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Shamli News: किसानों की शिकायतों पर नहीं हुई कार्रवाई, धरने की चेतावनी
Fri, 20 Jun 2025 11:55 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 20 Jun 2025 11:55 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। ग्राम जेहरा और ऊन क्षेत्र के किसानों ने प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के नाम पर गोलमाल करने वाले डीलर और अन्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग जिलाधिकारी से की है। कार्रवाई नहीं होने पर धरने की चेतावनी दी है।
किसान प्रमोद कुमार और अन्य ने दिए ज्ञापन में कहा कि 8 नवंबर 2024 को शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिस पर जिलाधिकारी द्वारा एसडीएम सदर को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद 19 नवंबर को एसडीएम सदर द्वारा नोटिस जारी कर बयान मांगे गए, जिनके उत्तर मौखिक और लिखित रूप में दे दिए गए।
किसानों का कहना है कि शिकायत के आठ महीने बीत जाने के बावजूद अब तक कोई रिपोर्ट नहीं लगाई गई है। किसान का आरोप है कि कई बार अधिकारियों के चक्कर काट चुके मगर सुनवाई नहीं हो रही है।
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गौरतलब है कि यह मामला प्रधानमंत्री सिंचाई योजना में हुए करोड़ों रुपये के गोलमाल से जुड़ा है, जिसकी जांच मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) विनय कुमार तिवारी द्वारा कराई जा चुकी है। सीडीओ द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में यह सामने आया था कि सीमित भूमि वाले किसानों के नाम पर फर्जी तरीके से 30 हेक्टेयर से अधिक की भूमि दर्शाकर योजना का लाभ उठाया गया और खाते में आए लाखों रुपये भी निकाल लिए गए।
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शामली। ग्राम जेहरा और ऊन क्षेत्र के किसानों ने प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के नाम पर गोलमाल करने वाले डीलर और अन्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग जिलाधिकारी से की है। कार्रवाई नहीं होने पर धरने की चेतावनी दी है।
किसान प्रमोद कुमार और अन्य ने दिए ज्ञापन में कहा कि 8 नवंबर 2024 को शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिस पर जिलाधिकारी द्वारा एसडीएम सदर को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद 19 नवंबर को एसडीएम सदर द्वारा नोटिस जारी कर बयान मांगे गए, जिनके उत्तर मौखिक और लिखित रूप में दे दिए गए।
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किसानों का कहना है कि शिकायत के आठ महीने बीत जाने के बावजूद अब तक कोई रिपोर्ट नहीं लगाई गई है। किसान का आरोप है कि कई बार अधिकारियों के चक्कर काट चुके मगर सुनवाई नहीं हो रही है।
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गौरतलब है कि यह मामला प्रधानमंत्री सिंचाई योजना में हुए करोड़ों रुपये के गोलमाल से जुड़ा है, जिसकी जांच मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) विनय कुमार तिवारी द्वारा कराई जा चुकी है। सीडीओ द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में यह सामने आया था कि सीमित भूमि वाले किसानों के नाम पर फर्जी तरीके से 30 हेक्टेयर से अधिक की भूमि दर्शाकर योजना का लाभ उठाया गया और खाते में आए लाखों रुपये भी निकाल लिए गए।