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Shamli News: वातावरण को सुरक्षित रखने के प्रति किया जागरूक
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शामली आर के डिग्री कॉलेज में आयोजित गोष्ठी में बोलते प्रोफेसर । संवाद
शामली। राष्ट्रीय किसान पीजी कॉलेज में दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। संगोष्ठी में कृषि और जीव विज्ञान में वर्तमान मुद्दों और चुनौतियों पर चर्चा की गई। विषय विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य को उत्तम और वातावरण को सुरक्षित कैसे रखे। इसकी विस्तार से जानकारी दी। वहीं शोध छात्र-छात्राओं ने अपने-अपने शोध के बारे में जानकारी दी।
राष्ट्रीय संगोष्ठी को 7 थीम में बांटा गया, जिसमें मुख्य सायल कंजर्वेशन, मिट्टी की गुणवत्ता, फसल की गुणवत्ता, फर्टिलाइजर और पेस्टिसाइड्स रही। जिसमें बताया गया कि कितना उपयोग कितना करना चाहिए। हरियाणा के कृष्णकांत ने बताया कि हम कई बार कीटनाशक दवा का छिडकाव करते हैं, जिससे फसल तो अच्छी हो जाती है, लेकिन हमारा स्वास्थ्य पर उसका गलत प्रभाव पड़ता है।
हरियाणा एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय से पहुंचे अनुज राणा ने फसलों के विकारों को दूर करने के लिए विभिन्न जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एग्रीकल्चर का अर्थ तो उत्पादन से है, साथ में किस तरह से हम अपने स्वास्थ्य को भी उत्तम रख सके और अपने वातावरण को भी सुरक्षित रख सके इन बातों की जानकारी दी।
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हरियाणा से आए कृषि प्रोफेसर राहुल ढाका ने खेती से निकलने वाले कार्बनिक पदार्थ के बारे में बताया। संगोष्ठी में देश भर से विषय विशेषज्ञ वैज्ञानिक शिक्षक एवं शोध छात्र छात्राओं द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रीय संगोष्ठी में महाविद्यालय के एग्रीकल्चर के पीजी छात्रों को भी जोड़ा गया।
प्राचार्य डॉक्टर सत्येंद्रपाल ने आभार व्यक्त किया। मुख्य अतिथि मां शाकंभरी विश्वविद्यालय की कुलपति वाई विमला व विशिष्ट अतिथि बुंदेल खंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह रहे।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की जानकारी से किसानों को भी फायदा होगा और लोगों के स्वास्थ्य भी उत्तम रहेगा। कुलपति की ओर से कॉलेज के यंग साइंटिस्ट का अवाॅर्ड एंटोंमोलॉजी डिपार्टमेंट के डॉक्टर रोहित राणा को प्रदान किया गया।ह
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राष्ट्रीय संगोष्ठी को 7 थीम में बांटा गया, जिसमें मुख्य सायल कंजर्वेशन, मिट्टी की गुणवत्ता, फसल की गुणवत्ता, फर्टिलाइजर और पेस्टिसाइड्स रही। जिसमें बताया गया कि कितना उपयोग कितना करना चाहिए। हरियाणा के कृष्णकांत ने बताया कि हम कई बार कीटनाशक दवा का छिडकाव करते हैं, जिससे फसल तो अच्छी हो जाती है, लेकिन हमारा स्वास्थ्य पर उसका गलत प्रभाव पड़ता है।
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हरियाणा एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय से पहुंचे अनुज राणा ने फसलों के विकारों को दूर करने के लिए विभिन्न जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एग्रीकल्चर का अर्थ तो उत्पादन से है, साथ में किस तरह से हम अपने स्वास्थ्य को भी उत्तम रख सके और अपने वातावरण को भी सुरक्षित रख सके इन बातों की जानकारी दी।
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हरियाणा से आए कृषि प्रोफेसर राहुल ढाका ने खेती से निकलने वाले कार्बनिक पदार्थ के बारे में बताया। संगोष्ठी में देश भर से विषय विशेषज्ञ वैज्ञानिक शिक्षक एवं शोध छात्र छात्राओं द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रीय संगोष्ठी में महाविद्यालय के एग्रीकल्चर के पीजी छात्रों को भी जोड़ा गया।
प्राचार्य डॉक्टर सत्येंद्रपाल ने आभार व्यक्त किया। मुख्य अतिथि मां शाकंभरी विश्वविद्यालय की कुलपति वाई विमला व विशिष्ट अतिथि बुंदेल खंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह रहे।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की जानकारी से किसानों को भी फायदा होगा और लोगों के स्वास्थ्य भी उत्तम रहेगा। कुलपति की ओर से कॉलेज के यंग साइंटिस्ट का अवाॅर्ड एंटोंमोलॉजी डिपार्टमेंट के डॉक्टर रोहित राणा को प्रदान किया गया।ह

शामली आर के डिग्री कॉलेज में आयोजित गोष्ठी में बोलते प्रोफेसर । संवाद