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जिले में दो संयंत्रों में तैयार होगा पोषाहार
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शामली। जिले में गर्भवती महिलाओं, बच्चों को बंटने वाला पोषाहार अब जिले के स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं ही तैयार करेंगी। आत्मनिर्भर भारत के तहत इस कदम से जिले की 600 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार मिलेगा। एक संयंत्र थानाभवन ब्लॉक के मुल्लापुर में लगाया जाएगा जबकि दूसरा संयंत्र कांधला के गंगेरू में लगाया जाएगा। दोनों संयंत्रों से पूरे जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार का वितरण किया जाएगा। थानाभवन में जल्द ही संयंत्र लगाने का काम शुरू हो जाएगा।
यह दोनों यूनिट समूहों की महिलाएं ही लगाएंगी। पोषाहार तैयार कर आंगनबाड़ी केंद्रों तक महिलाएं ही पहुंचाएंगी। इसका खाका तैयार हो गया है। समूहों से जुड़ी महिलाएं अब जिले में ही पोषाहार तैयार करेंगी। इसके बाद आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लाभार्थियों को बंटवाया जाएगा। इससे जिले के 600 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार मिलेगा। साथ ही पोषाहार की होने वाली कालाबाजारी पर भी अंकुश लगेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि दीपावली से पहले थानाभवन और ऊन ब्लॉक में यह नई व्यवस्था शुरू हो जाएगी। बता दें कि बाल विकास परियोजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं और बच्चों को पोषाहार बांटा जाता है। अब तक यह पोषाहार फैक्टरियाें से बनकर आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचता है। लेकिन आत्मनिर्भर भारत के तहत जिले में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को पोषाहार तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। जिले के 600 स्वयं सहायता समूहों की इसमें भागीदारी होगी।
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जिले के अनाज से ही बनेगा पोषाहार
- पोषाहार बनाने के लिए गेहूं, चना, मक्का चावल सहित अन्य खाद्य पदार्थ जिले के ही बाजार से खरीदे जाएंगे। समूहों की महिलाओं के घरों में मौजूद अनाज को भी इसमें शामिल किया जा सकेगा। पोषाहार तैयार कर संयंत्र में ही उसकी पैकिंग की जाएगी। इसके बाद उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। इन महिलाओं को अच्छी क्वालिटी का पोषाहार बनाने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
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समूह की महिलाओं ने एकत्र किए 90 लाख
थानाभवन के मुल्लापुर में संयंत्र के लिए करीब 300 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने करीब 90 लाख रुपये एकत्र किए हैं। नवज्योति इंटरप्राइजेज के नाम से यह संयंत्र लगाया जाएगा। इसके लिए मुल्लापुर में भवन का एग्रीमेंट भी करा लिया गया है। बिजली के कनेक्शन के लिए साढ़े पांच लाख का एस्टीमेट तैयार किया गया है। जल्द ही मशीनें लगाने के लिए कंपनी का वेंडर यहां आएगा, जिसके बाद मशीन यहां लगाई जाएंगी। मुल्लापुर में लगने वाले संयंत्र से थानाभवन और ऊन ब्लॉक क्षेत्र में और गंगेरू के संयंत्र से शामली, कैराना और ऊन ब्लॉक क्षेत्र के आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषाहार का वितरण होगा। गंगेरू के संयंत्र के लिए पैसा एकत्र किया जा रहा है। जल्द ही वहां भी संयंत्र का काम शुरू किया जाएगा।
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संयंत्र की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं की होगी
संयंत्र की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं के कंधों पर होगी। पोषाहार तैयार करने से लेकर वितरण का कार्य भी महिलाएं ही करेंगी। संयंत्र के संचालक मंडल की हर माह बैठक होगी, जिसमें प्रत्येक स्वयं सहायता समूह से एक महिला प्रतिभाग करेगी। इसी बैठक में संयंत्र के संचालन की जिम्मेदारी तय की जाएगी। आय-व्यय का ब्योरा भी रखा जाएगा।
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वर्जन-
