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Shamli News: पक्का घाट न होने और रेत खनन के कारण यमुना में डूब रहे लोग

Sat, 10 Jun 2023 12:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Sat, 10 Jun 2023 12:24 AM IST
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People drowning in Yamuna due to lack of concrete ghat and sand mining
झिंझाना क्षेत्र  के गांव  ऊदपुर निवासी बिंदर का फाइल फोटो
कैराना, झिंझाना। रेत खनन के कारण यमुना में जगह-जगह गहरे गड्ढे बनने और यमुना नदी पर पक्का घाट नही बनने के कारण यमुना नदी में डूबने से आए दिन मौत हो रही है। पिछले 12 दिन में यमुना नदी में कैराना और झिंझाना क्षेत्र में 4-4 लोग अपनी जान गवां चुके हैं। नहाने वाले घाटों पर बैरिकेडिंग या संकेतक लगवा दें तो इस तरह की घटनाएं रोकी जा सकती हैं।
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कैराना में गंगा दशहरा स्नान से दो दिन पहले 28 मई को हरियाणा के जनपद करनाल के थाना घरौंडा के गांव कोहंड निवासी 45 वर्षीय ईश्वर व 17 वर्षीय काला की यमुना में नहाते समय डूबने से मौत हो गई थी। इसके छह दिन बाद तीन जून की शाम यमुना पार हरियाणा में अपने खेत में मिर्च तोड़ने जा रहा 12 वर्षीय फैजान निवासी मामौर के पास यमुना की ढांग गिरने से यमुना में डूब गया था। सात दिन बीत जाने के बाद भी फैजान का पता नहीं चल सका। पिछले बुधवार को भी मंडावर निवासी 15 वर्षीय मुज्जकिर की यमुना में डूबने से मौत हो गई थी।
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झिंझाना में दशहरे से अगले दिन चंडीगढ़ निवासी अपने परिवार सहित यमुना घाट पर स्नान करते हुए चार बालक डूब गए थे। जिनमें से तीन बालकों को आसपास के लोगों ने बचा लिया था। चौथे बालक कुणाल का शव आधे घंटे बाद बरामद हुआ था। बीते शनिवार को हरियाणा के तरावड़ी निवासी मेजर सिंह के परिवार का परिवार यमुना में स्नान के लिए पहुंचा था। माता-पिता की आंखों के सामने ही उनके दो पुत्र सागर व सुशांत गहरे पानी में समा गए थे। काफी खोजबीन करने पर तीन दिन बाद सागर और दूसरे भाई सुशांत का शव पांच दिन बाद बरामद हुआ था।
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परिजनों ने प्रशासन पर आरोप लगाया था कि अगर घाट पर बैरिकेडिंग या संकेतक होते तो शायद हमारे परिवार की खुशियां न जातीं। शुक्रवार को थाना क्षेत्र के गांव ऊदपुर निवासी बिंदर पुत्र बीर सिंह मंगलौरा के पास यमुना नदी में भेड़ों को नहलाने के दौरान डूब गया।

- भारी भरकम मशीनों से होता है रेत खनन

रेत खनन ठेकेदार भारी भरकम मशीनों से रेत खनन करते हैं। जिस कारण यमुना नदी में गहरे गहरे गड्ढे बन जाते हैं। पानी के कारण यमुना नदी के 20-20 फुट गहरे गड्ढों का जरा भी आभास नहीं होना यमुना में डूबने का बड़ा कारण है। नदी में जाने वाले का पता नहीं होता कि अगला कदम उसे मौत के गहरे गड्ढे में धकेल रहा है। आज तक पक्के घाट का प्रस्ताव तक तैयार नहीं हुआ। यमुना नदी में जहां भी घुमाव है उस मोड़ के स्थान की रेत पानी का तेज बहाव ले जाता है। वहां पर 20 से 30 फीट तक गहरा हो जाता है। यमुना में नहाने वाले को उस गहराई का पता नहीं होता और वह हादसे का शिकार हो जाता है।

झिंझाना क्षेत्र  के गांव  ऊदपुर निवासी बिंदर का फाइल फोटो

झिंझाना क्षेत्र  के गांव  ऊदपुर निवासी बिंदर का फाइल फोटो

झिंझाना क्षेत्र  के गांव  ऊदपुर निवासी बिंदर का फाइल फोटो

झिंझाना क्षेत्र  के गांव  ऊदपुर निवासी बिंदर का फाइल फोटो

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