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पुलिस के खुलासे में अभी भी कई सवाल अनुत्तरित
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पुलिस के खुलासे में अभी भी कई सवाल अनुत्तरित
शामली। भजन गायक अजय पाठक सहित परिवार के चार सदस्यों की हत्या का खुलासे में अभी कई सवाल अनुत्तरित हैं। अजय पाठक के परिजन भी कुछ बातों से स्पष्ट तौर पर सहमत नहीं है। शहर में भी इस पर चर्चा कर रहे हैं। इस खुलासे में कई सवाल हैं जिनके जवाब अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को रिमांड पर लेकर इन्हें स्पष्ट किया जाएगा।
अकेले व्यक्ति ने कैसे की इतनी बड़ी वारदात
पुलिस के अनुसार अभी तक केवल हिमांशु ही आरोपी मिला है, लेकिन शहर में आम चर्चा है कि केवल एक ही व्यक्ति चार लोगों को नहीं मार सकता। अजय पाठक तो शरीर में काफी मजबूत और हट्टे कट्टे थे, वो तो अकेले ही हिमांशु को काबू में कर लेते। यह भी सवाल है कि मोहल्ले में किसी को भनक क्यों नहीं लगी। खुद परिजन भी इससे सहमत नहीं लग रहे।
अजय पर बकाए से परिजन सहमत नहीं
पुलिस के अनुसार हिमांशु अजय पाठक पर अपने 60 हजार रुपये बकाया बता रहा है। हिमांशु एक-एक दो -दो हजार रुपये अजय को देता था, लेकिन मांगने पर रुपये वापस नहीं मिले। इस वजह से वो अजय से खफा था और यही गुस्सा वारदात की वजह बना, लेकिन अजय पाठक के परिजन इससे सहमत नहीं है। उनके भाई हरिओम पाठक का कहना है कि अजय पर पैसों की कोई दिक्कत नहीं थी। वह तो अपनी मंडली के सदस्यों, शिष्यों की मदद करते थे।
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...तों कहां खड़ी की हिमांशु ने कार
पंजाबी कालोनी के लोगों में चर्चा थी कि वारदात के बाद उसी दिन दोपहर बाद हिमांशु को कालोनी में देखा गया वो बाइक से वहां आया था। ऐसे में ये सवाल उठता है कि यदि हिमांशु वास्तव में कालोनी में आया था तो उस वक्त उसने अजय पाठक की कार कहां छिपाई। उसे कहां खड़ा किया होगा। ये बात भी अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
कहां गई अजय की अंगूठी और स्नेहा का बैग
परिजनों के अनुसार अजय अपने हाथ में अंगूठी और गले में चेन पहनते थे। वारदात के बाद वो भी गायब हैं। स्नेहा की अलमारी से उसका बैग भी गायब हैं, लेकिन पुलिस भी हत्यारोपी से इनकी बरामदगी नहीं कर सकी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब पुलिस ने हत्यारोपी से मोबाइल फोन, हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद कर लिए तो अंगूठी और बैग आदि कहां हैं। क्या ये सामान उसने किसी साथी को तो नहीं दिया।
नहीं लगाई लूट की धारा
परिजनों के अनुसार अजय पाठक की अंगूठी और अलमारी से स्नेहा का बैग गायब है। पुलिस ने इस घटना में दर्ज की गई रिपोर्ट में लूट की धारा नहीं लगाई, ये भी बड़ा सवाल है। हालांकि पुलिस का कहना है कि केस की विवेचना चल रही है, इसमें घर से सामान ले जाने की बात आ रही है। विवेचना में लूट की धारा बढ़ाई जाएगी।
परिजनों ने दर्ज कराई नामजद रिपोर्ट
पुलिस के अनुसार इस हत्याकांड की तहरीर आधी रात बाद आई थी। परिजनों के शक के आधार पर हत्यारोपी हिमांशु के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई थी। ये केस हत्या, अपहरण, सबूत नष्ट करना, घर से सामान ले जाने की धारा में दर्ज किया है।
कोट
केस की विवेचना चल रही है। कुछ बातों को अभी और स्पष्ट किया जाएगा। हिमांशु को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया है। उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी और सभी तथ्य स्पष्ट किए जाएंगे। घर से गायब सामान का भी पता लगाया जाएगा। विवेचना के आधार पर केस में धारा भी बढे़ंगी। - विनीत जायसवाल, एसपी
