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2025 तक टीबी खत्म करने की ली शपथ
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शामली में प्रेस वार्ता करते सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल व अन्य अधिकारी।
- फोटो : SHAMLI
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शामली। आजादी के अमृत महोत्सव में टीबी को भारत से 2025 तक खत्म करने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों व कर्मियों ने शपथ ली। सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल ने बताया कि जिले में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत नौ जनवरी तक अमृत महोत्सव आईकॉनिक वीक ऑफ हेल्थ के रूप में मनाया जाएगा। इसके तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को टीबी के प्रति जागरूक किया जाएगा।
मंगलवार को सीएमओ संजय अग्रवाल ने बताया कि जिले से आजादी का अमृत महोत्सव आईकॉनिक वीक ऑफ हेल्थ तीन जनवरी से शुरू हुआ है, जो नौ जनवरी तक चलेगा। इसके तहत पांच जनवरी को कैराना, कांधला के इंटर कालेजों में, छह जनवरी को शामली व थानाभवन के मदरसा व एनसीसी के बच्चों को टीबी रोग के प्रति जागरूक किया जाएगा। सात जनवरी को प्रमुख धर्मगुरुओं का संवाद कराया जाएगा। नौ जनवरी को ग्राम स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर कैंप लगाकर लोगों को लक्षण और उपचार की जानकारी देकर जागरूक किया जाएगा। इस दौरान सीएमओ ने मौजूद स्वास्थ्य अधिकारियों व कर्मचारियों को भारत में टीबी को 2025 तक खत्म करने में सहयोग करने की शपथ ली गई। इस अवसर पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार सागर, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. जाहिद अली त्यागी, महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. शाइस्ता नाज, पीपीएम कोर्डिनेटर शबी आजम, डीपीटीसी विपिन गुप्ता, रवि कुमार, जावेद खां आदि मौजूद रहे।
2021 में टीबी के मिले 2800 केस
सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल ने बताया कि साल 2021 में टीबी के लगभग 2800 केस मिले हैं, जिनमें लगभग 900 रोगी ठीक हो चुके हैं। बाकी का उपचार चल रहा है। उन्होंने बताया कि टीबी रोगी का सभी अस्पतालों में नि:शुल्क उपचार किया जाता है। साथ ही टीबी का इलाज कराने वाले मरीजों को पोषण योजना के तहत डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में 500 रुपये प्रति माह उपलब्ध कराया जाता है। टीबी का पूूर्ण उपचार संभव है। घबराने की जरूरत नहीं है। बीच में उपचार बंद करना या अनियमित उपचार कराने से रोग जटिल हो सकता है। पूर्ण उपचार की छह से आठ महीने की अवधि हो सकती है।
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टीबी के लक्षण
दो सप्ताह या अधिक समय तक खांसी होना।
बुखार खासतौर पर शाम को बढ़ने वाला।
सीने में दर्द रहना।
भूख न लगना।
वजन घटना।
ऐसे फैलता है टीबी रोग
टीबी के रोगी के खांसने या छींकने पर।
रोगी के इधर-उधर खुली जगह पर बलगम थूकने पर
रोगी के रुमाल, ओढ़ने बिछाने की चादरें, तौलिया आदि के प्रयोग से
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मंगलवार को सीएमओ संजय अग्रवाल ने बताया कि जिले से आजादी का अमृत महोत्सव आईकॉनिक वीक ऑफ हेल्थ तीन जनवरी से शुरू हुआ है, जो नौ जनवरी तक चलेगा। इसके तहत पांच जनवरी को कैराना, कांधला के इंटर कालेजों में, छह जनवरी को शामली व थानाभवन के मदरसा व एनसीसी के बच्चों को टीबी रोग के प्रति जागरूक किया जाएगा। सात जनवरी को प्रमुख धर्मगुरुओं का संवाद कराया जाएगा। नौ जनवरी को ग्राम स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर कैंप लगाकर लोगों को लक्षण और उपचार की जानकारी देकर जागरूक किया जाएगा। इस दौरान सीएमओ ने मौजूद स्वास्थ्य अधिकारियों व कर्मचारियों को भारत में टीबी को 2025 तक खत्म करने में सहयोग करने की शपथ ली गई। इस अवसर पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार सागर, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. जाहिद अली त्यागी, महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. शाइस्ता नाज, पीपीएम कोर्डिनेटर शबी आजम, डीपीटीसी विपिन गुप्ता, रवि कुमार, जावेद खां आदि मौजूद रहे।
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2021 में टीबी के मिले 2800 केस
सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल ने बताया कि साल 2021 में टीबी के लगभग 2800 केस मिले हैं, जिनमें लगभग 900 रोगी ठीक हो चुके हैं। बाकी का उपचार चल रहा है। उन्होंने बताया कि टीबी रोगी का सभी अस्पतालों में नि:शुल्क उपचार किया जाता है। साथ ही टीबी का इलाज कराने वाले मरीजों को पोषण योजना के तहत डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में 500 रुपये प्रति माह उपलब्ध कराया जाता है। टीबी का पूूर्ण उपचार संभव है। घबराने की जरूरत नहीं है। बीच में उपचार बंद करना या अनियमित उपचार कराने से रोग जटिल हो सकता है। पूर्ण उपचार की छह से आठ महीने की अवधि हो सकती है।
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टीबी के लक्षण
दो सप्ताह या अधिक समय तक खांसी होना।
बुखार खासतौर पर शाम को बढ़ने वाला।
सीने में दर्द रहना।
भूख न लगना।
वजन घटना।
ऐसे फैलता है टीबी रोग
टीबी के रोगी के खांसने या छींकने पर।
रोगी के इधर-उधर खुली जगह पर बलगम थूकने पर
रोगी के रुमाल, ओढ़ने बिछाने की चादरें, तौलिया आदि के प्रयोग से