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ना मेले लगे ना झूले, बाजार और सिनेमाघर सब सूने

Mon, 25 May 2020 11:12 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 25 May 2020 11:12 PM IST
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Neither fair nor swing, markets and theaters are all heard
झिंझाना में जानकारी देता सीताराम - फोटो : SHAMLI
शामली। ईद के मौके पर शहर के जिन बाजारों, होटल, रेस्टोरेंट और सिनेमाघरों में पैर रखने की जगह नहीं मिलती थी, वहां सोमवार को सन्नाटा पसरा था। सड़कों पर खाकी ज्यादा और लोग कम नजर आ रहे थे। ना कहीं झूले नजर आए, ना मेले लगे। मिठाई की दुकानें खुलीं जरूर थीं, लेकिन वहां ग्राहकों का टोटा था। व्यापार संघों का कहना है कि शादी के साये, गर्मियों का सीजन और अब ईद का काम चौपट हो गया। अकेले ईद पर ही बाजार का पांच करोड़ का नुकसान है। अमर उजाला ने शहर का जायजा लिया, पेश है रिपोर्ट....
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गायब हुई बड़े बाजार की रौनक
शहर के बड़े बाजार में दो मस्जिद हैं। जहां हजारों लोग ईद की नमाज पढ़ने के बाद बाजार में मिठाई और अन्य सामान की खरीदारी करते थे। महिलाएं ,युवतियां खूब शापिंग करती थीं, लेकिन सोमवार को बाजार में सन्नाटा पसर था। शहर के कबाड़ी बाजार में भी भीड़ रहती थी। मगर ये बाजार भी पूरी तरह बंद रहा।
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सब कुछ वीरान सा नजर आया
ईदगाह के पास मिनी मेला लगता था। जहां झूले लगते थे। चाट पकौड़ी के ठेले वाले खड़े होते थे। खिलौनों के फड़ लगते थे। ईद की नमाज के बाद यहां पैर रखने की जगह नहीं होती थी लेकिन इस बार ना ईदगाह में नमाज हुई ना मेला लगा। सब कुछ वीरान सा नजर आया। इसके अलावा ईद पर सिनेमाघरों में लाइन लगकर टिकट बिकते थे। युवकों, बच्चों की भी अच्छी खासी भीड़ रहती थी, लेकिन इस बार सिनेमाघर बंद है और होटल से केवल होम डिलीवरी की सुविधा है। सोमवार को होटल भी बंद थे।
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बाजारों में भीड़ से बचने को लिया निर्णय
जिले में कोरोना के केस लगातार मिल रहे हैं इसलिए प्रशासन नहीं चाहता था कि ईद पर बाजारों में भीड़ हो। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन मुश्किल हो जाता। संभवत: यही वजह रही कि प्रशासन ने सोमवार को अन्य दिनों में खुलने वाली सभी दुकानों को भी बंद करने का निर्णय लिया था। शहर के हर चौराहे तिराहे पर पुलिस और पीएसी लगी थी। लोग अपने मोहल्लों से बाहर सड़क या दूसरे मोहल्लों तक नहीं जा सके।
- हर साल ईद पर उसकी करीब करीब डेढ लाख रुपये की मिठाई बिकती थी लेकिन इस बार 20 हजार की भी नहीं बिकी। पहले ही कम बनाई थी लेकिन उसमें से भी बच गई। - गुलजार मिठाई विक्रेता
- काम धंधे बंद है लोगों की जेब में पैसा भी नहीं है। इसलिए मिठाई की बिक्री कम होने की पहले से उम्मीद थी, इसलिए हमने कम मिठाई बनाई थी, लेकिन इसके बाद भी ग्राहक उम्मीद से एक चौथाई भी नहीं आया। - अरविंद कुमार, मिठाई विक्रेता
- सुबह दुकान खुली तो पुलिस वाले बंद करा गए । कुछ देर बार खोलने को कह दिया। दुकान चार घंटे खुली लेकिन ग्राहक ही नहीं आए । दरअसल कुछ लोग मिठाई लेना नहीं चाहते थे तो कुछ पुलिस की सख्ती को देख मार्केट तक नहीं आए। - सुभाष संगल मिठाई विक्रेता

व्यापार के लिए सबसे बुरा साल : घनश्याम
व्यापारी नेता घनश्याम दास गर्ग कहते हैं कि उनके जीवन में व्यापार के लिए ये साल सबसे बुरा है। दीवाली और ईद दो ही त्यौहार हैं जिनका व्यापारी पूरे साल इंतजार करता है लेकिन इस बार ईद पर पांच करोड़ का कारोबार जाता रहा। इससे पहले शादी के तीन महीने के लंबे साए खत्म हो गए। कूलर पंखे, एसी वालों का पूरा गर्मियों का सीजन बेकार हो गया। आगे भी नही लग रहा कि कुछ हालात जल्दी सुधरेंगे। इसलिए ये साल तो व्यापारी की बुरी हालत हो गई है।

शामली में मिठाई की दुकान पर ईद पर पैर रखने की जगह नही मिलती थी वह खाली नजर आई।

शामली में मिठाई की दुकान पर ईद पर पैर रखने की जगह नही मिलती थी वह खाली नजर आई।- फोटो : SHAMLI

कैराना में ईद पर मिठाई की दुकान पर इक्का दुक्का लोग नजर आए।

कैराना में ईद पर मिठाई की दुकान पर इक्का दुक्का लोग नजर आए।- फोटो : SHAMLI

शामली में ईद पर सबसे ज्यादा वयस्त रहने वाले कबाडी बाजार में भी पसरा सन्नाटा

शामली में ईद पर सबसे ज्यादा वयस्त रहने वाले कबाडी बाजार में भी पसरा सन्नाटा- फोटो : SHAMLI

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