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शामली। भजन गायक अजय पाठक सहित परिवार के चार सदस्यों की हत्या का खुलासे में अभी कई सवाल अनुत्तरित हैं। अजय पाठक के परिजन भी कुछ बातों से स्पष्ट तौर पर सहमत नहीं है। शहर में भी इस पर चर्चा कर रहे हैं। इस खुलासे में कई सवाल हैं जिनके जवाब अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को रिमांड पर लेकर इन्हें स्पष्ट किया जाएगा।
अकेले व्यक्ति ने कैसे की इतनी बड़ी वारदात
पुलिस के अनुसार अभी तक केवल हिमांशु ही आरोपी मिला है, लेकिन शहर में आम चर्चा है कि केवल एक ही व्यक्ति चार लोगों को नहीं मार सकता। अजय पाठक तो शरीर में काफी मजबूत और हट्टे कट्टे थे, वो तो अकेले ही हिमांशु को काबू में कर लेते। यह भी सवाल है कि मोहल्ले में किसी को भनक क्यों नहीं लगी। खुद परिजन भी इससे सहमत नहीं लग रहे।
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अजय पर बकाए से परिजन सहमत नहीं
पुलिस के अनुसार हिमांशु अजय पाठक पर अपने 60 हजार रुपये बकाया बता रहा है। हिमांशु एक-एक दो -दो हजार रुपये अजय को देता था, लेकिन मांगने पर रुपये वापस नहीं मिले। इस वजह से वो अजय से खफा था और यही गुस्सा वारदात की वजह बना, लेकिन अजय पाठक के परिजन इससे सहमत नहीं है। उनके भाई हरिओम पाठक का कहना है कि अजय पर पैसों की कोई दिक्कत नहीं थी। वह तो अपनी मंडली के सदस्यों, शिष्यों की मदद करते थे।
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...तों कहां खड़ी की हिमांशु ने कार
पंजाबी कालोनी के लोगों में चर्चा थी कि वारदात के बाद उसी दिन दोपहर बाद हिमांशु को कालोनी में देखा गया वो बाइक से वहां आया था। ऐसे में ये सवाल उठता है कि यदि हिमांशु वास्तव में कालोनी में आया था तो उस वक्त उसने अजय पाठक की कार कहां छिपाई। उसे कहां खड़ा किया होगा। ये बात भी अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
कहां गई अजय की अंगूठी और स्नेहा का बैग
परिजनों के अनुसार अजय अपने हाथ में अंगूठी और गले में चेन पहनते थे। वारदात के बाद वो भी गायब हैं। स्नेहा की अलमारी से उसका बैग भी गायब हैं, लेकिन पुलिस भी हत्यारोपी से इनकी बरामदगी नहीं कर सकी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब पुलिस ने हत्यारोपी से मोबाइल फोन, हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद कर लिए तो अंगूठी और बैग आदि कहां हैं। क्या ये सामान उसने किसी साथी को तो नहीं दिया।
नहीं लगाई लूट की धारा
परिजनों के अनुसार अजय पाठक की अंगूठी और अलमारी से स्नेहा का बैग गायब है। पुलिस ने इस घटना में दर्ज की गई रिपोर्ट में लूट की धारा नहीं लगाई, ये भी बड़ा सवाल है। हालांकि पुलिस का कहना है कि केस की विवेचना चल रही है, इसमें घर से सामान ले जाने की बात आ रही है। विवेचना में लूट की धारा बढ़ाई जाएगी।
परिजनों ने दर्ज कराई नामजद रिपोर्ट
पुलिस के अनुसार इस हत्याकांड की तहरीर आधी रात बाद आई थी। परिजनों के शक के आधार पर हत्यारोपी हिमांशु के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई थी। ये केस हत्या, अपहरण, सबूत नष्ट करना, घर से सामान ले जाने की धारा में दर्ज किया है।
कोट
केस की विवेचना चल रही है। कुछ बातों को अभी और स्पष्ट किया जाएगा। हिमांशु को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया है। उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी और सभी तथ्य स्पष्ट किए जाएंगे। घर से गायब सामान का भी पता लगाया जाएगा। विवेचना के आधार पर केस में धारा भी बढे़ंगी। - विनीत जायसवाल, एसपी