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29 दिसंबर को कलक्ट्रेट में ईंट भट्ठा मालिक करेंगे धरना-प्रदर्शन
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शामली। ईंट भट्ठा मालिकों ने जीएसटी दर पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किए जाने और कंपाउंड स्कीम में टर्न ओवर की सीमा डेढ़ करोड़ से घटाकर 20 लाख रुपये किये जाने पर रोष व्यक्त किया है। उन्होंने प्रांतीय आह्वान पर 29 दिसंबर को पैदल मार्च कर कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की।
सोमवार को कैराना रोड स्थित रेस्टोरेंट पर पत्रकारों से बातचीत में ईंट निर्माता समिति शामली के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र मलिक ने बताया कि उत्तर प्रदेश ईंट निर्माता समिति ने निर्णय लिया है कि जीएसटी दरों में वृद्धि और टर्न ओवर की सीमा घटाकर 20 लाख रुपये किए जाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर 27 से 31 दिसंबर तक प्रदेश के सभी जिलों में कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। शामली में सभी भट्ठा मालिक 29 दिसंबर को एसटी तिराहा पर इकट्ठे होंगे और वहां से पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचेंगे।
उन्होंने बताया कि सरकार ने ईंट भट्ठा उद्योग में कंपाउंड स्कीम एक प्रतिशत से बढ़ाकर छह प्रतिशत कर दिया। जीएसटी की दरें बढ़ाकर सरकार ने भट्ठा उद्योग की कमर तोड़ने का काम किया है। इससे ईंट महंगी होगी, जिसका बोझ जनता पर पड़ेगा। ऐसी स्थिति में ईंट भट्ठा उद्योग चलने की स्थिति में नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि पहले प्रदूषण सात प्रतिशत था जो अब मात्र तीन प्रतिशत है। इसके बाद भी उन्हें मार्च से जून तक भट्ठे चलाने की अनुमति है। फिलहाल भी सभी भट्ठे बंद है। अगर यहीं स्थिति रही तो उन्हें नहीं लगता कि एनसीआर में दो-तीन साल से ज्यादा भट्ठे चल सकेंगे।
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उन्होंने कहा कि अनस्किल्ड लेबर में मनरेगा के बाद सबसे ज्यादा सीजनल रोजगार भट्ठा उद्योग देता है। उनकी मांगों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो पहले लखनऊ और फिर दिल्ली में धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान समिति के उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा, महामंत्री सुनील गोयल, सतेंद्र, अजय सिंघल, महेंद्र, विरेंद्र, मांगेराम, विरेंद्र फौजी, अनिल, गुलजार, इमरान, धर्मेंद्र, संदीप, पंकज, सतीश, महिपाल, राममेहर, अशीष, ब्रजपाल आदि मौजूद रहे।
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सोमवार को कैराना रोड स्थित रेस्टोरेंट पर पत्रकारों से बातचीत में ईंट निर्माता समिति शामली के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र मलिक ने बताया कि उत्तर प्रदेश ईंट निर्माता समिति ने निर्णय लिया है कि जीएसटी दरों में वृद्धि और टर्न ओवर की सीमा घटाकर 20 लाख रुपये किए जाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर 27 से 31 दिसंबर तक प्रदेश के सभी जिलों में कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। शामली में सभी भट्ठा मालिक 29 दिसंबर को एसटी तिराहा पर इकट्ठे होंगे और वहां से पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचेंगे।
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उन्होंने बताया कि सरकार ने ईंट भट्ठा उद्योग में कंपाउंड स्कीम एक प्रतिशत से बढ़ाकर छह प्रतिशत कर दिया। जीएसटी की दरें बढ़ाकर सरकार ने भट्ठा उद्योग की कमर तोड़ने का काम किया है। इससे ईंट महंगी होगी, जिसका बोझ जनता पर पड़ेगा। ऐसी स्थिति में ईंट भट्ठा उद्योग चलने की स्थिति में नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि पहले प्रदूषण सात प्रतिशत था जो अब मात्र तीन प्रतिशत है। इसके बाद भी उन्हें मार्च से जून तक भट्ठे चलाने की अनुमति है। फिलहाल भी सभी भट्ठे बंद है। अगर यहीं स्थिति रही तो उन्हें नहीं लगता कि एनसीआर में दो-तीन साल से ज्यादा भट्ठे चल सकेंगे।
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उन्होंने कहा कि अनस्किल्ड लेबर में मनरेगा के बाद सबसे ज्यादा सीजनल रोजगार भट्ठा उद्योग देता है। उनकी मांगों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो पहले लखनऊ और फिर दिल्ली में धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान समिति के उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा, महामंत्री सुनील गोयल, सतेंद्र, अजय सिंघल, महेंद्र, विरेंद्र, मांगेराम, विरेंद्र फौजी, अनिल, गुलजार, इमरान, धर्मेंद्र, संदीप, पंकज, सतीश, महिपाल, राममेहर, अशीष, ब्रजपाल आदि मौजूद रहे।