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बैंकों के 800 बकायेदारों को पुलिस ने तामील कराए नोटिस
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बैंकों के 800 बकायेदारों को तामील कराए नोटिस
शामली, चौसाना। जिले में 11 सितंबर को लोक अदालत लगने के मद्देनजर चौसाना पुलिस ने बैंक के 800 बकायेदारों को नोटिस तामील कराया है। अधिकांश बकायेदार किसान हैं। सभी बकायेदारों पर बैकों की सात करोड़ से अधिक की बकाया धनराशि है। सभी मामलों का निस्तारण कैराना सीजेएम कोर्ट में होगा।
राष्ट्रीय विधिक सहायता प्राधिकरण इस बार 11 सितंबर को लोक अदालत का आयोजन करेगा। लोक अदालत में बकायेदारों एवं पुराने जुर्माने अपराध संबंधी मुकदमों का निस्तारण किया जाएगा। चौसाना में भी पुलिस ने 800 बैंकों के बकायेदारों को नोटिस तामिल कराए हैं। इनमें लगभग सभी किसान वर्ग के ग्राहक शामिल हैं। बैंक प्रबंधन के मुताबिक कुल बकायेदारों में वो ग्राहक भी शामिल हैं, जिनका बैंक से ओटीएस हुआ है और ग्राहकों ने कुछ पैसा जमा करके बकाया राशि जमा कराने के लिए समय की मांग की है। इसके अलावा शासन स्तर से ऋण माफी योजना में लाभ प्राप्त होने के बाद बकायेदार रहे ग्राहक भी इसमें शामिल हैं। अगर सभी ग्राहकों से रिकवरी होती है तो करीब सात करोड़ की डूबी हुई धनराशि बैंक को वापस मिलेगी। बैंकों ने पुराने बकायेदारों के एनपीए खातों को लोक अदालतों में निस्तारण के लिए हस्तांतरित कर दिया था।
छोटे किसानों को भी नोटिस जारी
पीएनबी के मैनेजर सेवाराम जगलान का कहना है कि 800 बकायेदारों को नोटिस दिया गया है। यहां अधिकांश गन्ना किसान है, जिनके लिए एनपीए की अवधि पांच साल है। अगर तीन साल तक लेनदेन नहीं करता तो वो किसान एनपीए हो जाएगा। किसानों में ऋण माफी की भ्रांति के कारण किसानों पर बकाया राशि होती चली गई। बकायेदारों से अगर पूरी रिकवरी हो जाती है तो बैक का सात करोड़ से अधिक राशि रिकवर होगी।
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शामली, चौसाना। जिले में 11 सितंबर को लोक अदालत लगने के मद्देनजर चौसाना पुलिस ने बैंक के 800 बकायेदारों को नोटिस तामील कराया है। अधिकांश बकायेदार किसान हैं। सभी बकायेदारों पर बैकों की सात करोड़ से अधिक की बकाया धनराशि है। सभी मामलों का निस्तारण कैराना सीजेएम कोर्ट में होगा।
राष्ट्रीय विधिक सहायता प्राधिकरण इस बार 11 सितंबर को लोक अदालत का आयोजन करेगा। लोक अदालत में बकायेदारों एवं पुराने जुर्माने अपराध संबंधी मुकदमों का निस्तारण किया जाएगा। चौसाना में भी पुलिस ने 800 बैंकों के बकायेदारों को नोटिस तामिल कराए हैं। इनमें लगभग सभी किसान वर्ग के ग्राहक शामिल हैं। बैंक प्रबंधन के मुताबिक कुल बकायेदारों में वो ग्राहक भी शामिल हैं, जिनका बैंक से ओटीएस हुआ है और ग्राहकों ने कुछ पैसा जमा करके बकाया राशि जमा कराने के लिए समय की मांग की है। इसके अलावा शासन स्तर से ऋण माफी योजना में लाभ प्राप्त होने के बाद बकायेदार रहे ग्राहक भी इसमें शामिल हैं। अगर सभी ग्राहकों से रिकवरी होती है तो करीब सात करोड़ की डूबी हुई धनराशि बैंक को वापस मिलेगी। बैंकों ने पुराने बकायेदारों के एनपीए खातों को लोक अदालतों में निस्तारण के लिए हस्तांतरित कर दिया था।
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छोटे किसानों को भी नोटिस जारी
पीएनबी के मैनेजर सेवाराम जगलान का कहना है कि 800 बकायेदारों को नोटिस दिया गया है। यहां अधिकांश गन्ना किसान है, जिनके लिए एनपीए की अवधि पांच साल है। अगर तीन साल तक लेनदेन नहीं करता तो वो किसान एनपीए हो जाएगा। किसानों में ऋण माफी की भ्रांति के कारण किसानों पर बकाया राशि होती चली गई। बकायेदारों से अगर पूरी रिकवरी हो जाती है तो बैक का सात करोड़ से अधिक राशि रिकवर होगी।
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