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जीएसटी पर उद्यमियों के साथ मंत्रणा
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Tue, 04 Jul 2017 11:48 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। जीएसटी के संबंध में मंगलवार को वाणिज्यकर अधिकारियों की उद्यमियों के साथ बैठक हुई। उद्यमियों ने सर्विस टैक्स के साथ ही स्टाक में मौजूद सामान पर आईटीसी के लाभ के बारे में जानकारी की।
मंगलवार को इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन शामली चैप्टर के पदाधिकारियों ने जीएसटी लागू होने के बाद उद्यमियों के सामने आने वाली दिक्कतों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि उद्यमी कच्चा माल बाहर से मंगाते हैं, तो उस पर ट्रांसपोर्टेशन पर लगने वाले टैक्स की क्या स्थिति रहेगी।
इसके अलावा स्टाक में मौजूद सामान जो जीएसटी लगने से पहले से रखा है, उस पर आईटीसी कैसे मिलेगा। वाणिज्यकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर एके दोहरे ने बताया कि जीएसटी की नियमावली स्पष्ट है, जिसमें किसी भी प्रकार से बदलाव नहीं हो सकता है।
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इस दौरान वाणिज्यकर अधिकारी पीडी गुप्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता एससी अग्रवाल के अलावा उद्यमी वेदप्रकाश आर्य, अशोक बंसल, जेके जैन, आलोक जैन, नरेंद्र अग्रवाल तथा मयंक जैन आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
उधर, दोपहर गुड़ मंडी व्यापारियों ने वाणिज्यकर कार्यालय पहुंचकर गुड़ व्यापारियों के रजिस्ट्रेशन के बारे में जानकारी ली। वाणिज्यकर अधिकारियों ने बताया कि जीएसटी में गुड़ पर कोई टैक्स नहीं है, लेकिन बाहर से पैकिंग मैटिरियल मंगाने में रजिस्ट्रेशन कराना पड़ सकता है। यदि ट्रांसपोर्टर का रजिस्ट्रेशन होगा, तो गुड़ व्यापारी को रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होगी।
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मंगलवार को इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन शामली चैप्टर के पदाधिकारियों ने जीएसटी लागू होने के बाद उद्यमियों के सामने आने वाली दिक्कतों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि उद्यमी कच्चा माल बाहर से मंगाते हैं, तो उस पर ट्रांसपोर्टेशन पर लगने वाले टैक्स की क्या स्थिति रहेगी।
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इसके अलावा स्टाक में मौजूद सामान जो जीएसटी लगने से पहले से रखा है, उस पर आईटीसी कैसे मिलेगा। वाणिज्यकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर एके दोहरे ने बताया कि जीएसटी की नियमावली स्पष्ट है, जिसमें किसी भी प्रकार से बदलाव नहीं हो सकता है।
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इस दौरान वाणिज्यकर अधिकारी पीडी गुप्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता एससी अग्रवाल के अलावा उद्यमी वेदप्रकाश आर्य, अशोक बंसल, जेके जैन, आलोक जैन, नरेंद्र अग्रवाल तथा मयंक जैन आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
उधर, दोपहर गुड़ मंडी व्यापारियों ने वाणिज्यकर कार्यालय पहुंचकर गुड़ व्यापारियों के रजिस्ट्रेशन के बारे में जानकारी ली। वाणिज्यकर अधिकारियों ने बताया कि जीएसटी में गुड़ पर कोई टैक्स नहीं है, लेकिन बाहर से पैकिंग मैटिरियल मंगाने में रजिस्ट्रेशन कराना पड़ सकता है। यदि ट्रांसपोर्टर का रजिस्ट्रेशन होगा, तो गुड़ व्यापारी को रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होगी।