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डेंगू से घबराने की नहीं, जागरूक होने की जरूरत

Thu, 28 Oct 2021 12:48 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 28 Oct 2021 12:48 AM IST
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No need to panic about dengue, need to be aware
शामली। जिले में चल रहे डेंगू के प्रकोप चल रहा है, जिसके चलते लोगों में इसे लेकर दहशत सी बनी है। चिकित्सकों का कहना है कि डेंगू के घबराने की जरूरत नहीं, बल्कि जागरूक होने की जरूरत है। इससे बचाव करने के साथ समय पर उपचार कराने से डेंगू बुखार पर काबू पाया जा सकता है। शरीर में प्लेटलेट्स कम होने पर जरूरी नहीं कि डेंगू ही हो, कोई अन्य बुखार भी हो सकता है। इसके लिए मरीज की जांच कराना जरूरी है।
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जिले में डेंगू का प्रकोप चल रहा है। अब तक जनपद में डेंगू बुखार के 71 मरीज मिल चुके हैं। जिला बनने के बाद अब तक सबसे ज्यादा है। पिछले साल डेंगू के आठ केस मिले थे, जबकि इससे पहले 2016 में 14 मरीज मिले थे। इस बार डेंगू बुखार के केस ज्यादा मिलने पर लोगों में दहशत बनी है। इसके अलावा मलेरिया बुखार के भी 43 केस मिल चुके हैं।
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फिजिशियन डॉ. पंकज गर्ग का कहना है कि डेंगू के केस इस बार ज्यादा है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि लोगों के जागरूक होने की जरूरत है। उनका कहना है कि बुखार कोई भी हो, उससे शरीर में प्लेटलेट्स कम होती है। इसलिए प्लेटलेट्स कम होने से जरूरी नहीं होता कि डेंगू ही हो। डेंगू की पुष्टि के लिए एलाइजा जांच करानी चाहिए। रैपिड किट से जांच कराने पर डेंगू होना शत प्रतिशत प्रमाणिक नहीं माना जाता। सामान्य तौर पर शरीर में डेढ़ से चार लाख प्लेट्टेस होती है। 50 हजार से कम प्लेटलेट्स होने पर चिंता की बात नहीं। अगर 10 से 20 हजार प्लेट्लेट्स रह जाती है तो रक्तस्राव होने का खतरा रहता है। ऐसी स्थिति में मरीज के उपचार में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। बुखार से बचाव के तरीके अपनाने चाहिए। अगर बुखार होता है तो चिकित्सक की सलाह से ही दवा लेनी चाहिए।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सफल कुमार का कहना है कि जिले में बुखार की स्थिति सामान्य है। जिले में अभी तक एनएच-1 कार्ड से डेंगू बुखार की जांच की जा रही है। कार्ड की जांच में डेंगू आता है तो इसकी पुष्टि के लिए सैंपल को एलाइजा जांच के लिए मुजफ्फरनगर या मेरठ भेजा जाता है।
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इस तरह करें बचाव
- आसपास पानी इकट्ठा न होने दे।
- फ्रिज की ट्रे का पानी सप्ताह में बदले और ट्रे को सुखाकर लगाएं।
- छत पर रखे पुराने मिट्टी के बर्तन या रबर टायर में पानी इकट्ठा न होने दें।
- मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- इकट्ठा हुए पानी में मिट्टी का तेल या इस्तेमाल किया हुआ मोबिल ऑयल डालें।
- एंटी लार्वा कीटनाशक का छिड़काव करें। साफ-सफाई रखें।
- बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराएं।
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डेंगू से हुई लेखपाल की मौत पर शोक जताया
कैराना। डेंगू के कारण मेरठ के हॉस्पिटल में मंगलवार को कैराना तहसील पर तैनात लेखपाल की मौत पर तहसील परिसर में एसडीएम, लेखपालों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन धारण कर शोक जताया।

लेखपाल संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र दत्त ने बताया कि बुढ़ाना निवासी यूसुफ खान कैराना तहसील पर लेखपाल के पद पर तैनात थे। पिछले तीन दिन से डेंगू होने के कारण उन्हें मेरठ के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां पर उनकी प्लेटलेट्स कम होने के कारण मंगलवार की शाम निधन हो गया था। बुधवार को कैराना तहसील परिसर में एसडीएम उद्भव त्रिपाठी, तहसीलदार प्रियंका जायसवाल सहित लेखपालों व अन्य कर्मचारियों ने लेखपाल के निधन पर दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। संवाद
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