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Shamli News: सूखाग्रस्त क्षेत्रों में कागजों में दी 12 घंटे से अधिक आपूर्ति
Wed, 04 Sep 2024 04:09 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 04 Sep 2024 04:09 AM IST
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शामली। इसे विभागीय अधिकारियों की लापरवाही कहा जाएगा या फिर अनदेखी की शामली और मुजफ्फरनगर कृषि पोषक क्षेत्र यानी सूखाग्रस्त क्षेत्रों में कागजों में ही कुछ जेई और अन्य अधिकारियों ने किसानों को 12 घंटे तक बिजली दी है। जबकि 10 घंटे से भी कम आपूर्ति यहां दी गई थी। मुख्य अभियंता ने जांच कराई तो घोटाला सामने आया। 45 स्थानों पर जेई, एसडीओ ओर अन्य अधिकारियों ने 10 से भी कम घंटे तक आपूर्ति किसानों को दी। जेई और अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। सभी पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
दरअसल, वर्तमान में शहरी क्षेत्र में 24, ग्रामीण क्षेत्र में 18, तहसील क्षेत्र में 21 और कृषि पोषक क्षेत्रों में 10 से 12 घंटे तक आपूर्ति देने का प्रावधान है। शामली, मुजफ्फरनगर के कुछ लोगों ने मुख्य अधिशासी अभियंता पीके अग्रवाल से शिकायत की थी कि किसानों को 10 से लेकर 12 घंटे आपूर्ति नहीं दी जा रही, जिसके कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य अभियंता ने शामली और मुजफ्फरनगर में यूएफएमएस पोर्टल के माध्यम से मामले की जांच कराई तो शामली के 20 और मुजफ्फरनगर के 25 कृषि पोषक क्षेत्रों में 10 से भी कम घंटे बिजली आपूर्ति देने की बात सामने आई। जबकि कागजों में 12 घंटे से अधिक आपूर्ति की रिपोर्ट भेजी गई थी। मुख्य अभियंता ने 20 जेई, 10 एसडीओ, अधिशासी अभियंताओं को पत्र भेजकर गड़बड़ी के संबंध में नोटिस जारी किया। कहा कि शेड्यूल से कम बिजली आपूर्ति देने वाले जेई और अन्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके लिए एक कमेटी भी जांच के लिए गठित कर दी गई है। संवाद
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शामली और मुजफ्फरनगर जिले के इन स्थानों पर कम आपूर्ति जांच में पाई गई
मलकपुरा, मंडाला,सैदपुर भूरा खुर्द, खेड़ी, नसीरपुर, मुकंदपुर, पीपलहेड़ा, भैंसवाल रुरल, सकौती, राझड़, टोड़ा रुरल, बिरालसी, कुटेसरा, एलम, ख्ंद्रावली, जसाला, झाल, खेड़ी पट्टी, उदपुर, केयरटू, रायपुर, शिकारपुर, खानपुर, मोहम्मदपुर, सठेड़ी भैंसानी, मलकपुर, ऊदपुर, कसेरवा, भौराखुर्द, सिंभालखा रुरल, खेड़ी करमू, शिकारपुर, मदीनपुर, भैंसी, सकौती, सैदपुर आदि।
10 तो छोड़िए, 8 घंटे भी आपूर्ति नहीं मिल पा रही
कांधला क्षेत्र के किसान राजन जावला, किसान नेता अमित मलिक का कहना है कि नलकूपों के लिए 10 घंटे तो छोड़िए 8 घंटे भी आपूर्ति नहीं दी जा रही है। आपूर्ति कभी भी गुल कर दी जाती है, जिसके कारण किसान अपने खेतों की पलेवा नहीं कर पा रहे हैं।बताया कि किसानों ने किसान दिवस में भी 7 से 8 घंटे ही आपूर्ति देने का मामला प्रमुखता से उठाया था।
उपभोक्ताओं से काॅल कर हासिल की जा रही जानकारी
मुख्य अधिशासी अभियंता पीके अग्रवाल ने बताया कि मामले पकड़ में आने के बाद मुजफ्फरनगर, शामली के उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन नंबर मंगवाए गए हैं। उपभोक्ताओं से समय-समय पर कॉल कर कितनी बिजली मिल रही है, इसकी जानकारी हासिल की जा रही है।
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दरअसल, वर्तमान में शहरी क्षेत्र में 24, ग्रामीण क्षेत्र में 18, तहसील क्षेत्र में 21 और कृषि पोषक क्षेत्रों में 10 से 12 घंटे तक आपूर्ति देने का प्रावधान है। शामली, मुजफ्फरनगर के कुछ लोगों ने मुख्य अधिशासी अभियंता पीके अग्रवाल से शिकायत की थी कि किसानों को 10 से लेकर 12 घंटे आपूर्ति नहीं दी जा रही, जिसके कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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मुख्य अभियंता ने शामली और मुजफ्फरनगर में यूएफएमएस पोर्टल के माध्यम से मामले की जांच कराई तो शामली के 20 और मुजफ्फरनगर के 25 कृषि पोषक क्षेत्रों में 10 से भी कम घंटे बिजली आपूर्ति देने की बात सामने आई। जबकि कागजों में 12 घंटे से अधिक आपूर्ति की रिपोर्ट भेजी गई थी। मुख्य अभियंता ने 20 जेई, 10 एसडीओ, अधिशासी अभियंताओं को पत्र भेजकर गड़बड़ी के संबंध में नोटिस जारी किया। कहा कि शेड्यूल से कम बिजली आपूर्ति देने वाले जेई और अन्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके लिए एक कमेटी भी जांच के लिए गठित कर दी गई है। संवाद
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शामली और मुजफ्फरनगर जिले के इन स्थानों पर कम आपूर्ति जांच में पाई गई
मलकपुरा, मंडाला,सैदपुर भूरा खुर्द, खेड़ी, नसीरपुर, मुकंदपुर, पीपलहेड़ा, भैंसवाल रुरल, सकौती, राझड़, टोड़ा रुरल, बिरालसी, कुटेसरा, एलम, ख्ंद्रावली, जसाला, झाल, खेड़ी पट्टी, उदपुर, केयरटू, रायपुर, शिकारपुर, खानपुर, मोहम्मदपुर, सठेड़ी भैंसानी, मलकपुर, ऊदपुर, कसेरवा, भौराखुर्द, सिंभालखा रुरल, खेड़ी करमू, शिकारपुर, मदीनपुर, भैंसी, सकौती, सैदपुर आदि।
10 तो छोड़िए, 8 घंटे भी आपूर्ति नहीं मिल पा रही
कांधला क्षेत्र के किसान राजन जावला, किसान नेता अमित मलिक का कहना है कि नलकूपों के लिए 10 घंटे तो छोड़िए 8 घंटे भी आपूर्ति नहीं दी जा रही है। आपूर्ति कभी भी गुल कर दी जाती है, जिसके कारण किसान अपने खेतों की पलेवा नहीं कर पा रहे हैं।बताया कि किसानों ने किसान दिवस में भी 7 से 8 घंटे ही आपूर्ति देने का मामला प्रमुखता से उठाया था।
उपभोक्ताओं से काॅल कर हासिल की जा रही जानकारी
मुख्य अधिशासी अभियंता पीके अग्रवाल ने बताया कि मामले पकड़ में आने के बाद मुजफ्फरनगर, शामली के उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन नंबर मंगवाए गए हैं। उपभोक्ताओं से समय-समय पर कॉल कर कितनी बिजली मिल रही है, इसकी जानकारी हासिल की जा रही है।