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एक बार फिर नए सिरे से होगा सर्वे
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Mon, 29 Feb 2016 12:45 AM IST
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शामली। मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन का पुराना सर्वे ठंडे बस्ते में चला गया है। इस लाइन का एक बार फिर नए सिरे से सर्वे होगा। संसद सत्र के बाद रेलवे की टीम वेस्ट यूपी और हरियाणा के जिलों के दौरे पर आकर सर्वे करेगी।
मेरठ-पानीपत रेलवे लाइन की लंबे समय से मांग की जा रही है, इस रेलवे लाइन का तीन बार सर्वे हो चुका है। 104 किमी मेरठ-पानीपत रेलवे लाइन का पहला सर्वे वर्ष 1998- 99 में 275 करोड़ रुपये की धनराशि का हुआ। हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़नेे वाली इस रेलवे लाइन का दूसरी बार सर्वेक्षण वर्ष 2008-09 को रेल मंत्री ममता बनर्जी ने कराया तो इस रेलवे ट्रैक की लागत 635 करोड़ रुपये आंकी गई।
वर्ष 2010-11 में यह इस रेलवे लाइन के सर्वे में लागत 950.54 करोड़ रुपये हो गई। इस साल कैराना के भाजपा सांसद हुकुमसिंह के प्रयास से मोदी सरकार के रेलवे मंत्री सुरेश प्रभु द्वारा रेल बजट 2016 में मेरठ-पानीपत रेलवे लाइन की स्वीकृति तथा 2200 करोड़ रुपये बजट के प्रावधान, कैथल-करनाल, शामली पानीपत नई रेलवे का सर्वेक्षण की बात कही है। मेरठ- पानीपत वाया शामली रेल लाइन परियोजना में कौन कौन से गांव शामिल किए जाएंगे, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है, परंतु इतना साफ है कि इस प्रोजेक्ट में शामली-कैराना को अवश्य जोड़ा जाएगा।
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उधर, भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने बताया कि मेरठ-पानीपत वाया शामली के लिए लाइन बिछाई जाएगी। पुराना प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया है। इस प्रोजेक्ट में शामली जिले के ज्यादा से ज्यादा हिस्से को शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संसद सत्र के बाद रेलवे की टीम मेरठ-पानीपत वाया शामली नई रेलवे लाइन के प्रोजेक्ट पर आकर सर्वेक्षण काम शुरू कर देगी।
अर्ध कुंभ जाने के लिए यात्रियों को सुविधा
शामली। कई माह से बंद चल रही बीकानेर से हरिद्वार के लिए स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन को आखिर दो माह के लिए अनुमति दे दी है। शनिवार को बीकानेर से चलकर शामली होकर हरिद्वार के लिए स्पेशल ट्रेन फिर दौड़ी। बीकानेर - हरिद्वार स्पेशल ट्रेन के चलने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली के यात्रियों को हरिद्वार अर्ध कुंभ मेले में जाने की सुविधा मिलेगी।
बीकानेर-हरिद्वार स्पेशल ट्रेन सालो से दिल्ली-शामली, सहारनपुर मार्ग से होकर चल रही थी। प्रत्येक शनिवार को यह ट्रेन हरिद्वार पहुंचकर रात में आठ बजे वापस बीकानेर के लिए प्रस्थान करके रविवार की सुबह पहुंचती है। नवंबर माह के अंतिम सप्ताह से यह स्पेशल ट्रेन का संचालन बंद चल रहा था। फरवरी के अंतिम सप्ताह राजस्थान के बीकानेर मंडल ने इस स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन को 27 फरवरी से लेकर 29 अप्रैल तक चलाने की अनुमति प्रदान की थी।
शनिवार को बीकानेर हरिद्वार स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन बीकानेर से दिल्ली, शामली होकर टपरी से हरिद्वार के लिए रवाना हुई। शाम आठ बजे यह ट्रेन हरिद्वार से चलकर शामली रात 11 बजे बजे होकर बीकानेर के लिए रवाना हो गई। इस स्पेशल ट्रेन के चलने से राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को हरिद्वार अर्ध कुंभ जाने में सुविधा मिलेगी। हरिद्वार अर्ध कुंभ में देश भर के यात्री स्नान करने के लिए आते हैं।
