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Shamli News: दिव्यांग बच्चों को अभिभावक छोड़ने जाएंगे स्कूल
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शामली। शासन ने दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बड़ी पहल की है। अब बच्चों की शारीरिक कमी उनकी शिक्षा की राह में बाधा नहीं बनेगी। अभिभावकों को इसके लिए भत्ता दिया जाएगा। 600 रुपये प्रति माह के हिसाब से 10 माह का भत्ता खाते में भेजा जाएगा। 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले बच्चे योजना के लिए पात्र माने जाएंगे।
दिव्यांग बच्चों को शिक्षित करने के लिए शासन लगातार प्रयास कर रहा है। ऐसे बच्चों के लिए समेकित शिक्षा अभियान चलाया जा रहा है। इस योजना के तहत अभी तक बच्चों को ट्राइसाइकिल या अन्य उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे वे स्कूल आ जा सकें। जिले में ऐसे तमाम बच्चे हैं, जो स्वयं उपकरणों के सहारे स्कूल आ जा नहीं सकते। इनको स्कूल आने-जाने के लिए किसी न किसी सहारे की आवश्यकता पड़ती है। बच्चों को उनके अभिभावकों को विद्यालय छोड़ने जाना पड़ता है। ऐसे में गरीब परिवारों पर बच्चों को स्कूल पहुंचाने का अतिरिक्त भार आ जाता है। शासन ने उनका यह भार उठाने का निर्णय लिया है। अब सरकार की ओर से उनको प्रतिवर्ष भत्ता दिया जाएगा। इसके लिए एस्कार्ट योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत अभिभावकों को साल में 6000 रुपये भत्ते के रूप में मिलेंगे, जिससे वे अपने बच्चों को आसानी से स्कूल पहुंचा सकें।
-इन्होंने कहा
शासन द्वारा 6 से 14 साल तक के दिव्यांग बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए एस्कार्ट योजना चलाई जा रही है। 70 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगता वाले बच्चे योजना के लिए पात्र माने जाएंगे। अभी शासन से लक्ष्य नहीं मिला है।
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-कुमारी कोमल, बीएसए शामली
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दिव्यांग बच्चों को शिक्षित करने के लिए शासन लगातार प्रयास कर रहा है। ऐसे बच्चों के लिए समेकित शिक्षा अभियान चलाया जा रहा है। इस योजना के तहत अभी तक बच्चों को ट्राइसाइकिल या अन्य उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे वे स्कूल आ जा सकें। जिले में ऐसे तमाम बच्चे हैं, जो स्वयं उपकरणों के सहारे स्कूल आ जा नहीं सकते। इनको स्कूल आने-जाने के लिए किसी न किसी सहारे की आवश्यकता पड़ती है। बच्चों को उनके अभिभावकों को विद्यालय छोड़ने जाना पड़ता है। ऐसे में गरीब परिवारों पर बच्चों को स्कूल पहुंचाने का अतिरिक्त भार आ जाता है। शासन ने उनका यह भार उठाने का निर्णय लिया है। अब सरकार की ओर से उनको प्रतिवर्ष भत्ता दिया जाएगा। इसके लिए एस्कार्ट योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत अभिभावकों को साल में 6000 रुपये भत्ते के रूप में मिलेंगे, जिससे वे अपने बच्चों को आसानी से स्कूल पहुंचा सकें।
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-इन्होंने कहा
शासन द्वारा 6 से 14 साल तक के दिव्यांग बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए एस्कार्ट योजना चलाई जा रही है। 70 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगता वाले बच्चे योजना के लिए पात्र माने जाएंगे। अभी शासन से लक्ष्य नहीं मिला है।
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-कुमारी कोमल, बीएसए शामली