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Shamli News: हेपेटाइटिस की जांच रिपोर्ट के लिए मरीजों को करना पड़ता है इंतजार
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शामली। हेपेटाइटिस के मरीजों को वायरल लोड की जांच के लिए जिले में सुविधा नहीं है। मरीजों के नमूनों को जांच के लिए सहारनपुर भेजा जाता है। इसके बाद जांच रिपोर्ट के लिए मरीजों को 25 से 30 दिन तक इंतजार करना पड़ता है। तब तक मरीज बीमारी झेलने को मजबूर रहते हैं।
जिले में हेपेटाइटिस बी व सी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसे काला पीलिया भी कहते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि हेपेटाइटिस खतरनाक बीमारी है, लेकिन समय रहते इसका उपचार कराया जाए तो यह ठीक हो जाती है। सीएचसी पर कार्ड से हेपेटाइटिस की जांच की सुविधा है, लेकिन हेपेटाइटिस के वायरल लोड की जांच की सुविधा नहीं है। सीएचसी शामली पर मरीजों के वायरल लोड के लिए हर महीने की दस व 25 तारीख को नमूने लिए जाते हैं। नमूनों को जांच के लिए पहले मेरठ भेजा जाता था। अब सहारनपुर भेजा जा रहा है। वहां से नमूनों की जांच रिपोर्ट आने में 25 से 30 दिन का समय लगता है। जांच रिपोर्ट आने तक मरीजों को बीमारी किस स्टेज पर है, इसकी जानकारी नहीं हो पाती। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मरीज को सही तरीके से उपचार शुरू होता है, तब तक मरीजों को सिर्फ बेसिक दवा दी जाती है। फिजिशियन डॉ. पंकज गर्ग ने बताया कि वायरस के कारण खून के संक्रमण से यह बीमारी फैलती है। हाथ मिलाने या छूने से नहीं फैलती। इसके लीवर में सूजन आ जाती है। शुरुआत में लक्षण नजर आते ही इसका उपचार शुरू कर देना चाहिए। इसमें लापरवाही बरती जाए तो लीवर का कैंसर या पेट में पानी भरने की आशंका रहती है। हेपेटाइटिस बी के लिए वैक्सीन उपलबध है, लेकिन सी के लिए अभी वैक्सीन नहीं बनी है। अगर घर में किसी मरीज को हेपेटाइटिस होता है तो परिवार के अन्य सदस्यों को भी जांच करा लेनी चाहिए। साथ ही बच्चों से लेकर बुजुर्गों सभी को वैक्सीन लगवानी चाहिए। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास ने बताया कि सीएचसी में हेपेटाइटिस बी व सी के मरीजों के वायरल लोड की जांच के लिए नमूने लेने की सुविधा है। नमूनों को सहारनपुर जांच के लिए भेजा जाता है।
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हर महीने 150 मरीजों के लिए जा रहे नमूने
शामली। सीएचसी शामली की पैथोलोजी के लैब टेक्नीशियन अशोक कुमार ने बताया कि हर महीने दो बार 10 व 25 तारीख को शिविर लगाकर मरीजों के वायरल लोड की जांच के लिए करीब 150 नमूने लिए जाते हैं। इनमें 15 से 20 नमूने हेपेटाइटिस बी के होते हैं, बाकी हेपेटाइटिस सी के होते हैं। सहारनपुर से जांच रिपोर्ट 25 से 30 दिन में आ जाती है।
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हेपेटाइटिस के लक्षण
भूख न लगना।
उल्टी होना।
पेट में दर्द होना।
शरीर में कमजोरी व थकान होना।
बुखार होना।
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बचाव:
चिकनाई युक्त खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
हल्का सुपाच्य भोजन लें।
चिकित्सक की सलाह से जांच व उपचार कराएं।
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जिले में हेपेटाइटिस बी व सी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसे काला पीलिया भी कहते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि हेपेटाइटिस खतरनाक बीमारी है, लेकिन समय रहते इसका उपचार कराया जाए तो यह ठीक हो जाती है। सीएचसी पर कार्ड से हेपेटाइटिस की जांच की सुविधा है, लेकिन हेपेटाइटिस के वायरल लोड की जांच की सुविधा नहीं है। सीएचसी शामली पर मरीजों के वायरल लोड के लिए हर महीने की दस व 25 तारीख को नमूने लिए जाते हैं। नमूनों को जांच के लिए पहले मेरठ भेजा जाता था। अब सहारनपुर भेजा जा रहा है। वहां से नमूनों की जांच रिपोर्ट आने में 25 से 30 दिन का समय लगता है। जांच रिपोर्ट आने तक मरीजों को बीमारी किस स्टेज पर है, इसकी जानकारी नहीं हो पाती। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मरीज को सही तरीके से उपचार शुरू होता है, तब तक मरीजों को सिर्फ बेसिक दवा दी जाती है। फिजिशियन डॉ. पंकज गर्ग ने बताया कि वायरस के कारण खून के संक्रमण से यह बीमारी फैलती है। हाथ मिलाने या छूने से नहीं फैलती। इसके लीवर में सूजन आ जाती है। शुरुआत में लक्षण नजर आते ही इसका उपचार शुरू कर देना चाहिए। इसमें लापरवाही बरती जाए तो लीवर का कैंसर या पेट में पानी भरने की आशंका रहती है। हेपेटाइटिस बी के लिए वैक्सीन उपलबध है, लेकिन सी के लिए अभी वैक्सीन नहीं बनी है। अगर घर में किसी मरीज को हेपेटाइटिस होता है तो परिवार के अन्य सदस्यों को भी जांच करा लेनी चाहिए। साथ ही बच्चों से लेकर बुजुर्गों सभी को वैक्सीन लगवानी चाहिए। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास ने बताया कि सीएचसी में हेपेटाइटिस बी व सी के मरीजों के वायरल लोड की जांच के लिए नमूने लेने की सुविधा है। नमूनों को सहारनपुर जांच के लिए भेजा जाता है।
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हर महीने 150 मरीजों के लिए जा रहे नमूने
शामली। सीएचसी शामली की पैथोलोजी के लैब टेक्नीशियन अशोक कुमार ने बताया कि हर महीने दो बार 10 व 25 तारीख को शिविर लगाकर मरीजों के वायरल लोड की जांच के लिए करीब 150 नमूने लिए जाते हैं। इनमें 15 से 20 नमूने हेपेटाइटिस बी के होते हैं, बाकी हेपेटाइटिस सी के होते हैं। सहारनपुर से जांच रिपोर्ट 25 से 30 दिन में आ जाती है।
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हेपेटाइटिस के लक्षण
भूख न लगना।
उल्टी होना।
पेट में दर्द होना।
शरीर में कमजोरी व थकान होना।
बुखार होना।
बचाव:
चिकनाई युक्त खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
हल्का सुपाच्य भोजन लें।
चिकित्सक की सलाह से जांच व उपचार कराएं।