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कैड़ी गांव में झाड़ियों में मिला नवजात शिशु
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बाबरी (शामली)। गांव कैड़ी में एक खेत के नलकूप के निकट झाड़ियों में नवजात शिशु लावारिस हालत में पड़ा मिला। इसकी सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को शामली सीएचसी में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देकर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया।
गांव कैड़ी निवासी सीमा रविवार सुबह करीब छह बजे जंगल में कूड़ा डालने जा रही थी। इसी दौरान उसे शिवकुमार के खेत के नलकूप के निकट किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। उसने मौके पर जाकर देखा तो झाड़ियों में नवजात शिशु रोता हुआ मिला। महिला ने शोर मचाया तो ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। सूचना पर डायल 100 के साथ ही बाबरी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इस दौरान ग्रामीणों ने बच्चे को घर ले जाकर उसका उपचार कराने की इच्छा जताई, लेकिन पुलिस उसे थाने ले गई। इसके बाद थानाध्यक्ष नेमचंद तुरंत बच्चे को लेकर शामली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। चिकित्सकाें ने बच्चे को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया। बाबरी थानाध्यक्ष नेमचंद सिंह के मुताबिक नवजात शिशु लड़का है। चिकित्सकों ने उसकी हालत ठीक बताई है। उधर, नवजात बच्चे को लेकर गांव और क्षेत्र में तरह तरह की चर्चाएं रही। माना जा रहा है कि नवजात को कुछ समय पहले ही वहां रखा गया था।
नवजात बच्चे को लेने कई दंपती पहुंचे
गांव कैड़ी में नवजात शिशु के लावारिस हालत में मिलने की सूचना बाबरी क्षेत्र में फैल गई। नवजात को गोद लेने के लिए पांच-छह दंपती बाबरी थाने पहुुंचे और थानाध्यक्ष के इसका प्रस्ताव रखा। थानाध्यक्ष ने उन्हें बताया कि बच्चे को गोद लेने प्रक्रिया जिलाधिकारी द्वारा की जाएगी। शामली अस्पताल पर भी कई दंपती नवजात को गोद लेने के लिए पहुंचे थे।
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जरा भी देर हो जाती तो नोंच देते कुत्ते
जिस समय नवजात बच्चे को झाड़ियों के निकट महिला ने देखा तो उसी समय दो कुत्ते भी पहुंच गए थे। ग्रामीणों के मुताबिक अगर थोड़ी भी देर हो जाती तो गांव में घूमने वाले आवारा कुत्ते उसे नोंचकर खा सकते थे। समय रहते रोने की आवाज सुनाई देने पर बच्चे की जान बच गई।
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गांव कैड़ी निवासी सीमा रविवार सुबह करीब छह बजे जंगल में कूड़ा डालने जा रही थी। इसी दौरान उसे शिवकुमार के खेत के नलकूप के निकट किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। उसने मौके पर जाकर देखा तो झाड़ियों में नवजात शिशु रोता हुआ मिला। महिला ने शोर मचाया तो ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। सूचना पर डायल 100 के साथ ही बाबरी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इस दौरान ग्रामीणों ने बच्चे को घर ले जाकर उसका उपचार कराने की इच्छा जताई, लेकिन पुलिस उसे थाने ले गई। इसके बाद थानाध्यक्ष नेमचंद तुरंत बच्चे को लेकर शामली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। चिकित्सकाें ने बच्चे को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया। बाबरी थानाध्यक्ष नेमचंद सिंह के मुताबिक नवजात शिशु लड़का है। चिकित्सकों ने उसकी हालत ठीक बताई है। उधर, नवजात बच्चे को लेकर गांव और क्षेत्र में तरह तरह की चर्चाएं रही। माना जा रहा है कि नवजात को कुछ समय पहले ही वहां रखा गया था।
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नवजात बच्चे को लेने कई दंपती पहुंचे
गांव कैड़ी में नवजात शिशु के लावारिस हालत में मिलने की सूचना बाबरी क्षेत्र में फैल गई। नवजात को गोद लेने के लिए पांच-छह दंपती बाबरी थाने पहुुंचे और थानाध्यक्ष के इसका प्रस्ताव रखा। थानाध्यक्ष ने उन्हें बताया कि बच्चे को गोद लेने प्रक्रिया जिलाधिकारी द्वारा की जाएगी। शामली अस्पताल पर भी कई दंपती नवजात को गोद लेने के लिए पहुंचे थे।
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जरा भी देर हो जाती तो नोंच देते कुत्ते
जिस समय नवजात बच्चे को झाड़ियों के निकट महिला ने देखा तो उसी समय दो कुत्ते भी पहुंच गए थे। ग्रामीणों के मुताबिक अगर थोड़ी भी देर हो जाती तो गांव में घूमने वाले आवारा कुत्ते उसे नोंचकर खा सकते थे। समय रहते रोने की आवाज सुनाई देने पर बच्चे की जान बच गई।