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पाकिस्तानी हिंदुओं ने सुनाई व्यथा

Mon, 15 Feb 2016 12:41 AM IST
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला Updated Mon, 15 Feb 2016 12:41 AM IST
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Pakistani Hindus recited soreness
शामली। मजबूरी में पाकिस्तान से भारत आए सैकड़ों हिंदुओं के मददगार नाहर सिंह का कहना है कि बंटवारे के बावजूद देश में मुस्लिमों की संख्या बढ़ी, लेकिन पाकिस्तान में लगातार घट गई। देशवासियों को सोचना पड़ेगा कि यह स्थिति किस ओर ले जा रही है।
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रविवार को शामली में माजरा रोड पर देव गार्डन में सुदर्शन सेवा समिति की ओर से सम्मान समारोह रखा गया। मुख्य अतिथि दिल्ली के बिजवासन से आए नाहर सिंह ने कहा कि 2011 से अब तक पाकिस्तान से 940 हिंदू दिल्ली में आए, जिन्हें उन्होंने अपने तथा अपने परिचितों के मकानों में आश्रय दिया।
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फिर उनको नागरिकता दिलाने के लिए गृहमंत्रालय से लेकर प्रधानमंत्री और महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। इसके बाद उन्हें लांग टर्म वीजा (एलटीवी) मिल गया। 1947 में बंटवारे के बाद भारत में करीब तीन करोड़ मुस्लिम रह गए थे, जिनकी जनसंख्या बढ़कर अब करीब 25 करोड़ पहुंच गई है। इसके विपरीत पाकिस्तान में हिंदुओं की संख्या दो करोड़ से घटकर सिर्फ 20 लाख रह गई है। यह स्थिति ठीक नहीं है
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नाहर सिंह के साथ आए पाकिस्तानी हिंदू लक्ष्मण ने पाकिस्तान में हिंदुओं पर होते अत्याचार के बारे में बताया। अध्यक्षता नरेंद्र सिंह पुंडीर तथा संचालन मैनपाल सिंह ने किया। इस दौरान अरविंद कौशिक, यशवीर पहलवान, सुरेशपाल, चौधरी रविंद्र सिंह, अनुज गोयल, विनीत, अनिल कुमार, भूरा पहलवान, राजेंद्र, गौरव शर्मा, किरणपाल सिंह, शांतिनाथ, विश्वजीत, ऋषिपाल सिंह बालियान, हरित गुप्ता, अनुज उर्फ भूरा पहलवान आदि मौजूद रहे।
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