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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Location of mining officials was shared as soon as money was received, kingpin arrested, report filed on 92

Impact: रुपये मिलते ही शेयर होती थी माइनिंग अधिकारियों की लोकेशन, सरगना गिरफ्तार, 92 पर रिपोर्ट दर्ज

Wed, 11 Oct 2023 10:34 PM IST
Dimple Sirohi महबूब अली, संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
महबूब अली, संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 11 Oct 2023 10:34 PM IST
सार

रुपये लेकर माइनिंग अधिकारियों की लोकेशन शेयर करने के मामले में शामली पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। अमर उजाला ने इसकी खबर को प्रमुख रूप से प्रकाशित किया था। जिस पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने गिरोह के सरगना को गिरफ्तार कर लिया। वहीं 92 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
 

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Location of mining officials was shared as soon as money was received, kingpin arrested, report filed on 92
शामली पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

व्हाट्सएप ग्रुपों में यूपी के अलावा अन्य जिलों के एआरटीओ, खान और अन्य अधिकारियों की लोकेशन शेयर करने के मामले में पुलिस ने गिरोह के सरगना को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, सरगना समेत 92 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। गिरोह के सरगना ने खुलासा किया कि वह पिछले 5 साल लोकेशन शेयर कर रहे थे। एसपी ने जल्द गिरोह के फरार सदस्यों को भी पकड़ने की बात कहीं है।

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अमर उजाला ने 6 अक्तूबर के अंक में व्हाट्सएप ग्रुपों पर लोकेशन देने का खेल नामक शीर्षक से प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित की थी। जिसमें ओवरलोड और अन्य वाहनों को निकलवाने के लिए अधिकारियों की लोकेशन व्हाट्सएप ग्रुपों पर शेयर कर 1500 तक रुपये लिए जाते थे। 

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एसपी अभिषेक ने बताया कि प्रकाशित खबर का संज्ञान लेकर मामले की जांच कराई गई। पता चला कि सबका साथ सबका विकास नामक ग्रुप में लोकेशन शेयर करने का खेल चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के सरगना शामली के टिटौली के रहने वाले वसीम पुत्र रईस को गिरफ्तार कर लिया। जिसके कब्जे से एक कार, मोबाइल फोन बरामद किया गया।

जांच में पता चला कि 91 और लोग ग्रुप में शामिल है, जिनमें ट्रक चालकों के अलावा ट्रक मालिक भी हैं। सभी 92 के खिलाफ आईपीसी की धारा धारा 186 और 34 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।

 

गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने सबका साथ सबका विकास नाम से व्हाट्सएप पर ग्रुप बना रखा था। जिसका एडमिन वह खुद है। ग्रुप में 92 सदस्य हैं। लोकेशन शेयर करने के बदले चालक और मालिकों से यूपीआईडी के माध्यम से 1 हजार से लेकर 1500 रुपये लिए जाते थे।

मांगने पर इस ग्रुप में जनपद मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, कर्नाटक राज्य के अधिकारियों की लोकेशन उपलब्ध कराई जाती थी, जिसके अनुसार वाहन चालक अधिकारियों से बचने के लिए गाड़ी को सुरक्षित स्थान पर खड़ी कर लेते हैं तथा अधिकारियों के जाने के बाद वाहन को गंतव्य तक ले जाने की सूचना देते थे।

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