईपास का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। उधर, लोक निर्माण विभाग शामली प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता एसपी सिंह का कहना है कि जब एमडीए के पास इंजीनियरों की टीम है तो तकनीकी जांच के लिए लोक निर्माण विभाग के पास एस्टीमेट क्यों भेजा है। यह बात समझ से परे है। उनके पास अभी एस्टीमेट नहीं पहुंचा है।