टिकैत के तेवर: बोले- लखीमपुर खीरी कांड में जमानत नहीं कराएंगे किसान, गिरफ्तारी देकर जाएंगे जेल
भाकियू के अनिश्चितकालीन धरने में राकेश टिकैत के अलग ही तेवर दिखे। उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी कांड में कोई भी किसान न्यायालय से अपनी जमानत नहीं कराएगा। लखीमपुर खीरी में गिरफ्तारी देकर जेल जाएंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बकाया गन्ना मूल्य भुगतान, भूमि अधिग्रहण और बिजली संबंधी समस्याओं के निस्तारण की मांग को लेकर शामली में कलक्ट्रेट परिसर में सोमवार को भाकियू का अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया। ट्रैक्टर चलाकर पहुंचे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि विपक्ष के सांसदों-विधायकों की तरह लखनऊ की सरकार किसानों को डरा रही है। पूरे दिन धरना चलने के बाद प्रशासन का कोई भी अधिकारी-कर्मचारी धरनास्थल पर नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि बिना बातचीत के दो साल में भी हल नहीं निकलेगा।
राकेश टिकैत ने कहा कि जिले में 560 करोड़ रुपये से ज्यादा चीनी मिलों पर बकाया हैं। सरकार फर्जी आंकड़े पेशकर जनता को गुमराह कर रही है। बिजली मुफ्त करने का वायदा करने वाली सरकार किसानों के घरों पर मीटर लगा रही है। सरकार बताए कि किसानों के घरों पर मीटर लगने से फ्री बिजली कैसे देगी। उन्होंने कहा कि नलकूप कनेक्शन का लोड दस हॉर्सपावर से 23 हॉर्सपावर करके उत्पीड़न कर रही है।
उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी कांड में कोई भी किसान न्यायालय से अपनी जमानत नहीं कराएगा। लखीमपुर खीरी में गिरफ्तारी देकर जेल जाएंगे। भाकियू नेता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान की चुटकी लेते हुए कहा कि गन्ना मूल्य भुगतान का किसान इंतजार कर रहे हैं। शामली कलक्ट्रेट में भाकियू का आंदोलन लंबा चलेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव संगठन को मजबूत करने के लिए कमेटी बनाने की अपील की।
यह भी पढ़ें: Murder: जिगरी दोस्त था पर बहन पर गंदी नजर रखता था...मार दिया, आरोपी ने पुलिस के सामने कबूला जुर्म
चौधरी चरण सिंह की अध्यक्षता में बेमियादी धरने पर भाकियू पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष पवन खटाना ने कहा कि भाकियू के संस्थापक अध्यक्ष चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने शामली के करमूखेड़ी बिजलीघर से आदोलन की शुरुआत की थी। 2022 में शामली कलक्ट्रेट में धरने को सफल बनाने के किसानों को एकजुट होना पड़ेगा। भाकियू ने 70 साल पुरानी कांग्रेस सरकार के खिलाफ आवाज उठाकर उखाड़ फेंका था। केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ भी संघर्ष का रास्ता अपनाया है। भाकियू संस्थापक ने यमुना एक्सप्रेस में किसानों के मुआवजे की लड़ाई लड़ी थी। इसकी बदौलत किसानों को 800 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा मिला था।
यह भी पढ़ें: नहीं कांपे पिता के हाथ: कहीं बेटी को दी खौफनाक मौत तो कहीं काटा लाडली का सिर, तीसरी वारदात से भी कांपा कलेजा
वहीं, बेमियादी धरने में करमूखेड़ी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले राजेंद्र टीकरी और बिजेंद्र राठी को हरा पटका पहनाकर भाकियू राकेश टिकैत ने सम्मानित किया। धरने का संचालन देवराज पहलवान ने किया।