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घट स्थापना के साथ नवरात्र दुर्गा पूजन होगा शुरू
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शामली में नवरात्रों पर पूजन के सामान की खरीदारी करतीं महिलाएं।
- फोटो : SHAMLI
इस बार नौ दिन के होंगे नवरात्र, बुध राजा और मंत्री होंगे चंद्रमा-
शामली। 25 मार्च से शुरू होने वाले चैत्र दुर्गा नवरात्र की तैयारियां शुरू हो गई है। इस बार चैत्र दुर्गा नवरात्र नौ दिन के होंगे। 25 मार्च को सुबह घटस्थापना और अखंड ज्योति के साथ दुर्गा नवरात्र प्रारंभ होंगे। पहले दिन मां शैल पुत्री की विशेष पूजा -अर्चना व्रत किया जाएगा। एक अप्रैल को दुर्गा अष्टमी और दो अप्रैल तक रामनवमी के साथ दुर्गा नवरात्र व्रतों का परायण होगा।
सुबह के समय मां दुर्गा की चौकी सजाएं। मिट्टी व रेत पर घट स्थापना करके जौ को बोए। घट स्थापना के साथ मां दुर्गा की शुद्ध घी से अखंड ज्योति प्रज्वलित करें। प्रथम दिन मां शैलपुत्री के साथ मां दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती, महाकाली की विशेष पूजा अर्चना करें। मां गौरी- गणेश, नवग्रह कलश पूजन श्री दुर्गा सप्तशती पाठ, दुर्गा चालीसा का पाठ शुभ होगा। आरती के बाद पूजन का पारायण करें। दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी, तृतीय दिन चंद्रघंटा, चौथे दिन कुष्माडा, पांचवें दिन स्कंदमाता, छठे दिन कात्यायनी, सातवें दिन मां काल रात्रि, आठवें दिन महागौरी और नौवे ंदिन सिद्धि दात्री की पूजा अर्चना का विधान है। पंडित प्रेम किशोर कोठारी के मुताबिक इस बार दुर्गा नवरात्र नौ दिन के होंगे। दुर्गा नवरात्र में बुध राजा और मंत्री चंद्रमा होने से व्यापारियों के लिए श्रेष्ठ रहेंगे।
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शामली। 25 मार्च से शुरू होने वाले चैत्र दुर्गा नवरात्र की तैयारियां शुरू हो गई है। इस बार चैत्र दुर्गा नवरात्र नौ दिन के होंगे। 25 मार्च को सुबह घटस्थापना और अखंड ज्योति के साथ दुर्गा नवरात्र प्रारंभ होंगे। पहले दिन मां शैल पुत्री की विशेष पूजा -अर्चना व्रत किया जाएगा। एक अप्रैल को दुर्गा अष्टमी और दो अप्रैल तक रामनवमी के साथ दुर्गा नवरात्र व्रतों का परायण होगा।
सुबह के समय मां दुर्गा की चौकी सजाएं। मिट्टी व रेत पर घट स्थापना करके जौ को बोए। घट स्थापना के साथ मां दुर्गा की शुद्ध घी से अखंड ज्योति प्रज्वलित करें। प्रथम दिन मां शैलपुत्री के साथ मां दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती, महाकाली की विशेष पूजा अर्चना करें। मां गौरी- गणेश, नवग्रह कलश पूजन श्री दुर्गा सप्तशती पाठ, दुर्गा चालीसा का पाठ शुभ होगा। आरती के बाद पूजन का पारायण करें। दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी, तृतीय दिन चंद्रघंटा, चौथे दिन कुष्माडा, पांचवें दिन स्कंदमाता, छठे दिन कात्यायनी, सातवें दिन मां काल रात्रि, आठवें दिन महागौरी और नौवे ंदिन सिद्धि दात्री की पूजा अर्चना का विधान है। पंडित प्रेम किशोर कोठारी के मुताबिक इस बार दुर्गा नवरात्र नौ दिन के होंगे। दुर्गा नवरात्र में बुध राजा और मंत्री चंद्रमा होने से व्यापारियों के लिए श्रेष्ठ रहेंगे।
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