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छात्राओं को दी पोषण संबंधी जानकारी
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राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया
संवाद न्यूज एजेंसी
कांधला। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के अवसर पर गृह विज्ञान विभाग व आजादी के अमृत महोत्सव के संयुक्त तत्वावधान में विचार गोष्ठी का हुई।
इसमें गृह विज्ञान विभाग की शिक्षिका डॉ. अंकिता त्यागी ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण सप्ताह की शुरुआत 1975 में अमेरिकन डायबिटिक एसोसिएशन ने की थी। एसोसिएशन का नाम अब एकेडमी ऑफ न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स है। भारत में 1982 में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाना शुरू किया था। इसका उद्देश्य प्रत्येक जन में पोषण से संबंधित जागरूकता फैलाना है।
प्रवक्ता डॉ. नयना शर्मा ने छात्राओं को बताया कि इस बार के राष्ट्रीय पोषण सप्ताह की थीम सेलिब्रेट ऑफ वर्ल्ड ऑफ फ्लेवर है। प्रवक्ता डॉ लक्ष्मी गौतम ने छात्राओं को मोटे अनाजों के महत्व व उपयोगिता के विषय में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मोटे अनाजों को प्रतिदिन आहार में शामिल करने से खनिज लवणों आदि की कमी को पूरा किया जा सकता है।
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यहां डॉ. पंकज चौधरी ने छात्राओं को पोषण पर राजनीतिक प्रभाव विषय में चर्चा करते हुए बताया कि आहार की उपलब्धता राजनीतिक भ्रष्टाचार व गरीबी के कारण आज भी हमारा देश पूर्णतया सुपोषण की स्थिति में नहीं है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अंकिता त्यागी ने किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कांधला। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के अवसर पर गृह विज्ञान विभाग व आजादी के अमृत महोत्सव के संयुक्त तत्वावधान में विचार गोष्ठी का हुई।
इसमें गृह विज्ञान विभाग की शिक्षिका डॉ. अंकिता त्यागी ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण सप्ताह की शुरुआत 1975 में अमेरिकन डायबिटिक एसोसिएशन ने की थी। एसोसिएशन का नाम अब एकेडमी ऑफ न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स है। भारत में 1982 में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाना शुरू किया था। इसका उद्देश्य प्रत्येक जन में पोषण से संबंधित जागरूकता फैलाना है।
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प्रवक्ता डॉ. नयना शर्मा ने छात्राओं को बताया कि इस बार के राष्ट्रीय पोषण सप्ताह की थीम सेलिब्रेट ऑफ वर्ल्ड ऑफ फ्लेवर है। प्रवक्ता डॉ लक्ष्मी गौतम ने छात्राओं को मोटे अनाजों के महत्व व उपयोगिता के विषय में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मोटे अनाजों को प्रतिदिन आहार में शामिल करने से खनिज लवणों आदि की कमी को पूरा किया जा सकता है।
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यहां डॉ. पंकज चौधरी ने छात्राओं को पोषण पर राजनीतिक प्रभाव विषय में चर्चा करते हुए बताया कि आहार की उपलब्धता राजनीतिक भ्रष्टाचार व गरीबी के कारण आज भी हमारा देश पूर्णतया सुपोषण की स्थिति में नहीं है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अंकिता त्यागी ने किया।