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Shamli News: मुझे मायके भेज दो नहीं तो मैं भगवान के पास चली जाऊंगी
Fri, 08 May 2026 12:29 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 08 May 2026 12:29 AM IST
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कैराना (शामली)। जसविंदर कश्यप और अनीता के बीच करीब 20 महीने से अनबन चल रही थी। अक्सर दोनों के बीच मामूली बातों पर झगड़ा होता रहता था। दो दिन पहले भी झगड़ा हुआ था, जिसमें महिला ने कहा था कि वह यहां नहीं रहना चाहती। उसे मायके भेज दो, नहीं तो भगवान के पास चली जाऊंगी।
जसविंदर ने बताया कि पत्नी बार-बार मायके जाने की जिद करती थी। 15 दिन पहले अनीता अपने मायके गई थी। तीन दिन पहले ही वह वापस आई थी। जसविंदर के मुताबिक अनीता कहती थी कि उसे उसके साथ नहीं रहना है। उसने कई बार पूछा कि ऐसा क्या है कि तुम उसके पास नहीं रहना चाहती। इस पर अनीता कुछ नहीं बताती थी। उसने अनीता की मां सीमा को भी यह बात बताई थी।
बुधवार की रात अनीता ने कहा कि वह यहां नहीं रहेगी। इस पर पूछा कि कहां जाओगी तो अनीता पहले तो चुप रही, लेकिन फिर बोली कि अगर उसे मायके नहीं भेजा तो वह भगवान के पास चली जाएगी। उसने तो यह सोचा भी नहीं था कि अनीता ऐसा आत्मघाती कदम उठा सकती है। सुबह करीब 11 बजे पड़ोसी ने फोन पर मकान से धुआं निकलने की जानकारी दी। वह पानीपत से सीधे घर पहुंचा।
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डेढ़ साल पहले की थी फंदा लगाकर जान देने की कोशिश
पति जसविंदर के मुताबिक करीब डेढ़ साल पहले अनीता ने फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया था। लेकिन उसे समय बचा लिया गया था।
मायके वालों ने जताई हत्या के प्रयास की आशंका
अनीता के मायके वालों ने अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया। उनका कहना था कि उनकी बेटी से किसी तरह की कोई शिकायत थी तो उन्हें इसकी जानकारी दी जाती। मायके वालों ने कहा कि उनकी बेटी व बच्चे जैसे पहले थे, उसी अवस्था में उन्हें लाकर दो। अनीता की मां सीमा ने कहा कि दोनों के बीच कभी कभी झगड़ा होने की जानकारी तो थी, लेकिन इस तरह की घटना होगी, इसका तो उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था। आग कैसे लगी या लगाई गई, इसके बारे में अभी जानकारी नहीं हुई। मायके वालों ने बच्चियों की हत्या व बेटी की हत्या के प्रयास की आशंका जताते हुए पुलिस से जांच कर कार्रवाई की मांग की।
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जसविंदर ने बताया कि पत्नी बार-बार मायके जाने की जिद करती थी। 15 दिन पहले अनीता अपने मायके गई थी। तीन दिन पहले ही वह वापस आई थी। जसविंदर के मुताबिक अनीता कहती थी कि उसे उसके साथ नहीं रहना है। उसने कई बार पूछा कि ऐसा क्या है कि तुम उसके पास नहीं रहना चाहती। इस पर अनीता कुछ नहीं बताती थी। उसने अनीता की मां सीमा को भी यह बात बताई थी।
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बुधवार की रात अनीता ने कहा कि वह यहां नहीं रहेगी। इस पर पूछा कि कहां जाओगी तो अनीता पहले तो चुप रही, लेकिन फिर बोली कि अगर उसे मायके नहीं भेजा तो वह भगवान के पास चली जाएगी। उसने तो यह सोचा भी नहीं था कि अनीता ऐसा आत्मघाती कदम उठा सकती है। सुबह करीब 11 बजे पड़ोसी ने फोन पर मकान से धुआं निकलने की जानकारी दी। वह पानीपत से सीधे घर पहुंचा।
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डेढ़ साल पहले की थी फंदा लगाकर जान देने की कोशिश
पति जसविंदर के मुताबिक करीब डेढ़ साल पहले अनीता ने फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया था। लेकिन उसे समय बचा लिया गया था।
मायके वालों ने जताई हत्या के प्रयास की आशंका
अनीता के मायके वालों ने अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया। उनका कहना था कि उनकी बेटी से किसी तरह की कोई शिकायत थी तो उन्हें इसकी जानकारी दी जाती। मायके वालों ने कहा कि उनकी बेटी व बच्चे जैसे पहले थे, उसी अवस्था में उन्हें लाकर दो। अनीता की मां सीमा ने कहा कि दोनों के बीच कभी कभी झगड़ा होने की जानकारी तो थी, लेकिन इस तरह की घटना होगी, इसका तो उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था। आग कैसे लगी या लगाई गई, इसके बारे में अभी जानकारी नहीं हुई। मायके वालों ने बच्चियों की हत्या व बेटी की हत्या के प्रयास की आशंका जताते हुए पुलिस से जांच कर कार्रवाई की मांग की।