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Shamli News: एंट्री के नाम पर शुल्क देने वालों पर कार्रवाई की तैयारी
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शामली। एआरटीओ की गाड़ी में जीपीएस डिवाइस लगाने के मामले में गिरफ्तार आरोपियों को एंट्री के नाम पर अवैध तरीके से धनराशि देने वाले ट्रांसपोर्टरों पर पुलिस शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। पुलिस ऐसे ट्रांसपोर्टरों तो चिन्हित कर रही है। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एक अगस्त की रात को मोहल्ला दयानंद नगर में प्लाॅट में खड़ी एआरटीओ रोहित राजपूत की गाड़ी में चोरी से जीपीएस डिवाइस लगा दी गई थी। एआरटीओ की तरफ से शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तीन दिन पहले पुलिस ने इस केस का खुलासा करते हुए एआरटीओ की अनुबंधित दोनों गाड़ी के चालक बाबूराम व शमीम, सुधीर, आजम और सूफियान को गिरफ्तार किया था, जबकि जीपीएस लगाने वाला चालक मुसारिक अभी फरार चल रहा है।
जीपीएस को एआरटीओ की लोकेशन जानने के लिए लगाया गया था। पुलिस के मुताबिक आजम व सूफियान के अलग-अलग ग्रुप बने हुए थे, जो जिले में आने वाले ओवरलोड वाहनों की एंट्री के नाम पर प्रति माह अवैध वसूली करते थे। इसके लिए कोड वर्ड का इस्तेमाल किया जाता था। जिन गाड़ियों की एंट्री होती थी, उनके चालकों को भी कोर्ड वर्ड बताए जाते थे।
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एसपी अभिषेक ने बताया कि इस मामले में उन ट्रांसपोर्टरों, गाड़ी मालिकोें और चालकों को चिन्हित किया जा रहा है, जो ओवरलोड गाड़ी की एंट्री के नाम पर आजम व सूफियान को अवैध रूप से धनराशि देते थे। इनमें कुछ लोग उन्हें ऑनलाइन भी रकम भेजते थे। एसपी ने बताया कि ऐसे ट्रांसपोर्टरों व चालकों को चिन्हित किया जा रहा है। जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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एक अगस्त की रात को मोहल्ला दयानंद नगर में प्लाॅट में खड़ी एआरटीओ रोहित राजपूत की गाड़ी में चोरी से जीपीएस डिवाइस लगा दी गई थी। एआरटीओ की तरफ से शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तीन दिन पहले पुलिस ने इस केस का खुलासा करते हुए एआरटीओ की अनुबंधित दोनों गाड़ी के चालक बाबूराम व शमीम, सुधीर, आजम और सूफियान को गिरफ्तार किया था, जबकि जीपीएस लगाने वाला चालक मुसारिक अभी फरार चल रहा है।
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जीपीएस को एआरटीओ की लोकेशन जानने के लिए लगाया गया था। पुलिस के मुताबिक आजम व सूफियान के अलग-अलग ग्रुप बने हुए थे, जो जिले में आने वाले ओवरलोड वाहनों की एंट्री के नाम पर प्रति माह अवैध वसूली करते थे। इसके लिए कोड वर्ड का इस्तेमाल किया जाता था। जिन गाड़ियों की एंट्री होती थी, उनके चालकों को भी कोर्ड वर्ड बताए जाते थे।
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एसपी अभिषेक ने बताया कि इस मामले में उन ट्रांसपोर्टरों, गाड़ी मालिकोें और चालकों को चिन्हित किया जा रहा है, जो ओवरलोड गाड़ी की एंट्री के नाम पर आजम व सूफियान को अवैध रूप से धनराशि देते थे। इनमें कुछ लोग उन्हें ऑनलाइन भी रकम भेजते थे। एसपी ने बताया कि ऐसे ट्रांसपोर्टरों व चालकों को चिन्हित किया जा रहा है। जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।