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विद्या से ही होता है राष्ट्र का विकास
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शामली सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज एक दिवसीय आचार्य सम्मेलन में मां सरस्वती की पूजा अर्चना क?
- फोटो : SHAMLI
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शामली। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज शामली में मेरठ प्रांत (पश्चिमी उत्तर प्रदेश) का एक दिवसीय आचार्य सम्मेलन आयोजित किया गया। शुभारंभ सामूहिक रूप से सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। मुख्य वक्ता ने कहा कि राष्ट्र का विकास विद्या से ही होता है।
कार्यक्रम तीन सत्रों में आयोजित किया गया। प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता आलोक कुमार ने विद्या भारती का विस्तार से परिचय कराया। उन्होंने बताया कि असीम आनंद की अनुभूति के मूल को यदि हम ज्ञात करे तो वह विद्या के द्वारा ही संभव है। किसी भी राष्ट्र एवं मानव समुदाय का विकास विद्या के द्वारा ही हो सकता है। द्वितीय सत्र में दुर्गावती हेमराज टाह सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज नेहरू नगर गाजियाबाद के आचार्य विपिन राठी ने बताया कि नई शिक्षा नीति वर्तमान चुनौतियों को प्रत्यक्ष अनुभव करते हुए संपूर्ण समाधान हेतु बनाई गई है, जिसमें लर्निंग आउटकम, ऐक्सपीरियन्स लर्निंग, जोयफुल लर्निंग, ऐक्सपेरीयन्टल लर्निंग, ईसीसीई सीपीडी, ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी स्किल्स आदि बिंदुओं के द्वारा अधिगम प्रक्रिया को आसान बनाया गया है।
तृतीय सत्र में अलग-अलग समूह में चर्चा की गयी और सम्मेलन में सामने आये तथ्यों का अवलोकन किया गया। प्रधानाचार्य आनंद प्रसाद शर्मा ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। मौके पर उप प्रधानाचार्य मलूक चंद, बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज शामली के प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार, ब्रजभूषण भारद्वाज, त्रिलोक चन्द, आचार्य मोहर सिंह, सोमदत्त आर्य, नीटू कश्यप, प्रीतम सिंह, अंकित भार्गव मौजूद रहे।
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कार्यक्रम तीन सत्रों में आयोजित किया गया। प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता आलोक कुमार ने विद्या भारती का विस्तार से परिचय कराया। उन्होंने बताया कि असीम आनंद की अनुभूति के मूल को यदि हम ज्ञात करे तो वह विद्या के द्वारा ही संभव है। किसी भी राष्ट्र एवं मानव समुदाय का विकास विद्या के द्वारा ही हो सकता है। द्वितीय सत्र में दुर्गावती हेमराज टाह सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज नेहरू नगर गाजियाबाद के आचार्य विपिन राठी ने बताया कि नई शिक्षा नीति वर्तमान चुनौतियों को प्रत्यक्ष अनुभव करते हुए संपूर्ण समाधान हेतु बनाई गई है, जिसमें लर्निंग आउटकम, ऐक्सपीरियन्स लर्निंग, जोयफुल लर्निंग, ऐक्सपेरीयन्टल लर्निंग, ईसीसीई सीपीडी, ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी स्किल्स आदि बिंदुओं के द्वारा अधिगम प्रक्रिया को आसान बनाया गया है।
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तृतीय सत्र में अलग-अलग समूह में चर्चा की गयी और सम्मेलन में सामने आये तथ्यों का अवलोकन किया गया। प्रधानाचार्य आनंद प्रसाद शर्मा ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। मौके पर उप प्रधानाचार्य मलूक चंद, बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज शामली के प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार, ब्रजभूषण भारद्वाज, त्रिलोक चन्द, आचार्य मोहर सिंह, सोमदत्त आर्य, नीटू कश्यप, प्रीतम सिंह, अंकित भार्गव मौजूद रहे।
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