{"_id":"6aa305774d9bd721740781fc","slug":"35000-fine-for-selling-defective-acs-shamli-news-c-26-1-sal1002-173754-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: खराब एसी बेचने पर 35 हजार का जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: खराब एसी बेचने पर 35 हजार का जुर्माना
Fri, 11 Sep 2026 01:01 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 11 Sep 2026 01:01 AM IST
विज्ञापन
शामली। करनाल के मॉडल टाउन निवासी ग्लैक्सी हेल्थ केयर के प्रोपराइटर अगम दयाल और खेड़ा कुरतान निवासी हार्दिक चौहान ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में खराब एसी बेचने पर याचिका दायर की थी। आयोग ने बृहस्पतिवर को फैसले में कांधला के रेलवे रोड स्थित आशादीप इलेक्ट्रॉनिक्स और मुंबई के आंबेडकर रोड निवासी वोल्टास लिमिटेड के प्रबंधक पर 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
याचिका में बताया कि हार्दिक चौहान, अगम दयाल का भांजा है और शामली में रहता है। उसने आशादीप इलेक्ट्रॉनिक्स से 36 हजार रुपये में एसी खरीदा। उसे एसी पर 10 साल की वारंटी मिली।
आरोप है कि एसी कमरे को ठीक से ठंडा नहीं कर रहा था। शिकायत करने पर कंपनी का कर्मचारी मौके पर पहुंचा और एसी को ठीक कर गया। कुछ दिन बाद फिर कूलिंग बंद हो गई। दोबारा शिकायत करने पर कंपनी का कर्मचारी गैस भरकर चला गया, लेकिन इसके बाद भी एसी खराब हो गया।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि उसे जानबूझकर पुराना और खराब एसी बेच दिया गया, जिसके कारण वह बार-बार खराब हो रहा था। इसे अनुचित व्यापार व्यवहार बताते हुए आयोग में याचिका दायर की गई।
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार ने पुराना एसी बदलकर नया एसी अपने खर्च पर उपभोक्ता के घर में लगाने के आदेश दिए। इसके साथ ही मानसिक एवं शारीरिक क्षति के लिए 10 हजार रुपये, वाद व्यय के पांच हजार रुपये और अनुचित व्यापार के लिए 20 हजार देने के निर्देश दिए। आयोग ने कहा कि 45 दिन के भीतर राशि जमा नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
याचिका में बताया कि हार्दिक चौहान, अगम दयाल का भांजा है और शामली में रहता है। उसने आशादीप इलेक्ट्रॉनिक्स से 36 हजार रुपये में एसी खरीदा। उसे एसी पर 10 साल की वारंटी मिली।
विज्ञापन
आरोप है कि एसी कमरे को ठीक से ठंडा नहीं कर रहा था। शिकायत करने पर कंपनी का कर्मचारी मौके पर पहुंचा और एसी को ठीक कर गया। कुछ दिन बाद फिर कूलिंग बंद हो गई। दोबारा शिकायत करने पर कंपनी का कर्मचारी गैस भरकर चला गया, लेकिन इसके बाद भी एसी खराब हो गया।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि उसे जानबूझकर पुराना और खराब एसी बेच दिया गया, जिसके कारण वह बार-बार खराब हो रहा था। इसे अनुचित व्यापार व्यवहार बताते हुए आयोग में याचिका दायर की गई।
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार ने पुराना एसी बदलकर नया एसी अपने खर्च पर उपभोक्ता के घर में लगाने के आदेश दिए। इसके साथ ही मानसिक एवं शारीरिक क्षति के लिए 10 हजार रुपये, वाद व्यय के पांच हजार रुपये और अनुचित व्यापार के लिए 20 हजार देने के निर्देश दिए। आयोग ने कहा कि 45 दिन के भीतर राशि जमा नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।