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भूमि का मिलेगा नक्शा, फसल नहीं उजाड़ी जाएगी
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शामली कलक्ट्रेट सभाकक्ष में मेरठ-करनाल हाईवे पर प्रस्तावित बाईपास को लेकर किसानों व अधिकारियों
- फोटो : SHAMLI
भूमि का मिलेगा नक्शा, फसल नहीं उजाड़ी जाएगी
शामली। मेरठ-करनाल हाईवे पर प्रस्तावित बाईपास को लेकर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा ने किसानों की समस्याओं को सुना। कहा कि बाईपास की जद में आने वाली भूमि के चिह्निकरण काम प्रशासन जल्द शुरू करेगा। किसानों को बाईपास की जद में आने वाली भूमि का नक्शा जारी करेगा।
शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में मेरठ-करनाल हाईवे पर प्रस्तावित बाईपास को लेकर मंत्री सुरेश राणा ने किसानों और अधिकारियों के साथ बैठक की। गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने डीएम जसजीत कौर की मौजूदगी में कहा कि बाईपास की भूमि का स्थाई रुप से चिह्निकरण करके अंतिम रुप देकर नक्शा जारी किया जाएगा। जिससे किसानों की उनकी भूमि का पता लगे कि उनकी कितनी भूमि बाईपास में जा रही है। किसानों ने तर्क दिया कि बाईपास और हाईवे की जद में आने वाली भूमि में फसल को न उजाड़ा जाए। किसानों की गन्ने की फसल का चीनी मिल में पहले पर्ची देकर व्यवस्था कराई जाए। चकों के बीच जा रहे बाईपास के किनारे नाली बनाकर पानी की व्यवस्था की जाए। बैठक में बाईपास की जद में आ रहे बागों में पेड़ों की कम कीमत का मुद्दा उठाते हुए किसानों ने कहा कि वन विभाग द्वारा बागों की भूमि की जद में पेड़ों की कीमत लगाई गई है। उद्यान विभाग द्वारा बागों के पेड़ों की कीमत लगाई जाने व एक समान मुआवजा किसानों को दिया जाए।
किसानों ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार को दिए जाने वाला ढाई प्रतिशत का पर्यवेक्षण शुल्क किसानों से काटा जाए। गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि जो किसान इस बाईपास पर छूट गए हैं और उनकी जमीन इस बाईपास पर आ रही है उनको उसका मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने किसानों की भूमि की पैमाइश करके स्थाई रुप से चिंहीकरण करके किसानों को नक्शा जारी करके खंभे लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाइपास की जद में आने वाली भूमि में गन्ने की फसल के लिए चीनी मिल में सबसे पहले गन्ना डलवाने की व्यवस्था गन्ना विभाग से बातकर करके की जाएगी। बैठक में एडीएम अरविंद कुमार सिंह, एसडीएम सदर संदीप कुमार, राष्ट्रीय राजमार्ग परिषद के अभियंता सतप्रकाश तिवारी, अवनीश पराशर, दिल्ली-शामली, सहारनपुर निर्माण एजेंसी के कोर्डीनेटर दिनेश सिंघल, किसान की ओर से प्रताप चौधरी, पूर्व प्रधान सुधीर गोहरनी, रमेश आदि रहे।
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शामली। मेरठ-करनाल हाईवे पर प्रस्तावित बाईपास को लेकर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा ने किसानों की समस्याओं को सुना। कहा कि बाईपास की जद में आने वाली भूमि के चिह्निकरण काम प्रशासन जल्द शुरू करेगा। किसानों को बाईपास की जद में आने वाली भूमि का नक्शा जारी करेगा।
शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में मेरठ-करनाल हाईवे पर प्रस्तावित बाईपास को लेकर मंत्री सुरेश राणा ने किसानों और अधिकारियों के साथ बैठक की। गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने डीएम जसजीत कौर की मौजूदगी में कहा कि बाईपास की भूमि का स्थाई रुप से चिह्निकरण करके अंतिम रुप देकर नक्शा जारी किया जाएगा। जिससे किसानों की उनकी भूमि का पता लगे कि उनकी कितनी भूमि बाईपास में जा रही है। किसानों ने तर्क दिया कि बाईपास और हाईवे की जद में आने वाली भूमि में फसल को न उजाड़ा जाए। किसानों की गन्ने की फसल का चीनी मिल में पहले पर्ची देकर व्यवस्था कराई जाए। चकों के बीच जा रहे बाईपास के किनारे नाली बनाकर पानी की व्यवस्था की जाए। बैठक में बाईपास की जद में आ रहे बागों में पेड़ों की कम कीमत का मुद्दा उठाते हुए किसानों ने कहा कि वन विभाग द्वारा बागों की भूमि की जद में पेड़ों की कीमत लगाई गई है। उद्यान विभाग द्वारा बागों के पेड़ों की कीमत लगाई जाने व एक समान मुआवजा किसानों को दिया जाए।
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किसानों ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार को दिए जाने वाला ढाई प्रतिशत का पर्यवेक्षण शुल्क किसानों से काटा जाए। गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि जो किसान इस बाईपास पर छूट गए हैं और उनकी जमीन इस बाईपास पर आ रही है उनको उसका मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने किसानों की भूमि की पैमाइश करके स्थाई रुप से चिंहीकरण करके किसानों को नक्शा जारी करके खंभे लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाइपास की जद में आने वाली भूमि में गन्ने की फसल के लिए चीनी मिल में सबसे पहले गन्ना डलवाने की व्यवस्था गन्ना विभाग से बातकर करके की जाएगी। बैठक में एडीएम अरविंद कुमार सिंह, एसडीएम सदर संदीप कुमार, राष्ट्रीय राजमार्ग परिषद के अभियंता सतप्रकाश तिवारी, अवनीश पराशर, दिल्ली-शामली, सहारनपुर निर्माण एजेंसी के कोर्डीनेटर दिनेश सिंघल, किसान की ओर से प्रताप चौधरी, पूर्व प्रधान सुधीर गोहरनी, रमेश आदि रहे।
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