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परेशानियों से जूझ रहे वरिष्ठजन, सुविधाओं की दरकार

Thu, 01 Oct 2020 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2020 12:18 AM IST
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Senior people struggling with problems, needing facilities
शामली हरियाणा रोडवेज बस वरीष्ट नागरिक की सिट पर बैठी महिला - फोटो : SHAMLI
शामली। वरिष्ठ नागरिकों के लिए सरकारी कार्यालयों में अलग से काउंटर की व्यवस्था करने के आदेश हैं, लेकिन यह व्यवस्था कहीं नजर नहीं आती।
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बैंकों में काउंटरों पर इधर से उधर भीड़ के बीच वृद्ध धक्के खाने के लिए मजबूर रहते हैं। सरकारी अस्पतालों में दवा के लिए वरिष्ठजनों का जूझना आम है। रोडवेज बस में भी सीट की व्यवस्था होने के बावजूद उन पर दूसरे कब्जा जमाए बैठे रहते हैं। रेलवे रिजर्वेशन और टिकट खिड़कियों पर भी बुजुर्गों को कोई राहत नहीं मिल पाती। अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर वरिष्ठजनों का कहना है कि घोषणाएं तो खूब हो जाती हैं, लेकिन उनका पालन नहीं किया जाता। साथ ही बुजुर्गों ने कहा कि पेंशन एवं आयुष्मान कार्ड अनिवार्य रूप से दिए जाएं।
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हरियाणा और दिल्ली के बराबर मिले पेंशन
वरिष्ठ नागरिक सेवा समिति के अध्यक्ष रमेशचंद विश्वकर्मा बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में भी वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन दिल्ली और हरियाणा के बराबर दी जानी चाहिए। सरकार को करना चाहिए कि 60 वर्ष की आयु होते ही व्यक्ति की पेंशन शुरू हो जाए। चाहे वह किसी भी जाति-धर्म या आय वर्ग का हो। वृद्घावस्था पेंशन को सुगम बनाना चाहिए। बड़ी संख्या में वृद्ध 500 रुपये प्रतिमाह पेंशन पाने के लिए भटकते रहते हैं, लेकिन उन्हें लाभ नहीं मिलता।
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अनिवार्य रूप से दिया जाए आयुष्मान कार्ड
वरिष्ठ नागरिक भूषण लाल संगल कहते हैं कि बहुत से बच्चे वृद्घावस्था में अपने माता-पिता का ख्याल नहीं रखते हैं। वृद्घावस्था में सबसे ज्यादा जरूरी उपचार होता है। बीमार होने पर उनके लिए निशुल्क उपचार की व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके लिए 60 वर्ष की आयु वाले हर व्यक्ति को आयुष्मान भारत योजना में शामिल कर कार्ड दिया जाए, ताकि वह पांच लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार करा सके। पेंशन योजना को आसान बनाया जाए तथा पेंशन राशि भी बढ़ाई जानी चाहिए।
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घोषणाएं खूब, लागू नहीं होतीं योजनाएं
वरिष्ठ नागरिक मदन कुमार मित्तल का कहना है कि वरिष्ठजनों के लिए सरकारी कार्यालयों में अलग से काउंटर बनाने के आदेश हैं, लेकिन कहीं पर इस पर अमल नहीं होता। बैंकों में तो सबसे बुरा हाल रहता है। भारी भीड़ में ही बुजुर्गों को भी धनराशि निकालने के लिए जूझना पड़ता है। रेलवे काउंटर्स पर भी वरिष्ठ नागरिकों को अलग से सुविधा नहीं दी जाती। रोडवेज का भी यही हाल है। वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाना चाहिए।

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घर-परिवार और समाज में चाहिए सम्मान
वरिष्ठ नागरिक रामनाथ सैनी कहते हैं कि वरिष्ठ नागरिकों को सहानुभूति और सहयोग की आवश्यकता होती है। आमतौर पर देखने में आता है बच्चे अपनी दुनिया में मग्न रहते हैं और माता-पिता का ख्याल नहीं रखते। सरकार भी बुजुर्गों को अनदेखा कर देती है। वरिष्ठजन घर-परिवार और समाज में सम्मान चाहते हैं। सरकार को भी उनकी सुविधाओं का ध्यान रखना चाहिए।

शामली गन्ना समिति कार्यालय मे किसान मेले की भीड में खडे वरिष्ट नागरिक

शामली गन्ना समिति कार्यालय मे किसान मेले की भीड में खडे वरिष्ट नागरिक- फोटो : SHAMLI

शामली गन्ना समिति कार्यालय मे किसान मेले की भीड में खडे वरिष्ट नागरिक

शामली गन्ना समिति कार्यालय मे किसान मेले की भीड में खडे वरिष्ट नागरिक- फोटो : SHAMLI

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