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हरियाणा की मंडियों में बिक रहा यूपी का धान
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Mon, 23 Oct 2017 12:13 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। वेस्ट यूपी के किसान हरियाणा की मंडियों में बासमती धान का भाव अच्छा मिलने से बेहद खुश हैं। इसलिए किसानों ने अपने यहां का मोह छोड़कर हरियाणा की मंडियों में अपना धान बेच रहे हैं। शामली और मुजफ्फरनगर जिले को मिलाकर सात खरीद केंद्रों पर एक भी दाना धान का नहीं खरीदा गया है।
इस साल शासन ने सामान्य धान का मूल्य 1550, ग्रेड़ ए धान का मूल्य 1590 क्विंटल घोषित किया है। पिछले तीन सालों की अपेक्षा इस साल हरियाणा में करनाल, पानीपत, सोनीपत जिले की मंडियों में पूसा बासमती 1121 का मूल्य 3375, पूसा बासमती तुडल का मूल्य 3050, पीसी बासमती 1509 का मूल्य 3050, सीएसआर 30, 36 का मूल्य सबसे ज्यादा है।
वेस्ट यूपी के शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत आदि जिले में बासमती धान की पैदावार ठीकठाक है। यहां के किसान हरियाणा के सोनीपत, पानीपत, करनाल, यमुनानगर आदि जिलों की मंडियों में अपनी धान की फसल ले जाने को मजबूर हैं। जिले के प्रगतिशील किसान जितेंद्र हुड्ड़ा का कहना है कि पिछले तीन साल के बाद इस साल धान का अच्छा भाव मिला है। पिछले साल धान का भाव 1400 से लेकर 1800 रुपये क्विंटल तक मिला था।
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117 क्विंटल हुई धान की खरीद
शामली। पिछले 27 दिनों में जिले के धान के छह खरीद में से तीन धान खरीद केंद्रों में मात्र 117 क्विंटल धान की खरीद हो पाई है। शामली जिले के तीन खरीद केंद्रों व मुजफ्फरनगर जिले के पीसीएफ के चार खरीद केंद्रों पर एक भी दाना धान का नहीं खरीदा गया है।
गन्ने की बेल्ट में धान की कम पैदावार होती है। 222 हेक्टेयर भूमि में धान की पैदावार होती है। डिप्टी आरएमओ निहारिका ने स्वीकार किया है कि जिले के ज्यादातर किसान बासमती धान को करनाल, पानीपत की मंडियों में बेचने के लिए ले जा रहे हैं।
धान खरीद केंद्रों का निरीक्षण करने आए उत्तर प्रदेश खाद्य रसद विभाग के विशेष सचिव एवं जिले के नोडल अधिकारी जीपी कमल को धान की कम खरीद होने तथा हरियाणा की मंडी मे धान ले जाने की जानकारी दी थी। पीसीएफ के बाबरी, ऊन, इस्सौपुर खुरगान व मुजफ्फरनगर जिले के पीसीएफ चार खरीद केंद्रों पर एक भी दाना धान का नहीं खरीदा गया है। जिले में कैराना, थानाभवन, गंगेरू के तीन खरीद केंद्र पर मात्र 117 क्विंटल व मुजफ्फरनगर जिले में 223 क्विंटल की खरीद हो पाई है।
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इस साल शासन ने सामान्य धान का मूल्य 1550, ग्रेड़ ए धान का मूल्य 1590 क्विंटल घोषित किया है। पिछले तीन सालों की अपेक्षा इस साल हरियाणा में करनाल, पानीपत, सोनीपत जिले की मंडियों में पूसा बासमती 1121 का मूल्य 3375, पूसा बासमती तुडल का मूल्य 3050, पीसी बासमती 1509 का मूल्य 3050, सीएसआर 30, 36 का मूल्य सबसे ज्यादा है।
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वेस्ट यूपी के शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत आदि जिले में बासमती धान की पैदावार ठीकठाक है। यहां के किसान हरियाणा के सोनीपत, पानीपत, करनाल, यमुनानगर आदि जिलों की मंडियों में अपनी धान की फसल ले जाने को मजबूर हैं। जिले के प्रगतिशील किसान जितेंद्र हुड्ड़ा का कहना है कि पिछले तीन साल के बाद इस साल धान का अच्छा भाव मिला है। पिछले साल धान का भाव 1400 से लेकर 1800 रुपये क्विंटल तक मिला था।
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117 क्विंटल हुई धान की खरीद
शामली। पिछले 27 दिनों में जिले के धान के छह खरीद में से तीन धान खरीद केंद्रों में मात्र 117 क्विंटल धान की खरीद हो पाई है। शामली जिले के तीन खरीद केंद्रों व मुजफ्फरनगर जिले के पीसीएफ के चार खरीद केंद्रों पर एक भी दाना धान का नहीं खरीदा गया है।
गन्ने की बेल्ट में धान की कम पैदावार होती है। 222 हेक्टेयर भूमि में धान की पैदावार होती है। डिप्टी आरएमओ निहारिका ने स्वीकार किया है कि जिले के ज्यादातर किसान बासमती धान को करनाल, पानीपत की मंडियों में बेचने के लिए ले जा रहे हैं।
धान खरीद केंद्रों का निरीक्षण करने आए उत्तर प्रदेश खाद्य रसद विभाग के विशेष सचिव एवं जिले के नोडल अधिकारी जीपी कमल को धान की कम खरीद होने तथा हरियाणा की मंडी मे धान ले जाने की जानकारी दी थी। पीसीएफ के बाबरी, ऊन, इस्सौपुर खुरगान व मुजफ्फरनगर जिले के पीसीएफ चार खरीद केंद्रों पर एक भी दाना धान का नहीं खरीदा गया है। जिले में कैराना, थानाभवन, गंगेरू के तीन खरीद केंद्र पर मात्र 117 क्विंटल व मुजफ्फरनगर जिले में 223 क्विंटल की खरीद हो पाई है।