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आनलाइन सीमेंट खरीदने के चक्कर में 3.36 लाख गंवाए
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मैसेज कर बताया... तुम ठग लिए गए हो
कैराना। मकान बनाने के लिए एक ग्रामीण ने ऑनलाइन सीमेंट खरीदने के लिए 3.36 लाख रुपये एक बैंक खाते में ऑनलाइन जमा करा दिए। सीमेंट नहीं मिलने पर पीड़ित ने फोन पर संपर्क किया तो आरोपी ने व्हाट्सएप पर मैसेज भेज कर बताया कि तुम ठग लिए गए हो। इसके बाद पीड़ित ने तहरीर दी।
गांव दभेड़ी खुर्द निवासी आरिश ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि उन्हें गांव में अपना मकान बनाना था। इसके लिए 1200 सीमेंट के बोरे चाहिए थे। दिल्ली में रहने वाले उसके भाई गुलशाद ने ऑनलाइन सीमेंट का भाव पता किया तो देखा कि खुले बाजार में सीमेंट का बोरा 350 से 400 रुपये के बीच मिल रहा है, जबकि ऑनलाइन नॉन ट्रेड सीमेंट का रेट 280 रुपये प्रति बोरा है। उसने कंपनी की साइट पर दिए गए फोन पर संपर्क किया तो उधर से जीएसटी व कंस्ट्रक्शन कंपनी के कागज मांगे गए। उसके भाई गुलशाद ने कागज ऑनलाइन भेज दिए। जिसके बाद कंपनी के कर्मचारी ने उसके भाई गुलशाद को 1200 सीमेंट के बोरों का मूल्य ऑनलाइन एसबीआई खाते में भेजने को कहा। गुलशाद के कहने पर उसने अपने एचडीएफसी खाते से एसबीआई मुंबई के खाते में 3.36 लाख रुपये आरटीजीएस से भेज दिए। कई दिन बाद भी सीमेंट नहीं आने पर उसने कंपनी के फोन नंबर पर संपर्क किया तो उधर, से व्हाट्सएप मैसेज भेजा गया कि तुम्हारे साथ ठगी हुई है। अब सीमेंट और पैसे में से कुछ नहीं मिलेगा। मामले में पुलिस ने तहरीर लेकर साइबर सेल को भेज दी।
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कैराना। मकान बनाने के लिए एक ग्रामीण ने ऑनलाइन सीमेंट खरीदने के लिए 3.36 लाख रुपये एक बैंक खाते में ऑनलाइन जमा करा दिए। सीमेंट नहीं मिलने पर पीड़ित ने फोन पर संपर्क किया तो आरोपी ने व्हाट्सएप पर मैसेज भेज कर बताया कि तुम ठग लिए गए हो। इसके बाद पीड़ित ने तहरीर दी।
गांव दभेड़ी खुर्द निवासी आरिश ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि उन्हें गांव में अपना मकान बनाना था। इसके लिए 1200 सीमेंट के बोरे चाहिए थे। दिल्ली में रहने वाले उसके भाई गुलशाद ने ऑनलाइन सीमेंट का भाव पता किया तो देखा कि खुले बाजार में सीमेंट का बोरा 350 से 400 रुपये के बीच मिल रहा है, जबकि ऑनलाइन नॉन ट्रेड सीमेंट का रेट 280 रुपये प्रति बोरा है। उसने कंपनी की साइट पर दिए गए फोन पर संपर्क किया तो उधर से जीएसटी व कंस्ट्रक्शन कंपनी के कागज मांगे गए। उसके भाई गुलशाद ने कागज ऑनलाइन भेज दिए। जिसके बाद कंपनी के कर्मचारी ने उसके भाई गुलशाद को 1200 सीमेंट के बोरों का मूल्य ऑनलाइन एसबीआई खाते में भेजने को कहा। गुलशाद के कहने पर उसने अपने एचडीएफसी खाते से एसबीआई मुंबई के खाते में 3.36 लाख रुपये आरटीजीएस से भेज दिए। कई दिन बाद भी सीमेंट नहीं आने पर उसने कंपनी के फोन नंबर पर संपर्क किया तो उधर, से व्हाट्सएप मैसेज भेजा गया कि तुम्हारे साथ ठगी हुई है। अब सीमेंट और पैसे में से कुछ नहीं मिलेगा। मामले में पुलिस ने तहरीर लेकर साइबर सेल को भेज दी।
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