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प्रदूषण से घुटने लगी लोगों की सांसें
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शामली में बृहस्पतिवार को दिन में भी छाई रही धुंध।
- फोटो : SHAMLI
प्रदूषण से घुटने लगी लोगों की सांसें
शामली। एनसीआर के अन्य जिलों की तरह शामली में भी प्रदूषण से हालात खराब हो गए हैं। नजदीकी जनपद मुजफ्फरनगर का एयर क्वालिटी इंडेक्स बृहस्पतिवार की शाम 400 से ऊपर पहुंच गया। शामली में भी एक्यूआई इसी के आसपास रहने का अनुमान है। यह प्रदूषण का बेहद खतरनाक स्तर माना जाता है। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन होने लगी है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ और गाजियाबाद को प्रदूषण के लिहाज से संवेदनशील माना गया है। इसके साथ ही मुजफ्फरनगर जनपद में भी वायु प्रदूषण की स्थिति बेहद खराब रहती है। शामली में भी एक्यूआई 400 के आसपास होने की उम्मीद है। बृहस्पतिवार को दिन में भी स्मॉग का असर बना रहा। लोगों को आंखों में जलन के साथ ही सांस लेने में परेशानी हुई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जिले में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं। न तो कहीं पर पानी का छिड़काव हो रहा है और न ही कूड़ा आदि जलाने पर रोक लगी है। सड़कों के किनारे रेत के ढेर और खुले में होने वाले निर्माण से प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। अभी यह हालात हैं तो दिवाली पर स्थिति और भी खराब होने की आशंका है।
मेरठ-करनाल हाईवे पर प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एंटी स्मॉग गन लगाई गई है। पराली व अन्य फसल अवशेष जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। जो लोग फसल अवशेष या कूड़ा जला रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। हवा नहीं चलने से धूल और धुआं ऊपर नहीं जा पा रहा, जिससे धुंध छा रही है।
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- अंकित सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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शामली। एनसीआर के अन्य जिलों की तरह शामली में भी प्रदूषण से हालात खराब हो गए हैं। नजदीकी जनपद मुजफ्फरनगर का एयर क्वालिटी इंडेक्स बृहस्पतिवार की शाम 400 से ऊपर पहुंच गया। शामली में भी एक्यूआई इसी के आसपास रहने का अनुमान है। यह प्रदूषण का बेहद खतरनाक स्तर माना जाता है। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन होने लगी है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ और गाजियाबाद को प्रदूषण के लिहाज से संवेदनशील माना गया है। इसके साथ ही मुजफ्फरनगर जनपद में भी वायु प्रदूषण की स्थिति बेहद खराब रहती है। शामली में भी एक्यूआई 400 के आसपास होने की उम्मीद है। बृहस्पतिवार को दिन में भी स्मॉग का असर बना रहा। लोगों को आंखों में जलन के साथ ही सांस लेने में परेशानी हुई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जिले में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं। न तो कहीं पर पानी का छिड़काव हो रहा है और न ही कूड़ा आदि जलाने पर रोक लगी है। सड़कों के किनारे रेत के ढेर और खुले में होने वाले निर्माण से प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। अभी यह हालात हैं तो दिवाली पर स्थिति और भी खराब होने की आशंका है।
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मेरठ-करनाल हाईवे पर प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एंटी स्मॉग गन लगाई गई है। पराली व अन्य फसल अवशेष जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। जो लोग फसल अवशेष या कूड़ा जला रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। हवा नहीं चलने से धूल और धुआं ऊपर नहीं जा पा रहा, जिससे धुंध छा रही है।
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- अंकित सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।

शामली में बृहस्पतिवार को दिन में छाई धुंध।- फोटो : SHAMLI