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Shamli News: नामों के फेर में किसानों की फार्मर रजिस्ट्री अटकी
Fri, 11 Sep 2026 01:02 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 11 Sep 2026 01:02 AM IST
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शामली। किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने के लिए शुरू की गई फार्मर रजिस्ट्री में नामों का अंतर अड़ंगा बन गया है। कहीं सानू खसरा खतौनी में सोनू हो गया तो कहीं अंकित खतौनी में अनिकेत बन गया।
कहीं नाम के साथ श्री या श्रीमती जुड़ा है तो कहीं विवाहित महिला के दस्तावेजों में पिता और पति के नाम अलग-अलग दर्ज हैं। इन गड़बड़ियों के कारण जिले में 15,761 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री अटकी हुई है। नाम और दस्तावेजों में अंतर ठीक कराने के लिए किसान अधिकारियों और जनसेवा केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं।
केस-1
खेड़ी निवासी सानू के आधार कार्ड में सानू, जबकि खतौनी में सोनू नाम दर्ज है। सॉफ्टवेयर इसे मिसमैच मान रहा है। इसके चलते रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही।
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केस-2
भैंसवाल गांव निवासी राजकुमार के नाम में भी दस्तावेजों में अंतर है। एक रिकॉर्ड में राजकुमार तो दूसरे में रामकुमार दर्ज है। इसी तरह कहीं नाम के साथ कुमार जुड़ा है तो दूसरे रिकॉर्ड में कुमार की जगह सिंह दर्ज है।
केस-3
लांक गांव की सोनिया के एक दस्तावेज में पिता का नाम जुड़ा है, जबकि दूसरे में पति का नाम दर्ज है। ऐसे मामलों को भी सॉफ्टवेयर मिसमैच मान रहा है।
ये मामले तो बानगी भर हैं
कांधला निवासी अंकित का नाम खतौनी में अनिकेत दर्ज है। कई दस्तावेजों में नाम के आगे श्री या श्रीमती लिखा है, जबकि फर्द में यह दर्ज नहीं है। सॉफ्टवेयर इन मामूली अंतर को भी मिसमैच मानकर रजिस्ट्री रोक दे रहा है।
1.31 लाख की बननी है फार्मर रजिस्ट्री
जिले में कुल 1,31,584 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बननी है। अब तक विभाग 1,15,823 किसानों की रजिस्ट्री करा चुका है। 15,761 किसानों की रजिस्ट्री अभी बाकी है।
सीएससी संचालक भी परेशान
टपराना गांव के सीएससी संचालक शोएब और शामली के रिजवान का कहना है कि अधूरी रजिस्ट्री की सूची में कई ऐसे नाम हैं, जो मृतक हैं या जिनके आधार कार्ड और खतौनी में नाम मेल नहीं खाते। कई किसान यह समझ रहे हैं कि उनकी रजिस्ट्री पहले ही हो चुकी है, जबकि वास्तव में प्रक्रिया अधूरी है। इससे बार-बार बुलाने पर भी वे नहीं आ रहे हैं।
रजिस्ट्री होने पर योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ
कृषि अधिकारी प्रदीप यादव ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री होने के बाद ही किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि, केसीसी, फसल बीमा और एमएसपी जैसी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। किसान जनसेवा केंद्र पर जाकर या मोबाइल में फार्मर रजिस्ट्री एप के माध्यम से खुद भी पंजीकरण करा सकते हैं।
किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। नाम गलत होने के कारण किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाने में दिक्कत हो रही है। जल्द ही सभी की रजिस्ट्री बना दी जाएगी। किसानों से अपील है कि फार्मर रजिस्ट्री बनवाने के लिए आगे आएं। - प्रदीप यादव, जिला कृषि अधिकारी शामली
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कहीं नाम के साथ श्री या श्रीमती जुड़ा है तो कहीं विवाहित महिला के दस्तावेजों में पिता और पति के नाम अलग-अलग दर्ज हैं। इन गड़बड़ियों के कारण जिले में 15,761 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री अटकी हुई है। नाम और दस्तावेजों में अंतर ठीक कराने के लिए किसान अधिकारियों और जनसेवा केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं।
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केस-1
खेड़ी निवासी सानू के आधार कार्ड में सानू, जबकि खतौनी में सोनू नाम दर्ज है। सॉफ्टवेयर इसे मिसमैच मान रहा है। इसके चलते रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही।
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केस-2
भैंसवाल गांव निवासी राजकुमार के नाम में भी दस्तावेजों में अंतर है। एक रिकॉर्ड में राजकुमार तो दूसरे में रामकुमार दर्ज है। इसी तरह कहीं नाम के साथ कुमार जुड़ा है तो दूसरे रिकॉर्ड में कुमार की जगह सिंह दर्ज है।
केस-3
लांक गांव की सोनिया के एक दस्तावेज में पिता का नाम जुड़ा है, जबकि दूसरे में पति का नाम दर्ज है। ऐसे मामलों को भी सॉफ्टवेयर मिसमैच मान रहा है।
ये मामले तो बानगी भर हैं
कांधला निवासी अंकित का नाम खतौनी में अनिकेत दर्ज है। कई दस्तावेजों में नाम के आगे श्री या श्रीमती लिखा है, जबकि फर्द में यह दर्ज नहीं है। सॉफ्टवेयर इन मामूली अंतर को भी मिसमैच मानकर रजिस्ट्री रोक दे रहा है।
1.31 लाख की बननी है फार्मर रजिस्ट्री
जिले में कुल 1,31,584 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बननी है। अब तक विभाग 1,15,823 किसानों की रजिस्ट्री करा चुका है। 15,761 किसानों की रजिस्ट्री अभी बाकी है।
सीएससी संचालक भी परेशान
टपराना गांव के सीएससी संचालक शोएब और शामली के रिजवान का कहना है कि अधूरी रजिस्ट्री की सूची में कई ऐसे नाम हैं, जो मृतक हैं या जिनके आधार कार्ड और खतौनी में नाम मेल नहीं खाते। कई किसान यह समझ रहे हैं कि उनकी रजिस्ट्री पहले ही हो चुकी है, जबकि वास्तव में प्रक्रिया अधूरी है। इससे बार-बार बुलाने पर भी वे नहीं आ रहे हैं।
रजिस्ट्री होने पर योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ
कृषि अधिकारी प्रदीप यादव ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री होने के बाद ही किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि, केसीसी, फसल बीमा और एमएसपी जैसी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। किसान जनसेवा केंद्र पर जाकर या मोबाइल में फार्मर रजिस्ट्री एप के माध्यम से खुद भी पंजीकरण करा सकते हैं।
किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। नाम गलत होने के कारण किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाने में दिक्कत हो रही है। जल्द ही सभी की रजिस्ट्री बना दी जाएगी। किसानों से अपील है कि फार्मर रजिस्ट्री बनवाने के लिए आगे आएं। - प्रदीप यादव, जिला कृषि अधिकारी शामली