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बरसात से पहले सभी अंडरपास रेलवे कराएगा कवर
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शामली। बारिश के दिनों में अंडरपास में पानी भरने की समस्या का समाधान रेलवे कराने जा रहा है। सभी अंडरपास रेलवे बरसात से पहले कवर कराएगा। इसके अलावा बारिश के पानी को जमीन में पहुंचाने के लिए प्रत्येक अंडरपास पर चार-चार बोरिंग कराए जाएंगे। इसके टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बरसात के दिनों में रेलवे के अंडरपास में पानी भरने की समस्या से लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कई अंडरपास में तो इस कदर पानी भर जाता है कि कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कई दिन के लिए कट जाता है। दोपहिया वाहन चालकों को यहां से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। कई किमी की लंबी दूरी मंजिल तक पहुंचने के लिए तय करनी पड़ती है। चारा आदि लाने में भी किसानों को दिक्कतें सामने आती हैं। जिले में कई अंडरपास खुले हुए हैं। कई वर्ष से ग्रामीण इन्हें कवर कराने की मांग करते चले आ रहे हैं। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए रेलवे ने सभी अंडरपास कवर करने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। उत्तर रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर रमेश कुमार सक्सेना ने बताया कि जिले में 34 अंडरपास हैं, एक पर करीब 40 लाख का खर्चा आएगा। कुल 13.60 करोड़ खर्च होंगे। सभी अंडरपास मानसून से पहले कवर कर लिए जाएगा। इसके अलावा सभी अंडरपास पर 10-10 इंच के चार-चार बोरिंग भी कराए जाएंगे। जिससे अंडरपास में थोड़ा-बहुत पानी भी भरे तो वह जमीन के अंदर चला जाए।
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बरसात के दिनों में रेलवे के अंडरपास में पानी भरने की समस्या से लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कई अंडरपास में तो इस कदर पानी भर जाता है कि कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कई दिन के लिए कट जाता है। दोपहिया वाहन चालकों को यहां से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। कई किमी की लंबी दूरी मंजिल तक पहुंचने के लिए तय करनी पड़ती है। चारा आदि लाने में भी किसानों को दिक्कतें सामने आती हैं। जिले में कई अंडरपास खुले हुए हैं। कई वर्ष से ग्रामीण इन्हें कवर कराने की मांग करते चले आ रहे हैं। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए रेलवे ने सभी अंडरपास कवर करने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। उत्तर रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर रमेश कुमार सक्सेना ने बताया कि जिले में 34 अंडरपास हैं, एक पर करीब 40 लाख का खर्चा आएगा। कुल 13.60 करोड़ खर्च होंगे। सभी अंडरपास मानसून से पहले कवर कर लिए जाएगा। इसके अलावा सभी अंडरपास पर 10-10 इंच के चार-चार बोरिंग भी कराए जाएंगे। जिससे अंडरपास में थोड़ा-बहुत पानी भी भरे तो वह जमीन के अंदर चला जाए।
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