जिले में पोषाहार तैयार करने के लिए दो संयंत्र लगाए जाएंगे, जिनका सारा काम स्वयं सहायता समूह की महिलाएं करेंगी। थानाभवन ब्लॉक के मुल्लापुर में जल्द ही संयंत्र लगना शुरू हो जाएगा। इसकी सभी तैयारी पूरी हो गई हैं। इसके अलावा कांधला ब्लॉक के गंगेरू में भी संयंत्र की स्थापना की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इससे सैकड़ों महिलाओं को रोजगार मिलेगा।
शैलेन व्यास, उपायुक्त स्वत: रोजगार।
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यह दोनों यूनिट समूहों की महिलाएं ही लगाएंगी। पोषाहार तैयार कर आंगनबाड़ी केंद्रों तक महिलाएं ही पहुंचाएंगी। इसका खाका तैयार हो गया है। समूहों से जुड़ी महिलाएं अब जिले में ही पोषाहार तैयार करेंगी। इसके बाद आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लाभार्थियों को बंटवाया जाएगा। इससे जिले के 600 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार मिलेगा। साथ ही पोषाहार की होने वाली कालाबाजारी पर भी अंकुश लगेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि दीपावली से पहले थानाभवन और ऊन ब्लॉक में यह नई व्यवस्था शुरू हो जाएगी। बता दें कि बाल विकास परियोजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं और बच्चों को पोषाहार बांटा जाता है। अब तक यह पोषाहार फैक्टरियाें से बनकर आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचता है। लेकिन आत्मनिर्भर भारत के तहत जिले में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को पोषाहार तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। जिले के 600 स्वयं सहायता समूहों की इसमें भागीदारी होगी।
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जिले के अनाज से ही बनेगा पोषाहार
- पोषाहार बनाने के लिए गेहूं, चना, मक्का चावल सहित अन्य खाद्य पदार्थ जिले के ही बाजार से खरीदे जाएंगे। समूहों की महिलाओं के घरों में मौजूद अनाज को भी इसमें शामिल किया जा सकेगा। पोषाहार तैयार कर संयंत्र में ही उसकी पैकिंग की जाएगी। इसके बाद उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। इन महिलाओं को अच्छी क्वालिटी का पोषाहार बनाने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
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समूह की महिलाओं ने एकत्र किए 90 लाख
थानाभवन के मुल्लापुर में संयंत्र के लिए करीब 300 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने करीब 90 लाख रुपये एकत्र किए हैं। नवज्योति इंटरप्राइजेज के नाम से यह संयंत्र लगाया जाएगा। इसके लिए मुल्लापुर में भवन का एग्रीमेंट भी करा लिया गया है। बिजली के कनेक्शन के लिए साढ़े पांच लाख का एस्टीमेट तैयार किया गया है। जल्द ही मशीनें लगाने के लिए कंपनी का वेंडर यहां आएगा, जिसके बाद मशीन यहां लगाई जाएंगी। मुल्लापुर में लगने वाले संयंत्र से थानाभवन और ऊन ब्लॉक क्षेत्र में और गंगेरू के संयंत्र से शामली, कैराना और ऊन ब्लॉक क्षेत्र के आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषाहार का वितरण होगा। गंगेरू के संयंत्र के लिए पैसा एकत्र किया जा रहा है। जल्द ही वहां भी संयंत्र का काम शुरू किया जाएगा।
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संयंत्र की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं की होगी
संयंत्र की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं के कंधों पर होगी। पोषाहार तैयार करने से लेकर वितरण का कार्य भी महिलाएं ही करेंगी। संयंत्र के संचालक मंडल की हर माह बैठक होगी, जिसमें प्रत्येक स्वयं सहायता समूह से एक महिला प्रतिभाग करेगी। इसी बैठक में संयंत्र के संचालन की जिम्मेदारी तय की जाएगी। आय-व्यय का ब्योरा भी रखा जाएगा।
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वर्जन-
जिले में पोषाहार तैयार करने के लिए दो संयंत्र लगाए जाएंगे, जिनका सारा काम स्वयं सहायता समूह की महिलाएं करेंगी। थानाभवन ब्लॉक के मुल्लापुर में जल्द ही संयंत्र लगना शुरू हो जाएगा। इसकी सभी तैयारी पूरी हो गई हैं। इसके अलावा कांधला ब्लॉक के गंगेरू में भी संयंत्र की स्थापना की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इससे सैकड़ों महिलाओं को रोजगार मिलेगा।
शैलेन व्यास, उपायुक्त स्वत: रोजगार।