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कोरोना संक्रमण काल में बढ़ी टीबी रोगियों की संख्या

Wed, 23 Feb 2022 11:56 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 23 Feb 2022 11:56 PM IST
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Number of TB patients increased during the Corona transition period
कोरोना संक्रमण काल में बढ़ी टीबी रोगियों की संख्या
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शामली। कोरोना संक्रमण काल में टीबी रोगियों की संख्या बढ़ी है। पांच साल के आंकड़े देखें तो 2021 में सबसे अधिक 2845 टीबी रोगी मिले हैं। इस साल में अब तक 214 केस सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि कोरोना और टीबी के लक्षण लगभग समान होने के कारण जांच ज्यादा होने से छिपे हुए टीबी रोगी की पहचान होना और लोगों का जागरूक होना है।
टीबी रोग अब लाइलाज नहीं है। इसका समय रहते उपचार कराने पर रोगी पूरी तरह स्वस्थ हो जाता है। जिले में हर साल नए टीबी रोगी मिल रहे हैं। जिले में पिछले पांच साल के आंकड़े देखें तो कोरोना संक्रमण काल में टीबी रोगी ज्यादा सामने आए हैं। 2021 में सबसे अधिक 2815 टीबी रोगी सामने आए हैं। पिछले साल कोरोना की दूसरी लहर ने कहर बरपाया था। इससे पहले साल 2020 में 1908 टीबी रोगी मिले थे। उस साल कोरोना संक्रमण की वजह से टीबी की जांच काफी समय तक बंद रही थी। स्वास्थ्य टीम का फोकस उस समय कोरोना की जांच पर रहा था। पांच साल पहले 2017 में 1852 टीबी रोगी मिले थे। इस साल के जनवरी व फरवरी में अब तक करीब 214 टीबी रोगियों की पहचान हुई है।
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टीबी रोग नियंत्रण विभाग के जिला समन्वयक शबी आजम ने बताया कि कोरोना और टीबी के लक्षण लगभग समान होते हैं। इसे देखते हुए कोरोना की जांच के साथ टीबी की भी जांच कराई गई। जांच ज्यादा होने से टीबी के जो रोगी छिपे हुए थे, उनके सामने आने से संख्या बढ़ी है। हालांकि टीबी के रोगी की जितनी जल्दी और ज्यादा पहचान होती है, तो उसका संक्रमण उतना ही कम लोगों तक पहुंचेगा। इसके अलावा विभाग की तरफ से समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम और विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के दौरान टीबी रोगी खोज अभियान भी समय-समय पर चलाया गया। लोगों में भी जागरूकता आई है और खांसी आदि संदिग्ध लक्षण होने पर खुद भी जांच कराने पहुंच रहे हैं।
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नि:शुल्क उपचार के साथ पोषण के लिए मिलते हैं 500 रुपये
शामली। स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी रोगी को नि:शुल्क उपचार दिया जाता है। नजदीकी डॉट सेंटर पर दवा दी जाती है। इसके साथ ही शासन की तरफ से टीबी रोगी को उपचार के दौरान निक्षय पोषण योजना के तहत प्रति माह 500 रुपये उसके बैंक खाते में भेजे जाते हैं।
टीबी के लक्षण:
- दो सप्ताह से ज्यादा खांसी होना।
- खांसी के साथ बलगम व खून आना।
- रात में सोते समय पसीना आना।
- लगातार पहले हल्का बाद में तेज बुखार रहना।
- काम करने पर ज्यादा थकान होना।
- वजन कम होना, सांस लेने में परेशानी।
बचाव:
- लक्षण दिखाई देने पर जांच कराएं और दवा का पूरा कोर्स ले।
- खांसने या छींकने से पहले मुंह पर पेपर या कपड़ा रखें।
- रोगी हवादार व रोशनी वाले कमरे में रहें।
- पौष्टिक भोजन लें, व्यायाम व योग करें।
- धूम्रपान करने से परहेज रखें।
- साफ-सफाई रखें और भीड़ भाड़ वाले स्थान पर कम जाएं।
- जिले में पांच साल में मिले टीबी रोगी की संख्या
साल - टीबी रोगी
2017 - 1852
2018 - 2739
2019 - 2475
2020 - 1908
2021 - 2815
2022 में अब तक - 214
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