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रामडा की सरकारी गोशाला का तहसीलदार ने किया निरीक्षण
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। रामडा में सरकारी गोशाला का नोडल अधिकारी व तहसीलदार ने निरीक्षण किया। इस दौरान गोवंशों के लिए हरे चारे व पीने के पानी के लिए सबमर्सिबल की व्यवस्था सही मिली। इसके अलावा छांव के लिए टीन शेड और साफ सफाई कराने के निर्देश दिए गए।
सोमवार की सुबह करीब 11 बजे गांव रामडा स्थित सरकारी गोशाला की नियुक्त नोडल अधिकारी एवं तहसीलदार प्रियंका जायसवाल निरीक्षण करने पहुंची। गोशाला में कुल 34 गोवंश मिले। उनके लिए पीने के पानी के लिए व्यवस्था ठीक मिली। साथ ही ग्राम पंचायत की ओर से दी गई करीब 100 बीघा भूमि पर हरा चारा बोया गया मिला। गोशाला में बेहतर व्यवस्थाओं के लिए करीब 29 बिंदुओं पर जांच की गई। जहां पर छांव के लिए एक दो टीन शेड की जरूरत पाई गई।
तहसीलदार प्रियंका जायसवाल ने बताया कि सबमर्सिबल से पानी को कुछ ड्रम में भरकर खुले में रखा गया था, जो गर्म हो चुका था। इसके लिए ग्राम सचिव व ग्राम प्रधान को निर्देशित किया गया कि बाल्टी मंगवा कर पशुओं को तुरंत ताजा साफ स्वच्छ पानी पिलाने की व्यवस्था की जाए। वहीं गोशाला में टीकाकरण की व्यवस्था सही नहीं मिली। निरंतर पशु स्वास्थ्य परीक्षण की स्थिति भी सही नहीं पाई गई। गोशाला में साफ सफाई की संपूर्ण व्यवस्था कराने के लिए निर्देश दिए गए। रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
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कैराना। रामडा में सरकारी गोशाला का नोडल अधिकारी व तहसीलदार ने निरीक्षण किया। इस दौरान गोवंशों के लिए हरे चारे व पीने के पानी के लिए सबमर्सिबल की व्यवस्था सही मिली। इसके अलावा छांव के लिए टीन शेड और साफ सफाई कराने के निर्देश दिए गए।
सोमवार की सुबह करीब 11 बजे गांव रामडा स्थित सरकारी गोशाला की नियुक्त नोडल अधिकारी एवं तहसीलदार प्रियंका जायसवाल निरीक्षण करने पहुंची। गोशाला में कुल 34 गोवंश मिले। उनके लिए पीने के पानी के लिए व्यवस्था ठीक मिली। साथ ही ग्राम पंचायत की ओर से दी गई करीब 100 बीघा भूमि पर हरा चारा बोया गया मिला। गोशाला में बेहतर व्यवस्थाओं के लिए करीब 29 बिंदुओं पर जांच की गई। जहां पर छांव के लिए एक दो टीन शेड की जरूरत पाई गई।
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तहसीलदार प्रियंका जायसवाल ने बताया कि सबमर्सिबल से पानी को कुछ ड्रम में भरकर खुले में रखा गया था, जो गर्म हो चुका था। इसके लिए ग्राम सचिव व ग्राम प्रधान को निर्देशित किया गया कि बाल्टी मंगवा कर पशुओं को तुरंत ताजा साफ स्वच्छ पानी पिलाने की व्यवस्था की जाए। वहीं गोशाला में टीकाकरण की व्यवस्था सही नहीं मिली। निरंतर पशु स्वास्थ्य परीक्षण की स्थिति भी सही नहीं पाई गई। गोशाला में साफ सफाई की संपूर्ण व्यवस्था कराने के लिए निर्देश दिए गए। रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
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