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टिकैत के तेवर: बोले- लखीमपुर खीरी कांड में जमानत नहीं कराएंगे किसान, गिरफ्तारी देकर जाएंगे जेल

Mon, 05 Sep 2022 09:49 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Published by: कपिल kapil Updated Mon, 05 Sep 2022 09:49 PM IST
सार

भाकियू के अनिश्चितकालीन धरने में राकेश टिकैत के अलग ही तेवर दिखे। उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी कांड में कोई भी किसान न्यायालय से अपनी जमानत नहीं कराएगा। लखीमपुर खीरी में गिरफ्तारी देकर जेल जाएंगे।

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Rakesh Tikait said that farmers will not get bail in Lakhimpur Kheri case, will go to jail after giving arrest
राकेश टिकैत। - फोटो : amar ujala

विस्तार

बकाया गन्ना मूल्य भुगतान, भूमि अधिग्रहण और बिजली संबंधी समस्याओं के निस्तारण की मांग को लेकर शामली में कलक्ट्रेट परिसर में सोमवार को भाकियू का अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया। ट्रैक्टर चलाकर पहुंचे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि विपक्ष के सांसदों-विधायकों की तरह लखनऊ की सरकार किसानों को डरा रही है। पूरे दिन धरना चलने के बाद प्रशासन का कोई भी अधिकारी-कर्मचारी धरनास्थल पर नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि बिना बातचीत के दो साल में भी हल नहीं निकलेगा। 

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राकेश टिकैत ने कहा कि जिले में 560 करोड़ रुपये से ज्यादा चीनी मिलों पर बकाया हैं। सरकार फर्जी आंकड़े पेशकर जनता को गुमराह कर रही है। बिजली मुफ्त करने का वायदा करने वाली सरकार किसानों के घरों पर मीटर लगा रही है। सरकार बताए कि किसानों के घरों पर मीटर लगने से फ्री बिजली कैसे देगी। उन्होंने कहा कि नलकूप कनेक्शन का लोड दस हॉर्सपावर से 23 हॉर्सपावर करके उत्पीड़न कर रही है। 
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उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी कांड में कोई भी किसान न्यायालय से अपनी जमानत नहीं कराएगा। लखीमपुर खीरी में गिरफ्तारी देकर जेल जाएंगे। भाकियू नेता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान की चुटकी लेते हुए कहा कि गन्ना मूल्य भुगतान का किसान इंतजार कर रहे हैं। शामली कलक्ट्रेट में भाकियू का आंदोलन लंबा चलेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव संगठन को मजबूत करने के लिए कमेटी बनाने की अपील की। 
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चौधरी चरण सिंह की अध्यक्षता में बेमियादी धरने पर भाकियू पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष पवन खटाना ने कहा कि भाकियू के संस्थापक अध्यक्ष चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने शामली के करमूखेड़ी बिजलीघर से आदोलन की शुरुआत की थी। 2022 में शामली कलक्ट्रेट में धरने को सफल बनाने के किसानों को एकजुट होना पड़ेगा। भाकियू ने 70 साल पुरानी कांग्रेस सरकार के खिलाफ आवाज उठाकर उखाड़ फेंका था। केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ भी संघर्ष का रास्ता अपनाया है। भाकियू संस्थापक ने यमुना एक्सप्रेस में किसानों के मुआवजे की लड़ाई लड़ी थी। इसकी बदौलत किसानों को 800 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा मिला था। 

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वहीं, बेमियादी धरने में करमूखेड़ी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले राजेंद्र टीकरी और बिजेंद्र राठी को हरा पटका पहनाकर भाकियू राकेश टिकैत ने सम्मानित किया। धरने का संचालन देवराज पहलवान ने किया।

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