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नोटों पर पाबंदी से बाजार की चहल-पहल पर लगा ब्रेक

Thu, 10 Nov 2016 12:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Thu, 10 Nov 2016 12:18 AM IST
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Notes hit the brakes on the ban lively market
public news - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। 500 और 1000 के नोट पर पाबंदी लगने से जबरदस्त हलचल रही। कुछ लोग काला धन और टैक्स चोरी करने वालों पर करारी चोट बता रहे हैं, तो कुछ लोग इसे व्यवहारिक रूप से फिलहाल कठिन मान रहे हैं। क्योंकि बाजार में खरीदारी करने पहुंच रहे ग्राहकों से भी व्यापारियों ने पांच सौ और एक हजार रुपये का नोट लेना बंद कर दिया है। 
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व्यापारियों ने विरोध जताते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर 10 लाख रुपये तक के नोट बगैर शर्त बैंकों से बदलवाने की मांग की। उधर, भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे केंद्र सरकार का ऐतिहासिक फैसला बताते हुए एक-दूसरे कोलड्डू बांटे और खुशी मनाई। बैंक, रेलवे स्टेशन, डाकघर और सरकारी दफ्तरों में पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट लिए जाने को कहा गया है। इसके बावजूद सरकारी दफ्तरों में इन नोटों को लेने से इंकार किया जा रहा है। 
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शामली में सिटी बिजलीघर पर कर्मियों ने नोटिस चस्पा कर दिया कि पांच सौ और एक हजार रुपये का नोट नहीं लिया जाएगा। बिल भुगतान करने पहुंचे लोगों ने इसका विरोध किया और नोटिस फाड़ दिया। इसके बाद बिल जमा कराने पहुंचे ब्रजेश कुमार ने पांच सौ का नोट दिया, तो उसका बिल जमा नहीं किया गया। उधर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल ने पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट तत्काल बंद करने पर विरोध जताया। बुधवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर व्यापारियों ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। 
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व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग ने कहा कि नोटों का चलन अचानक बंद करने से व्यापारियों पर असर पड़ेगा। नोट बदलने की समय सीमा बढनी चाहिए तथा बगैर शर्त 10 लाख रुपये तक बदलने की व्यवस्था होनी चाहिए। सूर्यवीर सिंह, नरेंद्र अग्रवाल, सुभाष धीमान, रवि संगल, विकास धीमान, रामदयाल गुप्ता, प्रदीप संगल, आशु पुरी और अनिल कुमार गोयल आदि मौजूद रहे। 

व्यापारियों ने चिपकाए नोटिस 
नेहरू मार्केट में कई दुकानदारों ने नोटिस लगा दिया कि यहां पांच सौ और एक हजार रुपये का नोट नहीं लिया जाएगा। उक्त दुकानदारों का कहना था कि जब केंद्र सरकार ने ही नोट बंद कर दिया है, तो हम लेकर क्या करेंगे। चाट विक्रेता का कहना है कि ग्राहक पांच सौ रुपये का नोट देकर 50 रुपये का सामान लेना चाहते हैं। 


एलआईसी ने भी किया इंकार 
काफी लोग इस प्रयास में लग गए कि अपने पास उपलब्ध नोटों को बैंक में जमा कराने की जगह एलआईसी की पॉलिसी करा लें। जब लोगों ने एलआईसी एजेंटों से संपर्क किया, तो कह दिया कि एलआईसी में पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट जमा नहीं हो सकेंगे। वहीं, एलआईसी के वर्मा मार्केट स्थित कार्यालय पर भी उक्त नोट न लाने का नोटिस चस्पा कर दिया गया। 
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