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मेरठ-पानीपत रेलवे लाइन की लंबे समय से मांग की जा रही है, इस रेलवे लाइन का तीन बार सर्वे हो चुका है। 104 किमी मेरठ-पानीपत रेलवे लाइन का पहला सर्वे वर्ष 1998- 99 में 275 करोड़ रुपये की धनराशि का हुआ। हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़नेे वाली इस रेलवे लाइन का दूसरी बार सर्वेक्षण वर्ष 2008-09 को रेल मंत्री ममता बनर्जी ने कराया तो इस रेलवे ट्रैक की लागत 635 करोड़ रुपये आंकी गई।
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वर्ष 2010-11 में यह इस रेलवे लाइन के सर्वे में लागत 950.54 करोड़ रुपये हो गई। इस साल कैराना के भाजपा सांसद हुकुमसिंह के प्रयास से मोदी सरकार के रेलवे मंत्री सुरेश प्रभु द्वारा रेल बजट 2016 में मेरठ-पानीपत रेलवे लाइन की स्वीकृति तथा 2200 करोड़ रुपये बजट के प्रावधान, कैथल-करनाल, शामली पानीपत नई रेलवे का सर्वेक्षण की बात कही है। मेरठ- पानीपत वाया शामली रेल लाइन परियोजना में कौन कौन से गांव शामिल किए जाएंगे, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है, परंतु इतना साफ है कि इस प्रोजेक्ट में शामली-कैराना को अवश्य जोड़ा जाएगा।
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उधर, भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने बताया कि मेरठ-पानीपत वाया शामली के लिए लाइन बिछाई जाएगी। पुराना प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया है। इस प्रोजेक्ट में शामली जिले के ज्यादा से ज्यादा हिस्से को शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संसद सत्र के बाद रेलवे की टीम मेरठ-पानीपत वाया शामली नई रेलवे लाइन के प्रोजेक्ट पर आकर सर्वेक्षण काम शुरू कर देगी।
अर्ध कुंभ जाने के लिए यात्रियों को सुविधा
शामली। कई माह से बंद चल रही बीकानेर से हरिद्वार के लिए स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन को आखिर दो माह के लिए अनुमति दे दी है। शनिवार को बीकानेर से चलकर शामली होकर हरिद्वार के लिए स्पेशल ट्रेन फिर दौड़ी। बीकानेर - हरिद्वार स्पेशल ट्रेन के चलने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली के यात्रियों को हरिद्वार अर्ध कुंभ मेले में जाने की सुविधा मिलेगी।
बीकानेर-हरिद्वार स्पेशल ट्रेन सालो से दिल्ली-शामली, सहारनपुर मार्ग से होकर चल रही थी। प्रत्येक शनिवार को यह ट्रेन हरिद्वार पहुंचकर रात में आठ बजे वापस बीकानेर के लिए प्रस्थान करके रविवार की सुबह पहुंचती है। नवंबर माह के अंतिम सप्ताह से यह स्पेशल ट्रेन का संचालन बंद चल रहा था। फरवरी के अंतिम सप्ताह राजस्थान के बीकानेर मंडल ने इस स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन को 27 फरवरी से लेकर 29 अप्रैल तक चलाने की अनुमति प्रदान की थी।
शनिवार को बीकानेर हरिद्वार स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन बीकानेर से दिल्ली, शामली होकर टपरी से हरिद्वार के लिए रवाना हुई। शाम आठ बजे यह ट्रेन हरिद्वार से चलकर शामली रात 11 बजे बजे होकर बीकानेर के लिए रवाना हो गई। इस स्पेशल ट्रेन के चलने से राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को हरिद्वार अर्ध कुंभ जाने में सुविधा मिलेगी। हरिद्वार अर्ध कुंभ में देश भर के यात्री स्नान करने के लिए आते हैं।