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Shamli News: शादी में मदद, सोशल मीडिया पर प्रचार... अपराध की कमाई से पैठ बना रहे गैंग
Fri, 18 Sep 2026 12:32 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 18 Sep 2026 12:32 AM IST
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शामली। हरियाणवी गायक अंकित हत्याकांड की जांच के दौरान शामली पुलिस को वेस्ट यूपी, हरियाणा, दिल्ली और पंजाब में सक्रिय खतरनाक गिरोह के सामान्य लोगों से जुड़ने के नेटवर्क का कनेक्शन मिला है। स्थानीय लोगों के बीच अपनी पैठ बनाने के लिए गिरोहों के गुर्गे रंगदारी, लूट और अन्य अपराधों से अर्जित धन जरूरतमंद परिवारों की शादी, मृत्यु और अन्य समारोहों में खर्च कर रहे हैं। पुलिस ने रिपोर्ट तैयार कर आला अधिकारियों को भेजी है।
रिपोर्ट के अनुसार मदद करने के बाद उसकी तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा कराए जाते हैं। इससे लोगों के बीच गिरोह से जुड़े लोगों की पहचान और उनके प्रभाव का प्रचार होता है। पुलिस को आशंका है कि इसके जरिये गिरोह के सदस्य स्थानीय स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करते हुए युवाओं को भी गैंग से जोड़ रहे हैं।
पुलिस जांच में पंजाब के गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, हरियाणा के गोगी, संपत नेहरा, दिल्ली के नीरज बवाना, वेस्ट यूपी के मुकीम काला, हरियाणा के सोनीपत के रोहित , सोनीपत के भोलू, दिल्ली के टिल्लू और हरियाणा के पपला गिरोह से जुड़े गुर्गों के रुपये खर्च करने की जानकारी सामने आई है।
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एसपी एनपी सिंह के अनुसार गैग के गुर्गों द्वारा पिछले चार माह में दिल्ली के सरोजनी नगर और शाहदरा के अलावा सोनीपत, पानीपत, रोहतक, हिसार, करनाल, शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और मेरठ में शादी समारोह और किसी व्यक्ति की मृत्यु में आयोजित कार्यक्रमों में रुपये खर्च किए गए हैं। जरूरतमंद परिवार के किसी जानने वाले के माध्यम से यह रकम खर्च की गई है।पुलिस के अनुसार विभिन्न स्थानों पर जांच शुरू कर दी गई है।
जांच में बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन, हवाला नेटवर्क और विदेश से आने वाले फंड को भी शामिल किया गया है। गैंगस्टरों के संपर्क में रहने वाले लोगों की ग्रामवार सूची तैयार कराई जा रही है। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मदद की मध्यस्थता में शामिल 60 से अधिक लोगों को चिह्नित किया गया है, जिनसे पूछताछ की जाएगी। सभी का ब्योरा तैयार कर लिया गया है। संवाद
सोशल मीडिया और व्हाट्सएप कॉल से रंगदारी
पुलिस की जांच में सामने आया कि स्थानीय पुलिस से बचने के लिए गिरोह के पांच से दस सदस्य कनाडा, अमेरिका या अन्य देशों में बैठकर वसूली का नेटवर्क चला रहे हैं। वे वहीं से फर्जी आईडी बनाकर व्हाट्सएप, सोशल मीडिया के सहारे रंगदारी मांगते हैं। कुछ मामलों में हत्या के बाद गिरोह से जुड़े लोग खुद ही उसकी जिम्मेदारी लेने का दावा करते हैं।
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रिपोर्ट के अनुसार मदद करने के बाद उसकी तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा कराए जाते हैं। इससे लोगों के बीच गिरोह से जुड़े लोगों की पहचान और उनके प्रभाव का प्रचार होता है। पुलिस को आशंका है कि इसके जरिये गिरोह के सदस्य स्थानीय स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करते हुए युवाओं को भी गैंग से जोड़ रहे हैं।
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पुलिस जांच में पंजाब के गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, हरियाणा के गोगी, संपत नेहरा, दिल्ली के नीरज बवाना, वेस्ट यूपी के मुकीम काला, हरियाणा के सोनीपत के रोहित , सोनीपत के भोलू, दिल्ली के टिल्लू और हरियाणा के पपला गिरोह से जुड़े गुर्गों के रुपये खर्च करने की जानकारी सामने आई है।
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एसपी एनपी सिंह के अनुसार गैग के गुर्गों द्वारा पिछले चार माह में दिल्ली के सरोजनी नगर और शाहदरा के अलावा सोनीपत, पानीपत, रोहतक, हिसार, करनाल, शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और मेरठ में शादी समारोह और किसी व्यक्ति की मृत्यु में आयोजित कार्यक्रमों में रुपये खर्च किए गए हैं। जरूरतमंद परिवार के किसी जानने वाले के माध्यम से यह रकम खर्च की गई है।पुलिस के अनुसार विभिन्न स्थानों पर जांच शुरू कर दी गई है।
जांच में बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन, हवाला नेटवर्क और विदेश से आने वाले फंड को भी शामिल किया गया है। गैंगस्टरों के संपर्क में रहने वाले लोगों की ग्रामवार सूची तैयार कराई जा रही है। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मदद की मध्यस्थता में शामिल 60 से अधिक लोगों को चिह्नित किया गया है, जिनसे पूछताछ की जाएगी। सभी का ब्योरा तैयार कर लिया गया है। संवाद
सोशल मीडिया और व्हाट्सएप कॉल से रंगदारी
पुलिस की जांच में सामने आया कि स्थानीय पुलिस से बचने के लिए गिरोह के पांच से दस सदस्य कनाडा, अमेरिका या अन्य देशों में बैठकर वसूली का नेटवर्क चला रहे हैं। वे वहीं से फर्जी आईडी बनाकर व्हाट्सएप, सोशल मीडिया के सहारे रंगदारी मांगते हैं। कुछ मामलों में हत्या के बाद गिरोह से जुड़े लोग खुद ही उसकी जिम्मेदारी लेने का दावा करते हैं।