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Shamli News: अब शिक्षक हर हफ्ते पांच बच्चों का करेंगे शैक्षिक मूल्यांकन
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के शैक्षिक स्तर का अब साप्ताहिक मूल्यांकन होगा। प्रत्येक शिक्षक को हर हफ्ते अपनी कक्षा के पांच बच्चों का मूल्यांकन करना होगा, जो निपुण एप के जरिए किया जाएगा। राज्य परियोजना निदेशक कंचन वर्मा का पत्र भी प्राप्त हो चुका है।
शिक्षा क्षेत्र में नवाचार और जनपद में संचालित कुल 596 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में कक्षा एक से आठवीं तक के करीब 85 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। जिनके शैक्षिक स्तर में सुधार के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। बावजूद अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है।
शासन ने बच्चों की पढ़ाई के स्तर की रियल टाइम परीक्षण की व्यवस्था की है। जिस क्रम में प्रत्येक शिक्षक हर सप्ताह अपनी कक्षा के पांच बच्चों का मूल्यांकन कर उनका शैक्षिक स्तर जानेंगे। इसके लिए कक्षा एक से आठ तक के बच्चों के लिए विषयवार प्रश्न बैंक भी बनाया गया है, जिसमें बच्चों की समझ और सीखने की क्षमता को आंकने के प्रश्न शामिल हैं।
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हर बच्चे से रैंडम आधार पर प्रश्न पूछे जाएंगे। इस बाबत प्रभारी बीएसए जेएस शाक्य ने बताया कि सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निर्देशित कर दिया गया है। परिषदीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं के अधिगत स्तर के मापन के लिए निपुण एप प्रयोग किया जाता है। जिसके सहयोग से छात्र-छात्राओं का मूल्यांकन किया जाएगा। एप पर उपलब्ध प्रश्नों के चयन में बच्चों की समझ और सीखने की क्षमता का पूरा ध्यान रखा गया है। हर बच्चे से अलग-अलग रेंडम आधार पर प्रश्न पूछे जाएंगे। शिक्षकों को एप पर 25 सप्ताह की शिक्षण योजना के मुताबिक मूल्यांकन करना होगा।
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शामली। प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के शैक्षिक स्तर का अब साप्ताहिक मूल्यांकन होगा। प्रत्येक शिक्षक को हर हफ्ते अपनी कक्षा के पांच बच्चों का मूल्यांकन करना होगा, जो निपुण एप के जरिए किया जाएगा। राज्य परियोजना निदेशक कंचन वर्मा का पत्र भी प्राप्त हो चुका है।
शिक्षा क्षेत्र में नवाचार और जनपद में संचालित कुल 596 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में कक्षा एक से आठवीं तक के करीब 85 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। जिनके शैक्षिक स्तर में सुधार के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। बावजूद अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है।
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शासन ने बच्चों की पढ़ाई के स्तर की रियल टाइम परीक्षण की व्यवस्था की है। जिस क्रम में प्रत्येक शिक्षक हर सप्ताह अपनी कक्षा के पांच बच्चों का मूल्यांकन कर उनका शैक्षिक स्तर जानेंगे। इसके लिए कक्षा एक से आठ तक के बच्चों के लिए विषयवार प्रश्न बैंक भी बनाया गया है, जिसमें बच्चों की समझ और सीखने की क्षमता को आंकने के प्रश्न शामिल हैं।
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हर बच्चे से रैंडम आधार पर प्रश्न पूछे जाएंगे। इस बाबत प्रभारी बीएसए जेएस शाक्य ने बताया कि सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निर्देशित कर दिया गया है। परिषदीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं के अधिगत स्तर के मापन के लिए निपुण एप प्रयोग किया जाता है। जिसके सहयोग से छात्र-छात्राओं का मूल्यांकन किया जाएगा। एप पर उपलब्ध प्रश्नों के चयन में बच्चों की समझ और सीखने की क्षमता का पूरा ध्यान रखा गया है। हर बच्चे से अलग-अलग रेंडम आधार पर प्रश्न पूछे जाएंगे। शिक्षकों को एप पर 25 सप्ताह की शिक्षण योजना के मुताबिक मूल्यांकन करना होगा।