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Shamli News: अब पाकिस्तान के आतंकी दे रहे अफगान युवाओं को भारत में दहशत फैलाने का टास्क

Mon, 10 Nov 2025 12:56 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 10 Nov 2025 12:56 AM IST
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Now Pakistani terrorists are giving the task of spreading terror in India to Afghan youth
शामली। अहमदाबाद एटीएस की पूछताछ में झिंझाना के आजाद और अन्य आरोपियों ने ऐसा खुलासा किया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पूछताछ में सामने आया कि पाकिस्तान के आतंकी अब अफगानिस्तान के युवाओं को अपने साथ जोड़कर भारत में दहशत फैलाने की बड़ी साजिश रच रहे हैं।
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इस नेटवर्क के संपर्क में रहने वाले झिंझाना के आजाद ने एक बार फिर शामली जिले को शर्मसार कर गया।
एटीएस अहमदाबाद के डीएसपी हर्ष कुमार के मुताबिक आजाद और सुहैल, गिरफ्तार अहमद मोहियुद्दीन के संपर्क में पिछले एक वर्ष से थे। दोनों को अहमद के माध्यम से कई बार नकद रकम भी दी गई। यह पूरा नेटवर्क व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर सक्रिय था।
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जांच में पता चला कि अफगानिस्तान का वांछित आतंकी अबू खदीजा पाकिस्तान के आतंकियों से मिलने वाले निर्देश इन्हीं के माध्यम से भारत में पहुंचा रहा था। अहमदाबाद में तीनों की मुलाकात तय थी, जहां आगे की योजना पर काम होना था। एटीएस को मिले मोबाइल डेटा और सोशल मीडिया चैट ने नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान की दिशा में महत्वपूर्ण सुराग दिए हैं।
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शामली एसपी एनपी सिंह ने बताया कि आजाद के संपर्क में रहने वाले अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। प्राथमिक जांच में यह साफ है कि पाकिस्तान के आतंकियों ने अफगान युवाओं को मोहरा बनाकर उन्हें भारत में भर्ती करने का काम शुरू कर दिया है।
......
अमीर बनने के लालच में फंस गया आजाद
एटीएस के अनुसार आजाद सिलाई का काम करता था, लेकिन पिछले तीन महीनों से उसने काम छोड़ रखा था। इसी दौरान वह लगातार अहमद सहित संदिग्धों के संपर्क में आ गया। जल्दी अमीर बनने की चाहत में वह आतंकी जाल में फंसता चला गया। एटीएस की जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं उसे कश्मीर या किसी अन्य स्थान पर हथियार चलाने की ट्रेनिंग तो नहीं दी गई थी।

चंद पैसों के लालच में जिले पर लग रहा दाग
शामली में यह कोई पहला मामला नहीं है । इससे पहले भी जिले के युवा नोमान, दिलशाद और इकबाल जैसे नाम सामने आ चुके हैं, जिन्हें आईएसआई एजेंट और अन्य संदिग्ध विदेशी गिरोह थोड़े पैसे और बड़े सपने दिखाकर अपने साथ जोड़ते रहे। एटीएस और एसटीएफ अब इस पूरे मॉड्यूल की जड़ों तक पहुंचने में जुटी हैं।
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