{"_id":"45a1e345cf26083b3d5f551f4ec6c909","slug":"my-village-my-pride-for-the-five-villages-selected-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेरा गांव-मेरा गौरव के लिए पांच गांव चयनित ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेरा गांव-मेरा गौरव के लिए पांच गांव चयनित
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Mon, 16 Nov 2015 12:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली। किसानों को आधुनिक व सहफसली खेती के प्रति जागरूक करने के लिए मेरा गांव-मेरा गौरव योजना के तहत जिले के पांच गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों में कृषि वैज्ञानिक गोष्ठियां कर किसानों को जागरूक करेंगे। साथ ही कृषि संबंधी अन्य जानकारियां भी किसानों को दी जाएगी।
केंद्र सरकार द्वारा किसानों को जागरूक करने के लिए मेरा गांव-मेरा गौरव नाम से योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के वैज्ञानिकों को पांच-पांच गांवों का चयन करना है।
शामली जिले से झिंझाना क्षेत्र के पांच गांव वेदखेड़ी, डोकपुरा, लक्ष्मणपुरा, बीबीपुर व पांवटी खुर्द हैं। इन गांवों का चयन भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान करनाल के वैज्ञानिक डा. अमित शर्मा व उनकी टीम द्वारा किया गया है।
विज्ञापन
अमित शर्मा ने बताया कि इस योजना के तहत किसानों को आधुनिक खेती के प्रति जागरूक किया जाएगा। शामली क्षेत्र में किसान गन्ने की फसल पर अधिक निर्भर हैं। गन्ने का उचित व समय से भाव नहीं मिलने से किसानों को आर्थिक रूप से हानि होती है। जिसके चलते किसानों को अन्य फसलों को अपनाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है, जिससे वह फसलों से लाभ ले सकें।
विज्ञापन
केंद्र सरकार द्वारा किसानों को जागरूक करने के लिए मेरा गांव-मेरा गौरव नाम से योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के वैज्ञानिकों को पांच-पांच गांवों का चयन करना है।
विज्ञापन
शामली जिले से झिंझाना क्षेत्र के पांच गांव वेदखेड़ी, डोकपुरा, लक्ष्मणपुरा, बीबीपुर व पांवटी खुर्द हैं। इन गांवों का चयन भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान करनाल के वैज्ञानिक डा. अमित शर्मा व उनकी टीम द्वारा किया गया है।
विज्ञापन
अमित शर्मा ने बताया कि इस योजना के तहत किसानों को आधुनिक खेती के प्रति जागरूक किया जाएगा। शामली क्षेत्र में किसान गन्ने की फसल पर अधिक निर्भर हैं। गन्ने का उचित व समय से भाव नहीं मिलने से किसानों को आर्थिक रूप से हानि होती है। जिसके चलते किसानों को अन्य फसलों को अपनाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है, जिससे वह फसलों से लाभ ले सकें।