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Shamli: कलक्ट्रेट में पूर्व प्रमुख बोले- बकाया भुगतान दो या फिर जहर खा लूं...? 91वें दिन भी जारी रहा धरना
Mon, 20 Nov 2023 10:18 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
Published by: Dimple Sirohi
Updated Mon, 20 Nov 2023 10:18 PM IST
सार
शामली में किसान 91वें दिन से धरने पर डटे हैं। सोमवार को भी मिल प्रशासन और अधिकारियों से की गई वार्ता विफल रही। किसान 14 दिन में बकाया गन्ना भुगतान की मांग पर अड़े हैं। मिल प्रशासन और किसानों की गठित समिति ने मिल चलाने को लेकर विचार विमर्श किया
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विनोद कुमार
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
उत्तर प्रदेश के शामली कलक्ट्रेट में किसानों से वार्ता के बाद जैसे ही मिल के वाइस प्रेजीडेंट और अन्य बाहर निकले तो उनके पास पूर्व प्रमुख विनोद कुमार पहुंचे। कहा कि उनके परिवार में 26 नवंबर को शादी है। मगर गन्ना समिति में बार-बार गुहार लगाने के बाद भी बकाया गन्ना भुगतान नहीं दिया जा रहा है। वाइस प्रेजीडेंट ने कहा कि जल्द ही भुगतान करा दिया जाएगा, जिस पर विनोद ने कहा कि जहर खा लूं मैं, तब मिलेगा मेरा गन्ना पेमेंट। बाद में किसी तरह विनोद को शांत कराया गया।
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बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसानों का चल रहा धरना सोमवार को 91वें दिन भी जारी रहा। सुबह के समय धरना समाप्त करने के लिए कलक्ट्रेट सभागार में किसानों, प्रशासनिक अधिकारियों और मिल प्रशासन के बीच करीब दो घंटे तक वार्ता हुई।
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प्रशासन और मिल के अधिकारियों ने मिल चलने की बात किसानों के सामने रखी। किसानों ने साफ शब्दों में कहा कि सम्पूर्ण बकाया गन्ना भुगतान और 14 दिन के अंदर गन्ने का पेमेंट देने की मांग को पूरा किया जाए। वार्ता में कोई हल नहीं निकल सका।किसान फिर से शुगर मिल के बायलर हाउस में धरने पर जाकर बैठ गए।
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रविवार को शामली शुगर मिल के बायलर हाउस में किसानों की महापंचायत आयोजित की गई थी। जिसमें भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने भी भाग लिया था और बकाया सम्पूर्ण भुगतान नहीं करने पर सरकार और मिल प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया था। कहा था कि वह किसानों के साथ है। महापंचायत में कोई निर्णय नहीं लिया जा सका था।
सोमवार को धरनारत किसान धरना संयोजक संजीव शास्त्री के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पर जिलाधिकारी रविंद्र सिंह, एडीएम संतोष कुमार, मिल के अधिकारियों से वार्ता करने के लिए पहुंचे। किसानों ने वार्ता के दौरान बकाया भुगतान, गन्ना डायवर्जन करने की मांग पूरी करने पर ही मिल को चलने देने की बात कहीं। जबकि मिल के अधिकारियों ने कहा कि सम्पूर्ण भुगतान देने के बारे में मिल मालिक से बात कर बताया जाएगा। जिसके कारण वार्ता में कोई निर्णय नहीं हो सका। किसान वापस लौट आए।
किसानों ने कहा कि मांगे पूरी नहीं होने तक उनका धरना जारी रहेगा। मंगलवार की रात किसानों की फिर से डीएम से वार्ता होगी, जिसमें अहम निर्णय लिया जा सकता है। संजीव शास्त्री ने बताया कि वार्ता अभी विफल रही है। एक बार फिर से प्रशासन से वार्ता होगी।
सोमवार को धरनारत किसान धरना संयोजक संजीव शास्त्री के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पर जिलाधिकारी रविंद्र सिंह, एडीएम संतोष कुमार, मिल के अधिकारियों से वार्ता करने के लिए पहुंचे। किसानों ने वार्ता के दौरान बकाया भुगतान, गन्ना डायवर्जन करने की मांग पूरी करने पर ही मिल को चलने देने की बात कहीं। जबकि मिल के अधिकारियों ने कहा कि सम्पूर्ण भुगतान देने के बारे में मिल मालिक से बात कर बताया जाएगा। जिसके कारण वार्ता में कोई निर्णय नहीं हो सका। किसान वापस लौट आए।
किसानों ने कहा कि मांगे पूरी नहीं होने तक उनका धरना जारी रहेगा। मंगलवार की रात किसानों की फिर से डीएम से वार्ता होगी, जिसमें अहम निर्णय लिया जा सकता है। संजीव शास्त्री ने बताया कि वार्ता अभी विफल रही है। एक बार फिर से प्रशासन से वार्ता होगी।